बिहार के प्राइवेट स्कूलों पर सम्राट सरकार की सख्ती
15,668 से ज्यादा प्राइवेट स्कूल बिहार सरकार के रडार पर
श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क
बिहार की सम्राट चौधरी सकार ने प्राइवेट स्कूलों पर नकेल कसने की तैयारी कर ली है। शिक्षा विभाग 1 जुलाई से राज्य भर के निजी विद्यालयों में धुआंधार चेकिंग अभियान चलाएगा। इसके तहत सभी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों की सघन जांच की जाएगी। इस क्रम में यह देखा जाएगा कि स्कूल संचालक सरकारी निर्देशों का कितना पालन कर रहे हैं। साथ ही, विद्यालयों में आधारभूत संरचना, शिक्षकों की उपलब्धता, नामांकन, विद्यार्थियों की सुविधाओं और अन्य निर्धारित मानकों की भी जांच की जाएगी।
शिक्षा विभाग आगामी 1 जुलाई से पूरे एक महीने तक यह अभियान चलाएगा। इसमें तमाम मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों की कार्यप्रणाली की जांच की जाएगी। खासकर यह देखा जाएगा कि इन स्कूलों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) और बिहार राज्य बच्चों की मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा नियमावली का पालन हो रहा है, या नहीं। अभी बिहार में 19186 प्राइवेट स्कूल पंजीकृत हैं। इनके अलावा, 1012 निजी स्कूलों की मंजूरी प्रक्रियाधीन है।
फर्जी मदरसे और संस्कृत विद्यालय बंद होंगे
इसके अलावा, सम्राट सरकार फर्जी मदरसों और संस्कृत विद्यालयों पर भी चाबुक चलाएगी। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि बिहार में चलने वाले सभी मदरसों और संस्कृत विद्यालयों की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद जो फर्जी मदरसा और संस्कृत विद्यालय पाए जाएंगे, उनको बंद किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में शिक्षा के नाम पर किसी भी तरह के फर्जीवाड़े को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इन्हें बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। नियमों के विरुद्ध चलने वाले सभी विद्यालय, मदरसों पर ताला लगाया जाएगा।
15,668 से ज्यादा प्राइवेट स्कूल बिहार सरकार के रडार पर
बिहार सरकार ने निजी विद्यालयों की मनमानी पर सख्त रुख अपनाते हुए राज्यभर के 15,668 प्रस्वीकृत निजी स्कूलों की जांच का आदेश दिया है। शिक्षा विभाग ने सभी प्रमंडलीय आयुक्तों को अभियान चलाकर जांच पूरी करने का निर्देश दिया है।
इस कार्रवाई के बाद निजी स्कूल संचालकों में हड़कंप मच गया है। जांच में स्कूलों की आधारभूत संरचना से लेकर फीस और शिक्षकों के वेतन तक की पड़ताल की जाएगी।
शिक्षा विभाग ने जारी किया सख्त आदेश
शिक्षा विभाग के सचिव विनोद सिंह गुजियाल ने सभी प्रमंडलीय आयुक्तों को ई-मेल के माध्यम से निर्देश भेजा है।
आदेश में कहा गया है कि सभी जिलों में जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम बनाकर जांच सुनिश्चित कराई जाए।
जांच टीम में कई बड़े अधिकारी शामिल
जिला स्तर पर होने वाली जांच में जिलाधिकारी, उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी और प्रखंड विकास पदाधिकारी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।
सरकार चाहती है कि जांच निष्पक्ष और व्यापक तरीके से हो ताकि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों की पहचान हो सके।
फीस, सुविधा और शिक्षकों की होगी पड़ताल
जांच के दौरान स्कूलों की शैक्षणिक आधारभूत संरचना, शिक्षकों और कर्मचारियों की संख्या तथा उनके वेतनमान की जांच की जाएगी।
इसके अलावा बच्चों से ली जा रही फीस और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का भी आकलन होगा।
शिक्षा का अधिकार कानून के तहत होगी जांच
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी स्कूलों की जांच शिक्षा का अधिकार अधिनियम और बिहार राज्य बच्चों की मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा नियमावली 2011 के तहत की जाएगी।
यह भी देखा जाएगा कि स्कूल निर्धारित मानकों और शर्तों का पालन कर रहे हैं या नहीं।
मान्यता के नवीनीकरण की भी होगी जांच
सरकार ने यह भी जांचने का निर्देश दिया है कि संबंधित निजी स्कूलों ने अपनी प्रस्वीकृति का समय पर नवीनीकरण कराया है या नहीं।
विभाग के अनुसार निजी स्कूलों को तीन वर्षों के लिए सशर्त प्रस्वीकृति दी जाती है, जिसके बाद मानकों के आधार पर उसका नवीनीकरण होता है।
नियम तोड़ने वाले स्कूलों पर होगी कार्रवाई
यदि जांच के दौरान किसी स्कूल में मानकों का उल्लंघन या नियमों की अनदेखी पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि जरूरत पड़ने पर ऐसे स्कूलों की प्रस्वीकृति भी रद्द की जा सकती है।
राज्य में 30 हजार से ज्यादा निजी स्कूल
बिहार में करीब 30 हजार निजी विद्यालय संचालित हैं, जिनमें से 15,668 स्कूल सरकार से प्रस्वीकृत हैं।
वहीं 1012 निजी विद्यालय अभी प्रस्वीकृति प्राप्त करने की प्रक्रिया में बताए जा रहे हैं।
अभिभावकों को मिल सकती है राहत
सरकार की इस कार्रवाई से अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। लंबे समय से निजी स्कूलों पर मनमानी फीस वसूलने और नियमों की अनदेखी के आरोप लगते रहे हैं।
अब देखना होगा कि जांच अभियान के बाद शिक्षा विभाग निजी स्कूलों के खिलाफ कितना सख्त कदम उठाता है।
