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गुजरात एटीएस और भारतीय तटरक्षक बल ने 115 किलोग्राम कोकीन किया जब्त

गुजरात एटीएस और भारतीय तटरक्षक बल ने 115 किलोग्राम कोकीन किया जब्त

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

समुद्री मार्ग से मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ गुजरात एटीएस (ATS) और भारतीय तटरक्षक बल (Coast Guard) को बड़ी सफलता मिली है। गुजरात एटीएस और भारतीय तटरक्षक बल ने मुंद्रा बंदरगाह पर एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए 115 किलोग्राम कोकीन जब्त की है।

दरअसल, 115 किलो कोकीन एक मालवाहक जहाज के मोटर रूम में छिपी हुई थी। ‘एमवी यूरोप’ (MV Europe) नाम का यह मालवाहक जहाज ब्राजील से रवाना होकर अर्जेंटीना, अमेरिका और पाकिस्तान समेत 7 देशों के 23 बंदरगाहों से गुजरते हुए 196 दिनों के सफर के बाद भारत पहुंचा था। हैरानी की बात यह है कि इस लंबी यात्रा के दौरान किसी भी देश की सुरक्षा एजेंसी को जहाज के मोटर रूम में छिपाई गई इस भारी-भरकम खेप की भनक तक नहीं लगी।

जांच एजेंसियों को अंदेशा है कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग माफिया भारत को एक ‘डिस्ट्रिब्यूशन पॉइंट’ (वितरण केंद्र) के रूप में इस्तेमाल करने की फिराक में थे। यह भारत के इतिहास में समुद्र के रास्ते पकड़ी गई ड्रग्स की अब तक की सबसे बड़ी खेप है। जब्त किए गए मादक पदार्थों का अनुमानित अंतर्राष्ट्रीय बाजार मूल्य लगभग 1150 करोड़ रुपये है।

मई में ही मिल गई थी जानकारी

ATS के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि उन्हें इस खेप के बारे में पहली खुफिया जानकारी पिछले साल मई में मिली थी। उस समय, कथित तौर पर इन नशीले पदार्थों को अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों से भेजने की तैयारी में पैक किया जा रहा था। ATS को मिले शिपिंग रिकॉर्ड से पता चलता है कि जहाज का पहला दर्ज ठहराव 11 नवंबर, 2025 को ब्राजील के साओ विसेंट में हुआ था।

मोटर के बीच महीनों छिपी रही कोकीन

ATS के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हम इस बात से हैरान हैं कि ब्राजील से चली यह कोकीन, जहाज के मोटर रूम में महीनों तक कैसे छिपी रही, जबकि जहाज भारतीय जलक्षेत्र में पहुंचने से पहले कई अलग-अलग अधिकार क्षेत्रों से गुजरा था।”

कहां कब पहुंचा?

समुद्र में उतरने के बाद, जहाज पनामा नहर से गुजरने से पहले ब्राजील, अर्जेंटीना और उरुग्वे से होकर गुजरा। इसके बाद यह बहामास, डोमिनिकन रिपब्लिक और अमेरिका के पूर्वी तट पर स्थित कई बंदरगाहों की ओर बढ़ा। ATS अधिकारियों ने बताया कि जहाज बार-बार कुछ खास बंदरगाहों और लंगर डालने की जगहों पर वापस गया, और इस पूरे सफर के दौरान 40 जगहों पर रूका।

आखिरकार, एमवी यूरोप दक्षिण एशिया की ओर मुड़ गया। यह 19 मई को मुंबई के पास जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह पर पहुंचा, 22 मई को पाकिस्तान के पोर्ट कासिम के लिए रवाना हुआ और 26 मई को मुंद्रा पहुंच गया। जिसके बाद कोस्ट गार्ड और ATS की लगातार निगरानी ने इस सोची-समझी तस्करी की योजना को नाकाम कर दिया।

अधिकारियों ने बताया कि उन्हें शक है कि कोकीन की यह पूरी खेप जरूरी नहीं कि भारत ही पहुंचनी थी, लेकिन इस बात के संकेत मिले हैं कि भारत को इस कोकीन के वितरण केंद्र के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता था। हम इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या इस खेप का कुछ हिस्सा जमीन पर लाने के बाद, हवाई जहाज के जरिए दूसरे देशों में भेजने की योजना थी।”

गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) एवं भारतीय तटरक्षक दल ने मुंद्रा पोर्ट के पास समुद्री किनारे पर लंगर डालकर खड़े एक कार्गो शिप से 150 किलो कोकीन बरामद की है। इस मादक पदार्थ की अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में कीमत 1150 करोड़ रुपये है। यह कोकीन ब्राजील से आई थी और गुजरात के रास्‍ते दिल्‍ली भेजी जानी थी।

पुलिस ने इस मामले में तीन विदेशी तस्‍करों को गिरफ्तार किया है। गुजरात के पुलिस महानिदेशक के एलएन राव ने बताया कि यह कार्रवाई समुद्री मार्ग से मादक पदार्थ की तस्करी संबंधी गुजरात एटीएस द्वारा साझा की गई विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर की गई।

भारतीय तटरक्षक बल की इंटरसेप्टर नौकाओं में सवार एटीएस कर्मियों ने मुंद्रा एंकरेज क्षेत्र में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया, जहां ‘एमवी यूरोप’ नामक एक कार्गो शिप पर संदिग्ध गतिविधियां देखी गईं। यह पोत मुंद्रा तट से लगभग पांच समुद्री मील दूर लंगर डाले हुए था।

संयुक्त टीम ने अंधेरे के दौरान शिप से कुछ बैगों को समुद्र में फेंकते हुए देखा। इसके बाद एटीएस और तटरक्षक बल के जवान तुरंत मौके पर पहुंचे और कम दृश्यता के बावजूद समुद्र से पांच बैग बरामद किए।

जांच के दौरान बैगों में लगभग एक-एक किलोग्राम वजन वाले कोकीन के 115 पैकेट पाए गए। इस दौरान शिप से तंजानिया के नागरिक जुमा नासिर ओमर को गिरफ्तार किया गया जबकि उसका साथी नगिंगिते नासोरो जुमाने समुद्र में कूद गया। उसकी तलाश जारी है।

उन्होंने बताया कि उसके बाद दिल्ली के द्वारका क्षेत्र से दो अन्य विदेशी नागरिकों नाइजीरिया निवासी केल्विन चुकवुआमा और युगांडा के बैरुंगे जेम्स को गिरफ्तार किया गया है। ये दोनों मादक पदार्थ की डिलीवरी लेने वाले थे।

ब्राजील से लोड की गई थी खेप

गुजरात के रास्ते दिल्ली पहुंचाई जानी थी डीजीपी ने बताया कि यह मादक पदार्थ लैटिन अमेरिका के मैक्सिको और कराची के रास्ते आया था। इसे गत वर्ष नवंबर में ब्राजील में जहाज पर लादा गया था और इसे गुजरात के रास्ते दिल्ली पहुंचाया जाना था।

चालक दल को बताए बिना इसे इंजन रूम में छिपाया गया था। पुलिस को शिप से बरामद थैलों से जीपीएस डिवाइस, सेटेलाइट कम्युनिकेशन उपकरण तथा एयरटैग मिले हैं, जिससे पता चलता है कि तस्करी के दौरान प्रतिबंधित सामान को इलेक्ट्रानिक रूप से ट्रैक किया जा रहा था।

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