मिडिल-ईस्ट में तनाव का असर: सैकड़ों उड़ानें रद?
ईरान-इजराइल संघर्ष के बीच 900 उड़ानें रद
श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

पश्चिम एशिया Middle East में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और हवाई क्षेत्र पर लगे प्रतिबंधों ने भारतीय विमानन सेवाओं को बुरी तरह प्रभावित किया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) के अनुसार, ईरान और उसके आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा जोखिमों के कारण शनिवार और रविवार को सैकड़ों उड़ानों के रद होने का अनुमान है।
उड़ानों पर संकट
मंत्रालय द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, हवाई क्षेत्र में प्रतिबंधों के चलते परिचालन संबंधी चुनौतियाँ बढ़ गई हैं शनिवार को घरेलू एयरलाइनों की 410 उड़ानें रद्द की गईं। इसके साथ ही 1 मार्च को लगभग 444 उड़ानों के रद होने की संभावना जताई गई है।मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वे स्थिति पर पैनी नजर रख रहे हैं और यात्रियों की असुविधा को न्यूनतम करने के लिए एयरलाइनों व हवाई अड्डा संचालकों के साथ निरंतर समन्वय कर रहे हैं।
एयर इंडिया और इंडिगो का रिएक्शन
देश की प्रमुख एयरलाइनों ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कई अंतरराष्ट्रीय रूटों पर परिचालन स्थगित कर दिया है। एयर इंडिया ने 1 मार्च को यूरोप, अमेरिका और कनाडा जाने वाली 28 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द की हैं।इनमें दिल्ली और मुंबई से लंदन, न्यूयॉर्क, शिकागो, टोरंटो और पेरिस जैसे प्रमुख गंतव्य शामिल हैं। इसके साथ ही कंपनी ने मध्य-पूर्व के सभी गंतव्यों के लिए अपनी सेवाएं फिलहाल निलंबित कर दी हैं।
वहीं इंडिगो ने भी स्थिति की बारीकी से निगरानी करते यात्रियों के लिए निरंतर ‘ट्रैवल एडवाइजरी’ जारी कर रही है। प्रभावित यात्रियों को एयरलाइनों द्वारा री-बुकिंग और रिफंड के विकल्प दिए जा रहे हैं।
यात्रियों की मदद के लिए सरकार ने पैसेंजर असिस्टेंस कंट्रोल रूम PACR को सक्रिय कर दिया है। AirSewa पोर्टल: 28 फरवरी को इस पोर्टल पर 216 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 105 का तत्काल समाधान किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों को टर्मिनल भीड़ प्रबंधन और यात्री सहायता के लिए हवाई अड्डों पर तैनात किया गया है।
केरल के हवाई अड्डों पर खाड़ी देशों की उड़ानों के रद्द होने का व्यापक असर देखा गया। कोच्चि से दोहा, दुबई, अबू धाबी और रस अल खैमाह जाने वाली उड़ानें या तो रद्द कर दी गईं या उनका मार्ग बदल दिया गया। कतर एयरवेज ने भी अपनी दोहा सेवाओं को अस्थायी रूप से रोक दिया ह
सुरक्षा और भविष्य की रणनीति
नागरिक उड्डयन मंत्री ने एयरलाइन ऑपरेटरों, DGCA और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में सभी एयरलाइनों को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुसार रूट बदलने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों को इमरजेंसी लैंडिंग और संभावित डायवर्जन के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
पूरी स्थिती को देखते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय, विदेश मंत्रालय के साथ संपर्क में है ताकि विदेश में फंसे भारतीयों की सहायता की जा सके।मध्य-पूर्व की स्थिति अभी भी अस्थिर है, इसलिए यात्रियों को सुझाव दिया जाता है कि वे हवाई अड्डे के लिए निकलने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति संबंधित एयरलाइन की वेबसाइट या ऐप पर अनिवार्य रूप से जांच लें।
ईरान-इजराइल संघर्ष के बीच 900 उड़ानें रद
ईरान-इजराइल में संघर्ष के बीच मिडिल ईस्ट में हमले की वजह से कई बड़े एयरस्पेस बंद हो गए। इस वजह से दुनिया का सबसे व्यस्त ईस्ट-वेस्ट फ्लाइट कॉरिडोर ठप हो गया।दुबई में हवाई सेवाएं सस्पेंड कर दी गईं, जिससे सैकड़ों उड़ानें रद्द हो गईं और भारतीय एयरलाइंस को इस क्षेत्र में ऑपरेशन रोकने पर मजबूर होना पड़ा क्योंकि रेगुलेटर्स ने सिविल एविएशन के लिए गंभीर खतरों की चेतावनी दी थी।
UAE से इजराइल तक के एयरस्पेस बंद कर दिए गए, जिससे भारत और पश्चिम के बीच वन-स्टॉप ट्रैफिक वाले हब बंद हो गए। भारतीय एयरलाइन कंपनियों ने 2 मार्च तक इस क्षेत्र के लिए सभी उड़ानें रद कर दीं। शेड्यूल बिगड़ने से दुबई सहित एयरपोर्ट पर हजारों यात्री फंसे रहे।
सीरियम के डेटा से पता चला कि शनिवार को मिडिल ईस्ट एयरलाइन की करीब 900 उड़ानें रद्द कर दी गईं, जिनमें एमिरेट्स ग्रुप, कतर एयरवेज और एतिहाद शामिल थे। भारतीय एयरलाइन कंपनियों के विमान और क्रू पूरे क्षेत्र में फंस गए। एयर इंडिया ने तेल अवीव से स्टाफ को निकालने का काम किया।
पश्चिम एशिया का एयरस्पेस बंद होने से 98 उड़ानें रद
अबू धाबी में भारतीय दूतावास ने कहा कि वह “UAE के एयरपोर्ट पर फंसे भारतीय यात्रियों की देखभाल के लिए UAE अधिकारियों और एयरलाइंस के संपर्क में है।”
इसका असर भारत के गेटवे पर भी पड़ा। शनिवार रात 9.30 बजे तक मुंबई एयरपोर्ट पर 98 फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गईं और 5 को डायवर्ट कर दिया गया। इन उड़ानों में इंडिगो की मुंबई-लंदन सर्विस भी शामिल थी। फ्लाइट्स रद होने से 1 मार्च की यात्रा के लिए लंदन का एक तरफा डायरेक्ट टिकट 1.4 लाख रुपये तक पहुंच गया।
पूरे दिन एयरलाइन सस्पेंशन बढ़ता गया। एयर इंडिया ने रविवार को होने वाली कई लंबी दूरी की फ्लाइट्स कैंसिल कर दीं, जिनमें दिल्ली-मुंबई और अमृतसर से लंदन, न्यूयॉर्क, नेवार्क, शिकागो, टोरंटो, फ्रैंकफर्ट और पेरिस की सर्विस शामिल हैं।
फ्लाइट्स 1 मार्च तक सस्पेंड
एयरलाइन ने कहा कि यात्रियों को जानकारी दी जा रही है और उन्हें यात्रा के दूसरे ऑप्शन दिए जा रहे हैं। इंडिगो ने कहा कि पश्चिम एशिया और कुछ इंटरनेशनल सेक्टर से आने-जाने वाली फ्लाइट्स 1 मार्च तक सस्पेंड कर दी गई हैं।
एमिरेट्स ने कहा कि उसने दुबई से आने-जाने वाले ऑपरेशन कुछ समय के लिए सस्पेंड कर दिए हैं। एयरलाइंस ने पायलटों को कॉन्फ्लिक्ट जोन के पास GPS स्पूफिंग और जैमिंग बढ़ने की चेतावनी दी।
भारतीय एयरलाइन कंपनियों के लिए, पाकिस्तान के पश्चिम से इराक तक का एयरस्पेस ऑफ-लिमिट हो गया। एयर इंडिया ने पाक एयरस्पेस को बायपास करने के लिए चीन के होटन वेपॉइंट का इस्तेमाल करने की मंज़ूरी मांगी, यह रिक्वेस्ट अभी भी पेंडिंग है।
ऑपरेशनल स्ट्रेस बढ़ गया
दिल्ली से तेल अवीव जाने वाली AI139 इजराइली एयरस्पेस बंद होने के बाद वापस लौट गई। AI शिकागो-दिल्ली की एक फ़्लाइट का रूट बदलकर इराक से हटा दिया गया। बड़े एयरपोर्ट को डायवर्जन और बिना शेड्यूल वाली लैंडिंग के लिए अलर्ट पर रखा गया, हालांकि कैपेसिटी कम कर दी गई थी। पार्किंग बे भर जाने के बाद मुंबई ने और डायवर्जन लेना बंद कर दिया।
भारत के DGCA ने 2 मार्च तक तुरंत लागू होने वाली एक अर्जेंट एडवाइज़री में चेतावनी दोहराई, जिसमें तेहरान, तेल अवीव, बेरूत, जेद्दा, बहरीन, मस्कट, बगदाद, अम्मान, कुवैत और दोहा जैसे फ्लाइट इन्फॉर्मेशन रीजन शामिल हैं।
भारतीय एयरलाइंस ने एडवाइजरी का पालन किया। जिसके चलते इंडिगो जेट्स को एथेंस और इस्तांबुल की ओर डायवर्ट किया गया। इस रीजन में एयरलाइन के लगभग 400 क्रू मेंबर हैं। एयर इंडिया, AI एक्सप्रेस और अकासा को भी ऐसी ही दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
एक भारतीय पायलट ने कहा, “होटलों से कहा गया है कि वे हमारे सभी खाने का खर्च उठाएं और जरूरत के हिसाब से रुकने का समय बढ़ाएं।” एविएशन सेक्रेटरी समीर कुमार सिन्हा ने संकट का रिव्यू किया और एयरलाइंस और एयरपोर्ट्स को समय पर जानकारी और सपोर्ट देने का आदेश दिया।
