लू एवं गर्म हवाओं से सुरक्षा के लिए लोगों को जागरूक होना बेहद जरूरी : डॉ कविता सिंह
श्रीनारद मीडिया, विक्की बाबा, मशरक, सारण (बिहार):

लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। तापमान में हो रही लगातार वृद्धि के कारण लू (हीट वेव) और गर्म हवाओं का खतरा तेजी से बढ़ गया है,जिससे लोगों के बीमार पड़ने की आशंका भी अधिक हो गई है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों को सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां अपनाने की सलाह दी जा रही है।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मशरक की चिकित्सक डॉ कविता सिंह ने बताया कि गर्मी के इस मौसम में थोड़ी सी लापरवाही भी लोगों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है।
विशेष रूप से बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग लू की चपेट में जल्दी आ जाते हैं। उन्होंने कहा कि तेज धूप और गर्म हवाओं के संपर्क में आने से शरीर का तापमान अचानक बढ़ जाता है, जिससे चक्कर आना, सिर दर्द, उल्टी, कमजोरी, बुखार और बेहोशी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
डॉ कविता सिंह ने बताया कि लू से बचाव के लिए लोगों को दिन के समय खासकर दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि बहुत जरूरी हो तो सिर को ढककर, छाता या गमछा का उपयोग करते हुए ही बाहर निकलें। इसके अलावा शरीर में पानी की कमी न होने दें, इसके लिए नियमित रूप से पानी, नींबू पानी, ओआरएस घोल, छाछ और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करते रहना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि हल्के रंग के ढीले एवं सूती कपड़े पहनना चाहिए ताकि शरीर को ठंडक मिल सके।
बाहर से घर आने के तुरंत बाद ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए, बल्कि थोड़ा आराम करने के बाद ही पानी का सेवन करें। बच्चों को धूप में खेलने से बचाना चाहिए और उन्हें पर्याप्त पानी पिलाना जरूरी है। डॉ कविता सिंह ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति में लू के लक्षण दिखाई दें, जैसे तेज बुखार, अत्यधिक प्यास, कमजोरी, चक्कर या बेहोशी, तो उसे तुरंत छायादार स्थान पर लाकर ठंडा करें और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में ले जाकर इलाज कराएं। समय पर उपचार मिलने से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।
वहीं, मशरक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भी लू प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए पूरी तरह तैयार है। अस्पताल में विशेष “लू वार्ड” की व्यवस्था की गई है, जहां आवश्यक दवाएं, बेड, ठंडक की व्यवस्था और चिकित्सकीय टीम तैनात है। स्वास्थ्य केंद्र में आपातकालीन सेवाओं को भी सक्रिय रखा गया है ताकि किसी भी स्थिति में मरीजों को तुरंत इलाज मिल सके। अंत में उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि गर्मी के इस मौसम में लापरवाही न बरतें, सतर्क रहें और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। जागरूकता और सावधानी ही लू से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।
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