बिहार में SDM की कुर्सी का ‘रेट’ 25 लाख!
मोतिहारी में पोस्टिंग के नाम पर हुआ बड़ा खेल
सीवान मैरवा के राजन जयसवाल की पटना से हुई गिरफतारी
श्रीनारद मीडिया, स्टेट डेस्क:

बिहार में सम्राट चौधरी की सरकार है। सीएम सम्राट चौधरी भले ही बिहार में सुशासन की बात कहते हर जगह नजर आ रहे हैं लेकिन यह धरातल पर कितना है इसका अंदाजा मोतिहारी की इस घटना से आप सभी लगा सकते हैं। उनके सरकार के बड़े अधिकारियों से संबंध बनाकर किस तरह ट्रासफर पोस्टिंग में उगाही हो रहा है इसका खुलासा मोतिहारी एसडीएम के द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद से हुआ।
क्या है मामला
मोतिहारी पूर्वी चंपारण में एसडीएम की पोस्टिंग कराने के नाम पर 25 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है । साइबर थाना और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में मुख्य आरोपी राजन जायसवाल को पटना से गिरफ्तार कर मोतिहारी लाया है । जानकारी के अनुसार, आरोपी राजन को पटना आ रही वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन से धर दबोचा । इसके पास से पुलिस को कई ऐसे डिजिटल सबूत मिले हैं, जो प्रशासनिक गलियारों में एक बड़े सिंडिकेट की ओर इशारा कर रहे हैं और इनकी जांच जारी है ।
एसडीओ की पोस्टिंग के नाम हुआ खेल
बताते चले कि यह पूरा मामला बीएएस (बिहार प्रशासनिक सेवा) के अधिकारियों के हालिया तबादलों से जुड़ा है । पुलिस जांच में सामने आया है कि अधिसूचना जारी होने से पहले ही सीवान जिले के मैरवा निवासी राजन जायसवाल लगातार अधिकारियों के संपर्क में था । उसने मोतिहारी के तत्कालीन भू-अर्जन पदाधिकारी अरुण कुमार जो सीवान जिला के जिला मुख्यालय के दखिन टोला निवासी है उनको झांसा दिया कि वह अपनी ऊंची पहुंच और रसूख के बल पर उन्हें मोतिहारी सदर के एसडीएम पद पर तैनात करवा देगा। इसके एवज में आरोपी ने 25 लाख रुपये की मांग रखी थी ।
तबादले के बाद शुरू हुई ब्लैकमेलिंग
दरअसल, बीते 12 जुलाई को जब अधिसूचना जारी हुई और अरुण कुमार की पोस्टिंग मोतिहारी सदर एसडीओ के पद पर हो गई, तो राजन जायसवाल ने इसे अपनी पैरवी का नतीजा बताया । इसके बाद उसने अरुण कुमार पर पैसे देने का दबाव बनाना शुरू कर दिया । आरोपी लगातार व्हाट्सएप कॉल और मैसेजेस के जरिए 25 लाख रुपये की डिमांड करने लगा । उसने धमकी दी कि यदि रुपये नहीं मिले तो वह अपने रसूख का इस्तेमाल कर इस पोस्टिंग को तुरंत रद्द या स्थगित करवा देगा । साक्ष्य के रूप में उसने कुछ सरकारी फाइलों के स्क्रीनशॉट भी अधिकारी को भेजे ।
एसडीएम ने साइबर थाने में दर्ज करायी शिकायत
लगातार मिल रही धमकियों और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर एसडीओ अरुण कुमार ने 19 जुलाई को मोतिहारी के साइबर थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई । साइबर डीएसपी प्रतिश कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान और कॉल ट्रेसिंग की मदद से आरोपी का लाइव लोकेशन ट्रैक किया । जब पुलिस को पता चला कि आरोपी राजन कुमार पटना आने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन में सफर कर रहा है, तो बिहार एसटीएफ को इसकी सूचना तथा एसटीएफ ने जाल बिछाकर मोकामा के पास ट्रेन में छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार कर मोतिहारी पुलिस को सौंप दिया ।

राजन जयसवाल का फाइल फोटो
मोबाइल से मिले 10 से ज्यादा IAS-IPS के नंबर
पुलिस की प्राथमिक पूछताछ और आरोपी के मोबाइल फोन की जांच में कई हैरान करने वाले खुलासे हुए हैं । राजन जायसवाल के मोबाइल से 10 से अधिक आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के पर्सनल और प्राइवेट मोबाइल नंबर बरामद हुए हैं । अब पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि आरोपी वाकई में किसी ट्रांसफर-पोस्टिंग सिंडिकेट का हिस्सा है या फिर वह सिर्फ बड़े अधिकारियों के नाम का इस्तेमाल कर ठगी का धंधा चला रहा था ।
मोबाइल से मिले कई अहम सुराग
साइबर डीएसपी प्रतिश कुमार ने बताया कि आरोपी के मोबाइल फोन से कई डिजिटल साक्ष्य मिले हैं । इनमें व्हाट्सएप चैट, कॉल डिटेल और अन्य दस्तावेज शामिल हैं । पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी ने इसी तरह और कितने लोगों को पोस्टिंग के नाम पर अपने जाल में फंसाया और क्या इस पूरे मामले में कोई बड़ा नेटवर्क भी सक्रिय है।
अब देखना है कि बिहार की सम्राट सरकार इस रसूखदार आरोपी की जांच कर कार्रवाई करती है या उसके रसूख के आगे सरकार बिहार प्रशासन झूक जाती है। यहआने वाला समय ही बतायेगा।
