यूएई समुद्री मार्ग के जरिये कहीं भी तेल भेज सकता है,कैसे?
श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

यूएई ने तेल निर्यात के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य रूट का तोड़ निकाल लिया है। अब वह हबशान-फुजै राह तेल पाइपलाइन के जरिये तेल फुजै राह बंदरगाह तक पहुंचा सकता है और इसके बाद समुद्री मार्ग के जरिये कहीं भी तेल भेज सकता है।
उसे इसके लिए होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने की जरूरत नहीं है। भारत को इससे खास तौर से फायदा हो सकता है क्योंकि हाल में यूएई ने तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक से निकलने की घोषणा की है।
नहीं लागू होगी तेल उत्पादन की समय सीमा
इसका मतलब है कि उसके ऊपर तेल उत्पादन की कोई सीमा लागू नहीं होगी और वह अपनी क्षमता के हिसाब से उत्पादन कर सकेगा। यह घटनाक्रम भारत के लिए भी बेहद सकारात्मक है क्योंकि होर्मुज जलमडमरूमध्य ब्लाक होने से खाड़ी देशों से तेल आपूर्ति बुरी तरह से प्रभावित हुई है।
यूएई का प्लान

होर्मुज स्ट्रेट में करीब दो महीने से चल रही तनातनी कम होने के संकेत मिले हैं। लंबी रुकावट के बाद तेल और गैस की खेप होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने लगी है। जहाजों की ट्रैकिंग करने वाली वेबसाइट ने बताया है कि इस हफ्ते कम से कम दो टैंकर इस समुद्री रूट से कामयाबी के साथ निकले है। ईरान और अमेरिका के बीच अभी तक किसी समझौते पर सहमति नहीं बनी है लेकिन ऐसे संकेत हैं कि होर्मुज पर दोनों पक्ष नरम पड़ रहे हैं। इससे भारत को राहत मिलेगी, भारत के लिए यह एक अहम रूट है।
ब्लूमबर्ग की ओर से संकलित जहाज ट्रैकिंग डेटा से पता चलता है कि एलएनजी टैंकर मुबाराज सफलतापूर्वक इस महत्वपूर्ण मार्ग से निकला है, जो संघर्ष शुरू होने के बाद से इस तरह की पहली यात्रा है। अबू धाबी में एडीएनओसी के दास द्वीप संयंत्र में लोड किया गया यह जहाज मार्च के अंत में दिखना बंद हो गया था लेकिन इस सप्ताह श्रीलंका के पास फिर से दिखाई दिया। यह जहाज एलएनजी लेकर चीन जा रहा है।
विश्लेषकों का कहना है कि इन दोनों जहाजों की गतिविधियां बताती हैं कि ऊर्जा प्रवाह धीरे-धीरे शुरू हो सकता है, हालांकि यह अभी सामान्य स्तर से नीचे है। इदेमित्सु मारू ने लारक चैनल से परहेज किया है, जो ईरान के लारक और केशम द्वीपों के पास का उत्तरी मार्ग है। यानी उच्च जोखिम वाले माने जाने वाले जलक्षेत्र में नौकायन करने वाले जहाज संचालकों में अभी भी सतर्कता बनी हुई है।
आर्थिक प्रभाव और भविष्य की योजनाएं
वित्तीय और ऊर्जा बाजार गतिरोध के कारण तनाव में हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य के लंबे समय तक बंद रहने की चिंताएं बनी हुई हैं। वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा 111 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चढ़ा, जो मार्च 2022 के बाद का उच्चतम स्तर है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने किसी भी नए अमेरिकी हमले पर लंबे और दर्दनाक हमलों की धमकी दी है। अमेरिका ने भागीदार देशों को ‘मैरीटाइम फ्रीडम कंस्ट्रक्ट’ गठबंधन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। फ्रांस और ब्रिटेन ने संघर्ष समाप्त होने पर ही जलडमरूमध्य खोलने में मदद करने की बात कही है।
अमेरिकी नाकाबंदी से तेल-गैस आपूर्ति बाधित
अमेरिकी नौसेना ईरानी कच्चे तेल के निर्यात को रोक रही है। इस नाकाबंदी ने दुनिया की 20 फीसदी तेल और गैस आपूर्ति बाधित की है। इससे वैश्विक ऊर्जा कीमतें बढ़ी हैं और आर्थिक मंदी की चिंताएं बढ़ी हैं। बता दें कि,8 अप्रैल से अमेरिका-ईरान के बीच युद्धविराम लागू है, लेकिन नए सैन्य हमलों की खबरों से तेल की कीमतें बढ़ीं।
ईरान ने हवाई सुरक्षा सक्रिय की है और हमले की स्थिति में व्यापक प्रतिक्रिया की योजना बनाई है। राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के नवीनतम प्रस्ताव पर असंतोष व्यक्त किया है। मध्यस्थ पाकिस्तान ने नई वार्ता के लिए कोई तारीख तय नहीं की है। 28 फरवरी को अमेरिकी और इस्राइली हवाई हमलों के बाद ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया। ईरान समर्थित हिजबुल्ला ने इस्राइल पर मिसाइलें दागीं, जिसके जवाब में इस्राइल ने लेबनान पर हमले किए।
राजनयिक गतिरोध और अविश्वास
यूएई के राष्ट्रपति सलाहकार अनवर गर्गश ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून नेविगेशन की स्वतंत्रता के प्राथमिक गारंटर हैं। उन्होंने ईरान की विश्वासघाती आक्रामकता के बाद उसके एकतरफा समझौतों पर भरोसा न करने की बात कही। ट्रंप के सामने युद्ध समाप्त करने या इसे कांग्रेस में बढ़ाने की औपचारिक समय सीमा थी। एक अधिकारी ने कहा कि अप्रैल के युद्धविराम के कारण शत्रुता समाप्त हो गई है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने वार्ता से त्वरित परिणामों की उम्मीद न करने की चेतावनी दी।
