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योगिनी एकादशी आज : दुर्लभ संयोग में व्रत-पूजन से मिलेंगे आरोग्य, सुख-समृद्धि और पापों से मुक्ति

योगिनी एकादशी आज : दुर्लभ संयोग में व्रत-पूजन से मिलेंगे आरोग्य, सुख-समृद्धि और पापों से मुक्ति

श्रीनारद मीडिया, दारौंदा, सीवन (बिहार )।

सीवान जिला सहित दरौंदा प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों में आषाढ़ कृष्ण पक्ष की पावन योगिनी एकादशी श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाई जाएगी। स्मार्त एवं गृहस्थ श्रद्धालु 10 जुलाई (शुक्रवार) को, जबकि वैष्णव संप्रदाय के साधु-संत एवं अनुयायी 11 जुलाई (शनिवार) को योगिनी एकादशी का व्रत रखेंगे।
आचार्य सुजीत शास्त्री (मिडू बाबा) ने बताया कि इस वर्ष योगिनी एकादशी दुर्लभ एवं शुभ संयोगों में पड़ रही है। 10 जुलाई को भरणी नक्षत्र तथा सिद्ध योग का विशेष संयोग बन रहा है, जिससे इस व्रत का महत्व कई गुना बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में योगिनी एकादशी का विशेष स्थान है। इस दिन भगवान श्रीहरि विष्णु के पुंडरीकाक्ष स्वरूप का विधिपूर्वक पूजन, व्रत एवं उपासना करने से भक्तों को आरोग्यता, सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
उन्होंने बताया कि मार्कण्डेय ऋषि द्वारा वर्णित हेममाली-कुबेर की कथा के अनुसार, इस एकादशी पर भगवान पुंडरीकाक्ष का पूजन कर उनके ऊपर अर्पित जल से शरीर का मार्जन करने से कुष्ठ एवं अन्य असाध्य चर्म रोगों के शमन का पुण्य फल प्राप्त होता है। साथ ही भगवान विष्णु की कृपा से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-शांति का वास होता है।
पंडितों के अनुसार योगिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना के साथ ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप, विष्णु सहस्रनाम का पाठ तथा रामचरितमानस का श्रद्धापूर्वक पाठ करना अत्यंत फलदायी माना गया है। इससे भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, परिवार में सुख-समृद्धि आती है तथा मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार योगिनी एकादशी का व्रत श्रद्धा, संयम और नियमपूर्वक करने से व्यक्ति को निरोगी जीवन, ऐश्वर्य, सांसारिक सुख और अंततः उत्तम लोक की प्राप्ति होती है।

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