पश्चिम बंगाल चुनाव के वोटर लिस्ट शुद्धिकरण में 91 लाख मतदाता साफ
श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले निर्वाचन आयोग (ECI) ने मतदाता सूची का सबसे बड़ा ‘शुद्धिकरण’ अभियान पूरा कर लिया है. विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बाद राज्य की मतदाता सूची से कुल 90.83 लाख (करीब 91 लाख) नाम हटा दिये गये हैं. इस भारी कटौती के साथ ही सोमवार आधी रात के बाद पहले चरण की 152 सीटों के लिए मतदाता सूची को नियमानुसार ‘फ्रीज’ कर दिया गया. अब इन सीटों की लिस्ट में कोई नया नाम नहीं जोड़ा जा सकेगा.
7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ हुए वोटर
निर्वाचन आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर 2025 में जब एसआईआर की प्रक्रिया शुरू हुई थी, तब राज्य में मतदाताओं की कुल संख्या लगभग 7.66 करोड़ थी. प्रक्रिया के दौरान पहले ही 63.66 लाख नाम हटा दिये गये थे. 60.06 लाख मतदाताओं को विचाराधीन की श्रेणी में रखा गया था. जजों की जांच के बाद इन 60.06 लाख में से 27.16 लाख नाम हटा दिये गये. 32.68 लाख नामों को सूची में बरकरार रखा गया.
पहले चरण की 152 सीटों पर 23 अप्रैल को मतदान
आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पहले चरण के नामांकन की समयसीमा समाप्त होने के साथ ही मतदाता सूची को लॉक कर दिया गया है. पहले चरण की वोटिंग 23 अप्रैल को होगी. इस दिन 152 विधानसभा सीट पर मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे.
9 अप्रैल को फ्रीज होगी दूसरे चरण की वोटर लिस्ट
दूसरे चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को होगी. इस दिन 142 सीटों पर मतदान होगा. दूसरे चरण की वोटर लिस्ट 9 अप्रैल को फ्रीज की जायेगी. इसके बाद सूची में किसी भी प्रकार का बदलाव केवल सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ही संभव होगा. सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर अगली सुनवाई 13 अप्रैल को होगी.
पारदर्शिता के लिए जिलावार डेटा सार्वजनिक
आयोग ने साफ किया है कि पूरी प्रक्रिया निर्धारित दिशा-निर्देशों और पारदर्शी तरीके से की गयी है. जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जिलावार आंकड़े सार्वजनिक कर दिये गये हैं. 59.84 लाख मतदाताओं का डेटा ऑनलाइन उपलब्ध है. शेष कुछ हजार मामलों में ई-हस्ताक्षर की प्रक्रिया लंबित है. आयोग ने स्पष्ट किया कि किसी भी नये नाम को शामिल करना अब कानूनी प्रावधानों और सक्षम अधिकारियों के आदेश पर ही निर्भर करेगा.
