Headlines

निर्वाचन आयोग ने चुनाव के पहले चरण की स्क्रूटनी पूरी कर ली है

निर्वाचन आयोग ने चुनाव के पहले चरण की स्क्रूटनी पूरी कर ली है

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान के बाद निर्वाचन आयोग (ECI) ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ी प्रक्रिया पूरी कर ली है. 23 अप्रैल को हुए मतदान के बाद 152 विधानसभा क्षेत्रों के फॉर्म 17A (मतदाता रजिस्टर) और अन्य दस्तावेजों की गहन जांच (Scrutiny) शुक्रवार को संपन्न हो गयी. किसी भी पोलिंग स्टेशन पर गड़बड़ी की पुष्टि नहीं हुई है. पहले चरण में कहीं भी दोबारा मतदान (Re-poll) की जरूरत नहीं पड़ी.

44,376 मतदान केंद्रों की हुई स्क्रूटनी

निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रक्रिया में किसी भी तरह की धांधली का पता लगाने के लिए पोस्ट-पोल स्क्रूटनी के कड़े निर्देश दिये थे. पश्चिम बंगाल के 152 निर्वाचन क्षेत्रों में रिटर्निंग अधिकारियों (RO) ने जनरल ऑब्जर्वर और 600 से अधिक उम्मीदवारों या उनके प्रतिनिधियों की मौजूदगी में दस्तावेजों की जांच की.

किसी सीट पर पुनर्मतदान नहीं

पहले चरण में कुल 44,376 मतदान केंद्रों पर वोट डाले गये थे. पूरी जांच के बाद आयोग ने पाया कि मतदान निष्पक्ष रहा, इसलिए कहीं भी दोबारा चुनाव की सिफारिश नहीं की गयी है.

1478 उम्मीदवारों को दी सूचना

चुनाव आयोग ने स्क्रूटनी से पहले बंगाल के प्रथम चरण में चुनाव लड़ रहे सभी 1,478 उम्मीदवारों को इसकी जानकारी दी गयी थी. उन्हें स्क्रूटनी की तारीख, समय और जगह के बारे में पहले ही बता दिया गया था. इनमें से 600 से अधिक प्रत्याशी या तो खुद पहुंचे थे या उन्होंने अपने प्रतिनिधि को भेजा था.

पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी

पारदर्शिता बनाये रखने के लिए इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करायी गयी और जांच के बाद फॉर्म 17A व संबंधित सामग्री को दोबारा सील कर दिया गया.

West Bengal Election 2026: स्ट्रांग रूम में डबल लॉक और 24 घंटे पहरा

इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और वीवीपीएटी (VVPAT) की सुरक्षा के भी इलेक्शन कमीशन ने अभूतपूर्व इंतजाम किये हैं. स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के लिए डबल लेयर (दो स्तरीय) घेराबंदी की गयी है. सीसीटीवी कैमरों से कॉरिडोर व दरवाजों की 24 घंटे निगरानी हो रही है.

अधिकारियों का दौरा, उम्मीदवारों की निगरानी

रिटर्निंग अधिकारियों को दिन में 2 बार और जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) को रोजाना स्ट्रांग रूम की व्यवस्था की जांच करने के निर्देश दिये गये हैं. उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों को भी स्ट्रांग रूम परिसर में कैंप लगाने की अनुमति दी गयी है, ताकि वे खुद अपनी आंखों से सुरक्षा देख सकें.

जब्ती का आंकड़ा 481 करोड़ के पार

चुनाव आयोग की ताजा प्रवर्तन रिपोर्ट (Enforcement Report) के अनुसार, बंगाल में अवैध सामग्री और नकदी की जब्ती का सिलसिला जारी है. मतदान के दिन (23 अप्रैल को) मुर्शिदाबाद के मुरारई विधानसभा (बूथ संख्या 137) में सीआरपीएफ के जवानों ने एक पोलिंग एजेंट, रेजाउल दफादार के पास से 1,65,820 रुपए बरामद किये.

करोड़ों की शराब और ड्रग्स

26 फरवरी से अब तक राज्य में कुल 48,139.39 लाख रुपए (481 करोड़ से अधिक) की जब्ती हुई है. इसमें 29 करोड़ का कैश, 107 करोड़ की शराब और 108 करोड़ रुपए के नशीले पदार्थ शामिल हैं. 15 मार्च से अब तक 384 अवैध हथियार और 1,232 बम बरामद किये जा चुके हैं.

21 लाख से ज्यादा पोस्टर हटाये गये

इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया ने चुनावी विज्ञापनों और अवैध पोस्टरों के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की है. अब तक पूरे राज्य में 21,96,607 अवैध पोस्टर और दीवार लेखन हटाये गये हैं. इस मामले में पश्चिम बर्धमान (3,19,985) और मुर्शिदाबाद (1,80,869) सबसे ऊपर हैं.

29 अप्रैल की वोटिंग के लिए ईवीएम की कमिशनिंग 25 तक

आयोग अब 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के मतदान की तैयारियों में जुट गया है, जिसके लिए ईवीएम की कमीशनिंग का काम 25 अप्रैल तक पूरा कर लिया जायेगा.

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान के बाद निर्वाचन आयोग (EC) सुरक्षा-व्यवस्था को और पुख्ता करने में जुट गया है. 23 अप्रैल को पहले चरण की वोटिंग के तुरंत बाद आयोग ने एक नया और सख्त दिशा-निर्देश जारी किया.

डेटा छेड़छाड़ की गुंजाइश को शून्य करना है उद्देश्य

यह गाइडलाइन (Election Commission New Guidelines) मुख्य रूप से मतदान केंद्रों पर लगे निगरानी कैमरों और उनके वीडियो डेटा के सुरक्षित प्रबंधन के लिए तैयार की गयी है. आयोग का मकसद चुनावी पारदर्शिता को बनाये रखना और किसी भी तरह की डेटा छेड़छाड़ की गुंजाइश को शून्य करना है.

अब तुरंत नहीं निकाल सकेंगे SD कार्ड

नये प्रोटोकॉल के अनुसार, मतदान संपन्न होने के बाद कैमरों के साथ की जाने वाली प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है. मतदान केंद्रों पर लगे कैमरों में इस्तेमाल किये गये एसडी (SD) कार्ड अब वोटिंग खत्म होते ही बूथ पर नहीं निकाले जा सकेंगे. अधिकारियों को केवल कैमरा उतारने की इजाजत होगी.

सेक्टर ऑफिसर की निगरानी

उतारे गये कैमरे सीधे सेक्टर अधिकारी की कस्टडी में रहेंगे. इन्हें पूरी तरह सील बंद और सुरक्षित रखा जायेगा. एसडी कार्ड केवल निर्धारित डेटा संग्रहण केंद्र (Receiving Centre) पर सहायक निर्वाचन अधिकारी की मौजूदगी में ही निकाले जा सकेंगे.

बूथ छोड़ने से पहले पूरी करनी होगी प्रक्रिया

इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (ECI) ने मतदानकर्मियों की जवाबदेही तय करते हुए कड़े निर्देश जारी किये हैं. कहा है कि जब तक कैमरा उपकरण पूरी तरह से उतारकर सुरक्षित नहीं कर लिया जाता, तब तक मतदान दल का कोई भी सदस्य या बूथस्तरीय अधिकारी (BLO) मतदान केंद्र छोड़कर नहीं जा सकता.

Election Commission: संरक्षित रखे जायेंगे वीडियो फुटेज

चुनाव के दौरान रिकॉर्ड की गयी सभी वीडियो फुटेज को व्यवस्थित तरीके से संरक्षित करना अनिवार्य होगा, ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर उनका इस्तेमाल साक्ष्य के रूप में किया जा सके.

दूसरे चरण के लिए वेबकास्टिंग का ट्रायल शुरू

सुरक्षा नियम कड़े किये जाने के साथ-साथ 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के मतदान की तैयारियां भी तेज हो गयी हैं. शुक्रवार सुबह से वेबकास्टिंग का परीक्षण (Testing) शुरू कर दिया गया. यह अभ्यास 3 अलग-अलग चरणों में पूरा होगा. वेबकास्टिंग के जरिये आयोग मुख्यालय से सीधे बूथों की गतिविधियों पर नजर रखी जायेगी.

सबकी नजरें 29 अप्रैल और 4 मई पर

पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल (बृहस्पतिवार) को संपन्न हो चुका है. अब सबकी नजरें 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण की वोटिंग और 4 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं.

Leave a Reply

error: Content is protected !!