‘बार-बार कैसे लीक हो रहे हैं पेपर’-सुप्रीम कोर्ट
श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा कदम उठाते हुए शुक्रवार को कहा कि वह इस पूरे मामले की जांच की खुद कुछ समय तक निगरानी करेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था ‘नेशनल टेस्टिंग एजेंसी’ (NTA) को कड़ी फटकार लगाते हुए इस घटना को युवाओं के लिए बेहद दुखत बताते हुए कहा कि जो हुआ वह बेहद दुखद है, युवाओं को इस तरह निराश नहीं किया जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा मंत्रालय को दिया हलफनामा दायर करने का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने (केंद्र सरकार) शिक्षा मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वह एक अलग हलफनामा दायर करे, जिसमें एक ऐसी व्यवस्था बनाने का ब्योरा दिया जाए जिसके तहत NEET परीक्षाओं को आयोजित करने और पूरा करने की प्रक्रिया को NTA द्वारा हर साल संस्थागत रूप से संचालित किया जा सके। साथ ही इस बात पर अपना जवाब दाखिल करे कि NTA को कैसे मजबूत बनाया जाए और NEET परीक्षा को कैसे पूरी तरह से सुरक्षित बनाया जाए।
जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने साफ कहा कि इस हलफनामे में यह स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए कि विशेष कर्मियों की तैनाती और विशेषज्ञों की एक व्यापक टीम के माध्यम से NTA के भीतर संस्थागत अनुभव और विशेषज्ञता को कैसे विकसित किया जाएगा।
कोर्ट ने केंद्र और NTA को दिया छह सप्ताह का दिया समय
कोर्ट ने टिप्पणी की कि इस प्रयास का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होना चाहिए कि NTA के पास 2024 और 2026 की NEET परीक्षा विवादों जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए आवश्यक भौतिक और बौद्धिक संसाधन मौजूद हों। कोर्ट ने इस मामले में केंद्र और NTA को अपनी कार्ययोजना पेश करने के लिए छह सप्ताह का समय दिया है।
सुनवाई के दौरान पीठ ने NTA और इस मामले के लिए गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति के अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन द्वारा दाखिल किए गए जवाबों और हलफनामों का संज्ञान लिया।
तय होनी चाहिए जिम्मेदारी
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को फटकार लगाते हुए कहा कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक होने से रोकने के लिए सरकार और सभी संबंधित अधिकारियों द्वारा हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए। कोर्ट ने केंद्र से पूछा कि बार-बार कैसे पेपर लीक हो जा रहे हैं। अगर ऐसी घटना दोबारा होती है। तो उसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
पीएम मोदी खुद रख रहें नजर
इस दौरान केंद्र सरकार का पक्ष रख रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को आश्वस्त करते हुए कोर्ट को सूचित किया कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए खुद देश के प्रधानमंत्री इस पूरे मुद्दे पर सीधे नजर रख रहे हैं और सरकार परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए पूरी तरह गंभीर है।
NEET-UG परीक्षा में पेपर लीक और धांधली के आरोपों के बाद रद हुई परीक्षा को दोबारा सुरक्षित तरीके से आयोजित कराने के लिए केंद्र सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है।
आगामी 21 जून को होने वाले NEET-UG री-एग्जाम के सुरक्षित और त्रुटिहीन संचालन के लिए सरकार भारतीय सशस्त्र बलों (सेना और वायुसेना) की मदद लेने पर विचार कर रही है। देश के किसी भी राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा के इतिहास में यह पहली बार होगा जब सैन्य बलों को इसके लॉजिस्टिक्स से जोड़ा जाएगा।
हाई-लेवल मीटिंग में बनी रणनीति
इस संबंध में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर गुरुवार को एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, कई वरिष्ठ मंत्री और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) व शिक्षा मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए। बैठक के दौरान प्रश्नपत्र तैयार करने, उनकी छपाई, परिवहन, सुरक्षा और परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित रूप से पहुंचाने की पूरी श्रृंखला की समीक्षा की गई।
क्या होगी सशस्त्र बलों की भूमिका?
एनटीए के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, 22 लाख से अधिक छात्रों वाली इस परीक्षा को बिना किसी गड़बड़ी के पूरा करने के लिए विभिन्न मंत्रालयों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। बलों की भूमिका को लेकर निम्नलिखित योजना बनाई गई है:
लॉजिस्टिक्स और परिवहन: देश भर के केंद्रों पर प्रश्नपत्रों को सुरक्षित तरीके से पहुंचाने में थल सेना की मदद ली जा सकती है।
खराब मौसम से निपटने में वायुसेना: परीक्षा के समय को देखते हुए, यदि बारिश, आंधी या तूफान जैसी प्रतिकूल मौसम की स्थिति बनती है, तो भारतीय वायुसेना के विमानों का उपयोग प्रश्नपत्रों की तत्काल डिलीवरी के लिए किया जाएगा।
केवल लॉजिस्टिक्स तक सीमित: यह स्पष्ट किया गया है कि सशस्त्र बलों की भूमिका केवल लॉजिस्टिक्स समन्वय, सुरक्षित परिवहन और मौसम से जुड़ी आपातकालीन स्थितियों तक ही सीमित रहेगी। वे परीक्षा की निगरानी का काम नहीं करेंगे।
अन्य मंत्रालयों का भी मिलेगा साथ
सिर्फ सेना ही नहीं, बल्कि गृह मंत्रालय, राज्य सरकारें, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, डाक विभाग, नागरिक उड्डयन मंत्रालय और विदेश मंत्रालय भी 21 जून को होने वाली इस री-परीक्षा को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए सहयोग दे रहे हैं।
वही दूसरी ओर, केंद्रीय जांच ब्यूरो मूल NEET-UG परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है और इस पेपर लीक मामले में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
