यूपी पंचायत चुनाव: ‘प्रधान जी’ की कुर्सी पर हाई कोर्ट का ब्रेक!
👉कार्यकाल खत्म तो खत्म- प्रशासक बनकर ‘बैकडोर’ एंट्री नहीं चलेगी!”
श्रीनारद मीडिया, यूपी डेस्क:
इलाहाबाद हाई कोर्ट (लखनऊ खंडपीठ) ने सरकार के उस जुगाड़ू आदेश पर सख्त रुख अपनाया है, जिसमें कार्यकाल खत्म होने के बाद भी पूर्व प्रधानों को ही ‘प्रशासक’ बनाकर गांव की चाबी सौंप दी गई थी।
शॉर्ट में समझिए पूरा मामला:नो शॉर्टकट: कोर्ट ने कहा कि यह संविधान के अनुच्छेद 243-E का सीधा उल्लंघन है।बैकडोर एंट्री बंद: फिल्म खत्म होने के बाद हीरो थिएटर में नहीं रुक सकता।
पूर्व प्रधानों को प्रशासक बनाना असंवैधानिक है।कोर्ट का तीखा सवाल: चुनाव में देरी पर जब सरकार ने ओबीसी आरक्षण आयोग का हवाला दिया, तो कोर्ट ने पूछा— “ओबीसी आरक्षण याद आने में इतनी देर क्यों लगी?”
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