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11 जुलाई से शुरू होगा जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा, घर-घर पहुंचेंगी परिवार नियोजन सेवाएं

11 जुलाई से शुरू होगा जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा, घर-घर पहुंचेंगी परिवार नियोजन सेवाएं
• परिवार नियोजन सेवाओं को मिलेगा बढ़ावा
• योग्य दंपतियों को किया जाएगा जागरूक
• पंचायत प्रतिनिधियों और जीविका दीदी का लिया जाएगा सहयोग
• सही उम्र में शादी और बच्चों में अंतराल पर रहेगा जोर

श्रीनारद मीडिया, के के सिंह सेंगर, एकमा/छपरा (बिहार):

विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर 11 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक ‘जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा’ आयोजित किया जाएगा। इसके तहत योग्य दंपतियों को परिवार नियोजन संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ जनसंख्या स्थिरीकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा छोटे परिवार के महत्व के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस संबंध में राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय ने सभी जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

10 जुलाई तक दम्पति संपर्क पखवाड़ा
पखवाड़ा से पहले 27 जून से 10 जुलाई तक ‘दम्पति संपर्क एवं सामुदायिक उत्प्रेरण पखवाड़ा’ चलाया जा रहा है। इस दौरान आशा, एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर योग्य दंपतियों से संपर्क कर उन्हें परिवार नियोजन के विभिन्न साधनों की जानकारी दे रहे हैं और सेवा लेने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
परिवार नियोजन की सभी प्रमुख सेवाएं रहेंगी उपलब्ध
11 से 31 जुलाई तक चलने वाले सेवा पखवाड़ा में सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों पर महिला बंध्याकरण, पुरुष नसबंदी, कॉपर-टी, गर्भनिरोधक इंजेक्शन (अंतरा), कंडोम, दैनिक गर्भनिरोधक गोली माला-एन, साप्ताहिक गोली छाया तथा आपातकालीन गर्भनिरोधक गोली की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
सही उम्र में शादी और बच्चों में अंतराल पर रहेगा जोर

अभियान के दौरान लोगों को सही उम्र में विवाह करने, महिला की 20 वर्ष की आयु के बाद पहला बच्चा पैदा करने, दो बच्चों के जन्म के बीच कम से कम तीन वर्ष का अंतर रखने तथा छोटे परिवार के लाभ के बारे में जागरूक किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी और परिवार का स्वास्थ्य बेहतर होगा।

पंचायत प्रतिनिधियों और जीविका दीदी का लिया जाएगा सहयोग
स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिया है कि अभियान को सफल बनाने के लिए मुखिया, सरपंच, वार्ड सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, आंगनबाड़ी सेविका, जीविका दीदी, विकास मित्र तथा आशा कार्यकर्ताओं का सहयोग लिया जाए। ये लोग इच्छुक लाभार्थियों को परिवार नियोजन सेवाओं के लिए सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाने में मदद करेंगे।

स्वास्थ्य संस्थानों को दिए गए विशेष निर्देश
सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने जिला अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को परिवार नियोजन शिविर आयोजित करने, ऑपरेशन थिएटर, स्टरलाइजेशन रूम और पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। प्रत्येक शिविर में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार महिला बंध्याकरण और पुरुष नसबंदी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

उत्प्रेरकों को मिलेगा प्रोत्साहन
जिला स्वास्थ्य समिति के डीसीएम ब्रजेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि परिवार नियोजन के लिए लाभार्थियों को प्रेरित करने वाले सामुदायिक कार्यकर्ताओं को भी प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। महिला बंध्याकरण के लिए प्रति लाभार्थी 300 रुपये तथा पुरुष नसबंदी के लिए 400 रुपये की प्रोत्साहन राशि संबंधित सरकारी स्वास्थ्य संस्थान द्वारा दी जाएगी। इसके अलावा नसबंदी अथवा बंध्याकरण कराने वाले लाभार्थियों को सरकारी एंबुलेंस से निःशुल्क घर पहुंचाने की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

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