Headlines

जम्मू कश्मीर में सेना की गाड़ी गहरी खाई में गिरी, 10 सैनिकों की मौत

जम्मू कश्मीर में सेना की गाड़ी गहरी खाई में गिरी, 10 सैनिकों की मौत

10 जवानों की जान गई, 11 घायल; सड़क पर बर्फ के चलते फिसली गाड़ी

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

हादसा भद्रवाह-चंबा अंतरराज्यीय मार्ग पर खन्नी टॉप के पास हुआ. अधिकारियों ने बताया कि सेना के बुलेटप्रूफ वाहन में कुल 17 जवान सवार थे और यह वाहन ऊंचाई पर स्थित एक चौकी की ओर जा रहा था. चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और वाहन करीब 200 फुट गहरी खाई में जा गिरा. हादसे के तुरंत बाद, सेना और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं. मुश्किल इलाके और खराब मौसम के बावजूद बचाव कार्य शुरू किया. घायल जवानों को मौके पर ही फर्स्ट एड दिया गया और बाद में उन्हें खास मेडिकल इलाज के लिए उधमपुर एयरलिफ्ट किया गया.

बहादुर सैनिकों के बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा : जम्मू-कश्मीर के एलजी

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल ने हादसे पर दुख जताया. एलजी कार्यालय की ओर से कहा गया- डोडा में एक दुखद सड़क हादसे में हमारे 10 बहादुर भारतीय सेना के जवानों की जान जाने से बहुत दुख हुआ। हम अपने बहादुर सैनिकों की बेहतरीन सेवा और सर्वोच्च बलिदान को हमेशा याद रखेंगे. शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं. दुख की इस घड़ी में, पूरा देश शोक संतप्त परिवारों के साथ एकजुटता और समर्थन में खड़ा है। 10 घायल सैनिकों को एयरलिफ्ट करके अस्पताल पहुंचाया गया है. सीनियर अधिकारियों को बेहतरीन इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा हूं.

जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में गुरुवार को सेना की गाड़ी 400 फीट गहरी खाई में गिर गई। इसमें 10 जवानों की मौत हो गई, जबकि 11 को एयरलिफ्ट कर उधमपुर मिलिट्री हॉस्पिटल भेजा गया है।

हादसा भद्रवाह-चंबा इंटरस्टेट रोड पर खन्नी टॉप के पास हुआ। डोडा के डिप्टी कमिश्नर हरविंदर सिंह ने बताया कि सड़क पर बर्फ होने की वजह से ड्राइवर ने गाड़ी से कंट्रोल खो दिया।

सेना के अधिकारी ने बताया कि गाड़ी में सवार 21 जवान डोडा से ऊपरी पोस्ट पर जा रहे थे। सेना ने अभी यह नहीं बताया है कि जान गंवाने वाले और घायल जवान किन राज्यों से हैं।

भद्रवाह-चंबा रोड जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश को जोड़ता है। रास्ते में ऊंचे पहाड़, गहरी खाइयां और घने जंगल हैं। सड़क बेहद संकरी है और कई जगह तीखे मोड़ (हेयरपिन बेंड) हैं।

जहां हादसा हुआ, उस खन्नी टॉप इलाके की समुद्र तल से ऊंचाई 9 हजार फीट है। यहां मौसम तेजी से बदलता है। ठंड और कोहरा छाया रहता है। बर्फबारी के बाद यह रास्ता ज्यादा खतरनाक हो जाता है।

एक साल में 4 बड़े हादसे केंद्र सरकार सशस्त्र बलों से जुड़ी दुर्घटना और अन्य कारणों से होने वाली मौतों की जानकारी सार्वजनिक नहीं करती है।

Leave a Reply

error: Content is protected !!