अब हाईटेक होगा छपरा सदर अस्पताल, मरीजों को मिलेंगी डिजिटल सुविधाएं
• डीएम वैभव श्रीवास्तव ने कहा- मरीजों की सुविधा और बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता
• डिजिटल टोकन डिस्प्ले सिस्टम होगा लागू
• डेंटल एक्स-रे और इंटरकॉम सुविधा शुरू करने का निर्णय
श्रीनारद मीडिया, पंकज मिश्रा, अमनौर/छपरा (बिहार):

छपरा। सदर अस्पताल में अब मरीजों को पहले से बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित रोगी कल्याण समिति की बैठक में मरीजों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में अस्पताल की व्यवस्था, ओपीडी सेवाओं, डिजिटल सुविधाओं और आधारभूत संरचना को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि अस्पताल में आने वाले हर मरीज को बेहतर इलाज, साफ-सुथरा वातावरण और आसान व्यवस्था उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लिए गए सभी निर्णयों को जल्द से जल्द धरातल पर लागू किया जाए।
डिजिटल टोकन डिस्प्ले सिस्टम होगा लागू:
बैठक में निर्णय लिया गया कि सदर अस्पताल के ओपीडी में दो कमरों का उन्नयन किया जाएगा ताकि मरीजों को पंजीकरण और डॉक्टरों से परामर्श लेने में सुविधा मिल सके। अस्पताल में डिजिटल टोकन डिस्प्ले सिस्टम और डिजिटल साइनेज भी लगाए जाएंगे, जिससे मरीजों को विभागों और सेवाओं की जानकारी आसानी से मिल सकेगी।
डेंटल एक्स-रे और इंटरकॉम सुविधा शुरू करने का निर्णय
दंत चिकित्सा सेवाओं को आधुनिक बनाने के लिए डिजिटल डेंटल एक्स-रे की व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर का सौंदर्यीकरण भी कराया जाएगा ताकि मरीजों को बेहतर माहौल मिल सके। अस्पताल के विभिन्न विभागों के बीच त्वरित सूचना आदान-प्रदान के लिए इंटरकॉम सिस्टम लगाया जाएगा। वहीं मरीजों और परिजनों तक जरूरी सूचनाएं पहुंचाने के लिए अस्पताल परिसर में पीए सिस्टम और टीवी डिस्प्ले भी लगाए जाएंगे। सभी ओपीडी में एक समान छह अंकों वाला डिजिटल टोकन सिस्टम लागू करने का फैसला लिया गया है।
आयुष्मान भारत की राशि से अस्पताल के इंफ्रास्ट्रक्चर होगा विकसित
यह भी तय किया गया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत प्राप्त राशि का 75 प्रतिशत हिस्सा अस्पताल की आधारभूत संरचना के विकास पर तथा 25 प्रतिशत हिस्सा डॉक्टरों और पारा मेडिकल कर्मियों के प्रोत्साहन भुगतान पर खर्च किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सीसीटीवी बैकअप सिस्टम को 15 दिनों से बढ़ाकर एक महीने तक रखने का निर्णय लिया गया। समिति के सदस्यों से सुझाव और फीडबैक भी लिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि रोगी कल्याण समिति की बैठक नियमित रूप से आयोजित होगी ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार सुधार किया जा सके।
बैठक में उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक एवं रोगी कल्याण समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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