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राज्य कर्मचारियों का कितना फायदा?

राज्य कर्मचारियों का कितना फायदा?

8वें वेतन आयोग पर बड़ा अपडेट

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

 

सेंट्रल पे कमीशन हर 10 साल में केंद्र सरकार द्वारा गठित किया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी, भत्ते और पेंशन में संशोधन करना होता है। हाल ही में चर्चा में आया 8th पे कमीशन  भी इसी कड़ी का हिस्सा है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ) की सरकार ने गठित किया है। इससे करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 65 लाख पेंशनर्स को फायदा मिलने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 से बढ़कर ₹51,480 तक जा सकती है, हालांकि अंतिम फैसला आयोग की सिफारिशों पर निर्भर करेगा।

राज्य सरकार के कर्मचारियों पर क्या असर?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या 8th पे कमीशन राज्य सरकार के कर्मचारियों पर भी लागू होगा? इसका सीधा जवाब – नहीं है। यह आयोग केवल केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए होता है। हालांकि, ज्यादातर राज्य सरकारें बाद में अपने स्तर पर इसी तरह के वेतन संशोधन लागू कर देती हैं, लेकिन यह पूरी तरह राज्य कैबिनेट के फैसले पर निर्भर करता है, यानी राज्य कर्मचारियों को अप्रत्यक्ष रूप से इसका लाभ मिल सकता है, लेकिन सीधे तौर पर नहीं।

बैंक कर्मचारियों पर 8th CPC लागू ?

इसी तरह बैंक कर्मचारियों पर भी 8th CPC लागू नहीं होता। उनके वेतन और भत्तों का निर्धारण IBA (Indian Banks’ Ass ociation) के जरिए समझौतों के आधार पर किया जाता है। इसलिए बैंकिंग सेक्टर के कर्मचारियों को अलग वेतन संरचना का पालन करना पड़ता है।

कैसे काम करता 8th पे कमीशन?

अब बात करते हैं कि 8th पे कमीशन काम कैसे करता है। इस आयोग की अध्यक्षता पूर्व सुप्रीम कोर्ट जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। इसके अलावा इसमें विशेषज्ञ सदस्य और सचिव भी शामिल हैं, जो विभिन्न कर्मचारी संगठनों, मंत्रालयों और पेंशन से जुड़े पक्षों से सुझाव लेते हैं। इन सभी सुझावों और डेटा का विश्लेषण करने के बाद ही सैलरी, फिटमेंट फैक्टर और पेंशन से जुड़े फैसले लिए जाते हैं।

लागू होने में कितना समय?

जहां तक लागू होने का सवाल है, तो इसमें समय लगता है। उदाहरण के तौर पर 7th पे कमीशन को लागू होने में करीब ढाई साल लगे थे। 8th CPC अभी परामर्श के चरण में है, इसलिए अंतिम सिफारिशें आने और लागू होने में समय लग सकता है।

8th पे कमीशन से केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में बड़ा बदलाव संभव है, लेकिन राज्य और बैंक कर्मचारियों के लिए इसका असर अप्रत्यक्ष ही रहेगा। इसलिए किसी भी अफवाह या अनुमान पर भरोसा करने के बजाय आधिकारिक घोषणाओं का इंतजार करना ही बेहतर रहेगा।

8वें वित्त आयोग और जेसीएम के बीच आज दिल्ली में सुबह 11 बजे एक बड़ी बैठक हुई। यह बैठक करीब डेढ़ घंटे तक चली। इस बैठक में पे कमीशन की अध्यक्ष रंजना प्रकाश देसाई भी मौजूद रही। मीटिंग में सैलरी, फिटमेंट फैक्टर्स, बेसिक पे आदि विषयों पर गंभीर चर्चा हुई। JCM की तरफ से कई बड़ी डिमांड की गई है। बता दें, 28 से 30 अप्रैल के बीच 8वें पे कमीशन की बड़ी बैठक दिल्ली में चल रही है। इसमें आयोग अलग-अलग स्टेकहोल्डर्स से बातचीत कर रहा है।

नवंबर 2025 में बने 8वें वेतन आयोग (8th CPC) को लेकर अनुमान है कि इसका कुल वित्तीय बोझ ₹3.7 से ₹3.9 लाख करोड़ तक हो सकता है। यह 2016 के 7वें वेतन आयोग से करीब चार गुना बड़ा है, लेकिन असली कहानी सिर्फ इस खर्च की नहीं है, बल्कि उस बदलाव की है, जो यह भारतीय परिवारों के खर्च और बचत के व्यवहार में लाएगा।

वें वेतन आयोग ने अपनी बातचीत और सुझाव लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह प्रक्रिया केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सैलरी, भत्तों और अन्य सुविधाओं को तय करने के लिए बहुत अहम मानी जाती है। आयोग 28 अप्रैल से 30 अप्रैल तक दिल्ली में कर्मचारी यूनियनों और संगठनों से मुलाकात कर रहा है। हालांकि, आयोग को इतनी ज्यादा रिक्वेस्ट मिली हैं कि सभी संगठनों को इस पहले दौर में शामिल करना संभव नहीं हो पाएगा।

8वें वेतन आयोग पर बड़ा अपडेट

जनवरी में 8वें वेतन आयोग का गठन किया गया था, जिसे 18 महीने में अपनी रिपोर्ट पेश करनी है. इसी के मद्देनजर, आयोग ने जमीनी स्‍तर पर काम तेज कर दिया है और एक के बाद एक राज्‍यों के साथ बैठक कर रहा है और केंद्रीय कर्मचारियों के यूनियन की मांगों पर विस्‍तार से चर्चा कर रहा है.

मंगलवार को दिल्‍ली में एक बैठक शुरू की गई, जो 3 दिनों तक चलेगी. इससे पहल उत्तराखंड में 8वें पे कमीशन को लेकर बैठक हुई थी. इस बैठक में कर्मचारियों की मांगों पर विस्‍तार से चर्चा की गई. 30 अप्रैल तक दिल्‍ली में इसकी बैठक चलेगी. इसके बाद मई महीने में आयोग की टीम पुणे और महाराष्‍ट्र के अन्‍य ऑर्गनाइजेशन के साथ मिलकर उनका फीडबैक लेगी.

69,000 मिनिमम सैलरी की डिमांड 
8वां वेतन आयोग मिनिमम बेसिक सैलरी के साथ ही कई भत्तों की भी समीक्षा कर रहा है, जिसमें ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA), हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और अन्य सेवा शर्तें शामिल हैं. कर्मचारी आयोग का कहना है कि इन भत्तों में भी सुधार की आवश्‍यकता है. इसके साथ ही बेसिक पे को भी बढ़ाने की मांग है. आयोग ने मिनिमम बेसिक पे को 18000 रुपये से बढ़ाकर 69,000 रुपये करने का प्रस्‍ताव दिया है.

फिटमेंट फैक्‍टर इतना करने की मांग
8वें वेतन आयोग के तहत केंद्र सरकार के सामने कर्मचारी संगठनों के संयुक्त मंच (NC-JCM) की ड्राफ्टिंग कमेटी ने फिटमेंट फैक्‍टर को लेकर बड़ी मांग रख दी है. फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.833 करने की मांग की गई है. अगर यह मांग मान ली जाती है, तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बड़ी उछाल आएगी.

5 यूनिट की फैमिली 
एक बदलाव 5 यूनिट फैमिली को लेकर है, क्‍योंकि अभी तक 3 यूनिट की फैमिली मानकर भत्ता तय किया जाता है. अब यूनियन की मांग 5 यूनिट की फैमिली मानकर किया जा रहा है. अगर ऐसा होता है तो केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में और भी बड़ा इजाफा होगा.

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