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सीवान के गौरव हैं आईएएस डॉ कौशल  

सीवान के गौरव हैं आईएएस डॉ कौशल

कर्तव्य निष्ठा और इमानदारी का उपहार

श्रीनारद मीडिया, जीरादेई, सीवान (बिहार):

 

गणतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति देशरत्न डॉ राजेंद्र प्रसाद के पैतृक क्षेत्र तथा भगवान बुद्ध के पूर्व जन्म का साक्षी रहा ऐतिहासिक ,धार्मिक एवं पुरातात्विक गांव तितिरा के मूल निवासी आईएएस डॉ कौशल किशोर अपनी कर्तव्य निष्ठा ,ईमानदारी और विकसित बिहार के सपने को सजाने में दिन रात लगे हुए है ।इनकी इसी कर्मठता को देखते हुए बिहार सरकार ने उपलब्धियों का झड़ी लगा रही है ।

आईएएस कौशल के पूर्वज बहुत बड़े किसान थे इनके दादा बाबू रामनाथ राय स्वतंत्र भारत के प्रथम मुखिया थे तथा प्रथम पैक्स अध्यक्ष भी थे इनका संबंध देशरत्न डा राजेंद्र प्रसाद से बहुत ही घनिष्ठ था ।1957 मे तितरा मे कृषि विद्यालय खोलने के लिए राजेंद्र बाबू को भूमि भी दान किए थे ।कृषि विद्यालय तो नहीं बन पाया पर आज उसी भूमि में आईटीआई ,प्राथमिक अस्पताल तथा बिजली का फीडर केंद्र बिहार सरकार के विकास की नई गाथा लिख रहा है साथ ही तितर स्तूप का भूमि भी इन्हीं के परिवार की जमींदारी में थी।

 

इनके पिता डॉ ललितेश्वर कुमार राष्ट्र सृजन अभियान के राष्ट्रीय महासचिव हैं तथा अनेकों सामाजिक और शिक्षा संस्थानों ने इनको शिक्षा एवं सामाजिक कार्यों के लिए नवाजा है । डॉ कौशल के तीसरे भाई ई. हरकिशोर राय बेतिया रेंज के डी आई जी हैं । अन्य दो भाई डॉ नंद किशोर एवं डॉ गिरिजा किशोर बहुत बड़े चिकित्सक हैं ।
डॉ. कौशल किशोर : जमुई के जिला प्रभारी सचिव बन विकास की नई उड़ान के सारथी बने है ।

 

जो असीम गर्व, आत्मीय प्रसन्नता और हृदयगत संतोष का विषय है, कि बिहार सरकार ने जमुई के पूर्व जिलाधिकारी, डॉ. कौशल किशोर, भा.प्र.से. (2010) को विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की सघन निगरानी हेतु जमुई जिला का प्रभारी सचिव नियुक्त किया है।

यह महत्वपूर्ण दायित्व इनकी असाधारण प्रशासकीय क्षमता, अद्वितीय कार्यनिष्ठा, दूरदर्शी सोच और लोककल्याण के प्रति अटूट समर्पण का जीवंत प्रमाण है।

डॉ कौशल वर्तमान में सचिव, युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग, बिहार, पटना के रूप में राज्य के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं। इनकी प्रशासनिक जीवन अनुशासन, पारदर्शिता, संवेदनशीलता और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पित भाव से प्रेरित रहा है। जो सफल चिकित्सक से आई ए एस तक की उपलब्धि में अनुमंडल पदाधिकारी चकिया, फिर बेगूसराय के डी डी सी पद से प्रारंभ हुई फिर जमुई के जिलाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव, निदेशक, महिला एवं बाल विकास विभाग बिहार,प्रमंडल आयुक्त दरभंगा एवं मुजफ्फरपुर और वर्तमान में बिहार राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड (बेल्ट्रॉन), पटना के प्रबंध निदेशक के अतिरिक्त दायित्व तक निरंतर ऊँचाइयों को छूती रही है।

जमुई जिलाधिकारी के रूप में इनके कार्यकाल में बेला खैरा में जमुई मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति, गंगरा सहित अनेक गाँवों में उपस्वास्थ्य केंद्रों की मंजूरी, दर्जनों विकास कार्य योजना से जमुई का विकास हुआ साथ ही 2018 में इनके आदेश पर एन आई सी जमुई पर लोकदेवता बाबा कोकिलचंद की संस्कृति को डिजिटल रूप में सहेजा जाना, जनहित के प्रति इनकी संवेदना को दर्शाते हैं।

बाबा कोकिलचंद के त्रिसूत्रीय संदेश, ग्राम सामूहिक दीपावली महोत्सव तथा मंदिर विकास हेतु निरंतर लगे रहना साथ ही बाबा कोकिलचंद धाम, गंगरा को बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद, पटना से निबंधन तक पहुँचाने में महती भूमिका है । इनकी उपलब्धियों की उड़ान से क्षेत्रवासियों में हर्ष का माहौल है ।प्राचार्य डा कृष्ण कुमार सिंह, पूर्व मुखिया रामेश्वर राय, जयप्रकाश उच्च विद्यालय के अध्यक्ष प्रशांत कुमार, डॉ गणेश दत्त पाठक, मनोज कुमार,अभय राय, पूर्व शिक्षक अशोक राय, जयप्रकाश तिवारी, डॉ विजय सिंह, डॉ प्रेम शर्मा, अवध किशोर राय, शानू राय,ई अंकित मिश्र ,राजन तिवारी शैलेन्द्र राय, कैलाश राय आदि ने बधाई दी है ।

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