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2029 में महिला आरक्षण देना है तो परिसीमन जरूरी- अमित शाह

2029 में महिला आरक्षण देना है तो परिसीमन जरूरी- अमित शाह

राहुल गांधी ने नेता प्रतिपक्ष पद की गरिमा गिराई है: चिराग पासवान

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

बजट सत्र का विस्तार करते हुए सरकार ने तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया है, जो गुरुवार (16 अप्रैल, 2026) को शुरू हो गया। इसमें तीन मुख्य विधेयक संविधान (131वां) संशोधन विधेयक, परिसीमन विधेयक 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किए गए। आज लोकसभा में वोटिंग होनी है।

सरकार ने कहा है कि इन विधेयकों का उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण के कार्यान्वयन में तेजी लाना है। मंगलवार (14 अप्रैल, 2026) को केंद्र सरकार ने सांसदों के बीच ड्राफ्ट बिल बांटे। ये बिल महिलाओं के लिए आरक्षण कानून ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लागू करने और नए सिरे से परिसीमन करने से जुड़े हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में महिला आरक्षण बिल और परिसीमन बिल पर बहस का जवाब देते हुए कहा, ‘विपक्ष ने कुछ भ्रांतियां फैलाई हैं-

1) हम जाति जनगणना तो टालने के लिए यह कर रहे हैं। तीन महीने पहले हम जाति जनगणना का पूरा टाइमटेबल हम घोषित कर चुके हैं, इसे टालने का सवाल ही नहीं है।

2) उत्तर बनाम दक्षिण का नैरेटिव- मैं फिर से स्पष्ट करता हूं कि दक्षिण के राज्यों का भी इस सदन पर उतना ही अधिकार है जितना के राज्यों का है… उत्तर-दक्षिण के नैरेटिव से देश के टूकड़े-टूकड़े नहीं करना चाहिए, इससे ऊपर उठना चाहिए… जिन्होंने संविधान हाथ में लेकर शपथ ली है वे उत्तर-दक्षिण का भेद कराना चाहते हैं, हम यह नहीं होने देंगे।’

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में महिला आरक्षण बिल और परिसीमन बिल पर बहस का जवाब देते हुए कहा, ‘1972 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सरकार ने परिसीमन विधेयक लाकर सीटों को 525 से बढ़ाकर 545 किया और फिर इसे फ्रीज कर दिया। 1976 में सत्ता बचाने के लिए आपातकाल के काल में 42वें संशोधन द्वारा परिसीमन पर रोक लगा दी… उस वक्त भी कांग्रेस पार्टी ने ही परिसीमन से देश की जनता को वंचित रखा था और आज भी कांग्रेस पार्टी ही परिसीमन से वंचित रख रही है। 2001 में 84वां संशोधन हुआ और 2026 तक सीटों की संख्या को फ्रीज कर दिया गया।’

लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ‘हमारे संविधान में समय-समय पर परिसीमन का प्रावधान किया गया है। परिसीमन से ही SC और ST जिसकी संख्या बढ़ती है उसकी सीटें बढ़ने का भी प्राविधान है। एक प्रकार से जो परिसीमन का विरोध कर रहे हैं वह SC और ST सीटों की बढ़ोतरी का भी विरोध कर रहे हैं।’

राहुल गांधी ने नेता प्रतिपक्ष पद की गरिमा गिराई है: चिराग पासवान

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने राहुल गांधी के भाषण पर कहा, ‘आज उन्होंने नेता प्रतिपक्ष पद की गरिमा गिराई है… पूरा भाषण आपका भूमिका में चला गया, आपका पूरा भाषण उदाहरण देने में निकल गया… हद तो तब हो गई जब आप ऐसे शब्दों के उद्धरण के साथ प्रधानमंत्री को जोड़कर बताने लगते हैं। आपको नीतिगत विरोध करना चाहिए, आपको अपने सुझाव पेश करने चाहिए… कहीं न कहीं, उन्होंने अपने ही सांसदों के सामने खुद को हंसी का पात्र बना लिया… मैं उनके भाषण से बहुत निराश हूं। लोकतंत्र में विपक्ष की अहम भूमिका होती है, लेकिन अगर विपक्ष खुद को हंसी का पात्र बनाना चाहता है, अगर वे सिर्फ कॉमेडी भाषण देना चाहते हैं, तो मुझे नहीं लगता कि वे नेता प्रतिपक्ष बनने के लायक हैं…’

उन्होंने आगे कहा, ‘सभी को अपनी अंतरात्मा की आवाज पर वोट करना चाहिए। अगर आप फिर से किसी दूसरे विषय के कारण इस बिल में देरी करते हैं तो देश की एक बड़ी आबादी आपको माफ नहीं करेगी…’

 

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