Raghunathpur: परहिया धाम में मनाया जाएगा श्री श्री 1008 श्री हरिराम ब्रह्म जी महाराज का 413वां जन्म महोत्सव
भव्य कार्यक्रम की तैयारी जोरों पर
श्रीनारद मीडिया, प्रकाश चन्द्र द्विवेदी, रघुनाथपुर, सिवान (बिहार)

धर्म, आस्था और भक्ति के प्रतीक, श्री श्री 1008 श्री राजाधिराज हरिराम ब्रह्म जी महाराज का 413वां जन्म महोत्सव इस वर्ष भी परंपरागत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। यह पावन आयोजन दिनांक 14 मई 2026, गुरुवार को सिवान जिले के रघुनाथपुर प्रखंड अंतर्गत गांव परहिया धाम, खुझवा, में आयोजित किया जा रहा है। यह शुभ दिन विक्रमी संवत 2083, शक 1948 के ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की द्वितीय तिथि को पड़ रहा है।
हर वर्ष की भाँति इस वर्ष भी आयोजन को विशेष रूप से भव्य और भक्तिमय बनाने के लिए तैयारियाँ जोरों पर हैं। आयोजन समिति ने इस बार श्रद्धालुओं के लिए कई धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की है। सुबह 9 बजे से महाभिषेक और पूजा विधि की शुरुआत होगी, जिसमें काशी से आमंत्रित विद्वान सह बाबा हरिराम ब्रह्म वेद विद्यालय के वैदिक बटुक विशेष मंत्रों के साथ बाबा हरिराम ब्रह्म जी महाराज का प्रयाग पीठाधीश्वर सुशील दास त्यागी महाराज जी के सान्निध्य में आचार्य पवन दूबे द्वारा पूजन अभिषेक इत्यादि सम्पन्न कराया जाएगा

दिनभर होंगे धार्मिक अनुष्ठान और भक्ति कार्यक्रम:
सुबह के अभिषेक और पूजन के बाद दोपहर में हवन, आरती एवं ब्राह्मणों को भोजन कराया जाएगा। इसके उपरांत सायंकाल 2001 दीपों का भव्य दीप प्रज्वलन किया जाएगा। संध्या समय श्रद्धालु भजन-कीर्तन, आरती और कथा श्रवण का आनंद ले सकेंगे। जिसमें आमंत्रित भजन मंडली ब्यास अरविन्द सिंह अभियंता (गोपालगंज) के द्वारा विशेष प्रस्तुति होगी। साथ ही
मेला का आयोजन भी किया जाएगा।
संपूर्ण आयोजन होगा आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर:
यह महोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में आस्था और भक्ति की एक मिसाल बन चुका है। हर वर्ष हजारों की संख्या में श्रद्धालु इस आयोजन में भाग लेते हैं और अपने जीवन में अध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करते हैं। बाबा हरिराम ब्रह्म जी की महिमा और उनके जीवन का प्रभाव आज भी जनमानस पर अमिट छाप छोड़ता है। सीवान जिले के एक छोटे से गाँव बभनौली में जन्मे बाबा हरिराम जी ने बाद में पाँच गाँवों में अपनी आध्यात्मिक चेतना का विस्तार किया। उनके पिताजी का स्थायी निवास परहिया धाम, बसंतपुर मझौलिया में था, जो आज भी तीर्थ स्थल के रूप में विख्यात है।
आयोजन समिति का सहयोग और संयोजन:
इस आयोजन के मुख्य यजमान गुड्डू दुबे, श्रीकांत दूबे, संतोष दुबे, अजित दुबे, लवकुश दुबे, ओमप्रकाश दुबे, छुटकू हैं। साथ ही प्रमुख सेवा कार्यकर्ता के रूप में आकाश बाबू “डॉक्टर साहब” व जन समाज समर्पित सेवक पूरे आयोजन को व्यवस्थित करने में लगे हुए हैं।
: विशेष अतिथि के रूप में सतीश पाण्डेय जी, पप्पू पाण्डेय जी व मुकेश पाण्डेय उपस्थित रहेंगे।
:::::::: आयोजन कर्ता
तेजनारायण दुबे, वशिष्ठ दुबे, सुरेश दूबे, बीरेंद्र दुबे, राधेश्याम दुबे, संजय दुबे, टुनटुन तिवारी, श्रीनिवास दुबे, पवन दुबे, टुन्नू तिवारी, मदन दुबे, सत्येंद्र दुबे उर्फ काका, संजय दुबे, हरेंद्र दूबे, उमेश दुबे, ललन दुबे, धर्मराज दुबे, द्वारिका यादव, मोतीलाल यादव, योगेंद्र यादव, पारस भगत, रामबिलास शाह, चुनीलाल भगत, भोला शर्मा, रामदयाल शर्मा सहित सभी लोग उपस्थित रहेंगे
भक्तों से की गई विशेष अपील:
समस्त ग्रामवासी एवं क्षेत्रवासी इस भव्य आयोजन में सभी भक्तगणों को सपरिवार आमंत्रित कर रहे हैं। यह महोत्सव केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, आपसी प्रेम और श्रद्धा का भी प्रतीक बनता जा रहा है। अतः सभी श्रद्धालुओं से निवेदन किया गया है कि वे इस पावन अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर बाबा हरिराम ब्रह्म जी महाराज के चरणों में उपस्थित हों और पुण्य लाभ प्राप्त करें।
श्रीमती दूबे ने आगे कहा कि आज के समय में मनुष्य के भीतर काम, मोह और माया का जो “प्रदूषण” है, उसे दूर करने के लिए राम कथा से जुड़ना अत्यंत आवश्यक है। बिना राम कथा के यह आंतरिक शुद्धि संभव नहीं है। उनके द्वारा प्रस्तुत गीत—“सबका बेड़ा पार लगाती राम कथा, जीवन का आधार बनाती राम कथा”—ने पूरे पंडाल में आध्यात्मिक माहौल बना दिया और श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
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