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25 जुलाई को श्री हरिशयनी एकादशी, चार महीने तक स्थगित रहेंगे मांगलिक कार्य 

25 जुलाई को श्री हरिशयनी एकादशी, चार महीने तक स्थगित रहेंगे मांगलिक कार्य

श्रीनारद मीडिया, दारौंदा सीवान (बिहार )।

सीवन जिला सहित दारौंदा प्रखंड के विभन्न क्षेत्रों में आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी इस वर्ष 25 जुलाई, शनिवार को श्रद्धा व भक्ति के साथ मनाई जाएगी। इसी दिन से चातुर्मास की शुरुआत होगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्री हरिशयनी एकादशी के दिन भगवान श्रीहरि विष्णु माता लक्ष्मी के साथ क्षीरसागर में योगनिद्रा में चले जाते हैं। भगवान विष्णु के योगनिद्रा में जाने के साथ ही चार महीने तक चलने वाले चातुर्मास का प्रारंभ माना जाता है। इस दौरान सृष्टि के पालन-पोषण का दायित्व देवाधिदेव भगवान महादेव के पास रहता है।
पंडितों के अनुसार, इस बार देवशयनी एकादशी पर कई शुभ और दुर्लभ योगों का संयोग बन रहा है। इस दिन अमृतसिद्धि योग, शिववास योग और ब्रह्म योग सहित कई शुभ योग बनने से एकादशी का महत्व और बढ़ गया है। श्रद्धालु भगवान विष्णु की विधिवत पूजा-अर्चना कर व्रत रखेंगे और सुख-समृद्धि की कामना करेंगे।
पंचांग के अनुसार, आषाढ़ शुक्ल एकादशी तिथि की शुरुआत शुक्रवार 24 जुलाई को सुबह 9 बजकर 09 मिनट से होगी, जबकि इसका समापन शनिवार 25 जुलाई को सुबह 11 बजकर 57 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार देवशयनी एकादशी का व्रत 25 जुलाई को ही रखा जाएगा। व्रत का पारण रविवार 26 जुलाई को सूर्योदय के बाद किया जाएगा।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान विष्णु की योगनिद्रा की अवधि को चातुर्मास कहा जाता है। इस दौरान विवाह सहित कई मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाता है। वहीं साधु-संत एक स्थान पर रहकर भजन-कीर्तन, पूजा-पाठ और प्रवचन जैसे धार्मिक कार्यों में समय व्यतीत करते हैं। श्रद्धालुओं के लिए यह चार महीने तप, साधना, भक्ति और आत्मसंयम का विशेष काल माना जाता है।

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