स्वतंत्र भारत के इतिहास में 1975 का इमरजेंसी देश का काला अध्याय था … प्रमोद
श्रीनारद मीडिया, एम सावर्ण, भगवानपुर हाट, सीवान (बिहार):
25 जून 1975 भारत के इतिहास का काला दिन के रूप में संपूर्ण राष्ट्र में याद किया जाता है । इसी दिन श्रीमती इंदिरा गांधी ने अपने प्रधानमंत्री पद का दुरुपयोग कर देश पर इमर्जेंसी थोप नागरिकों के अधिकारों का हनन किया था ।
यह बातें भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्य समिति सदस्य प्रमोद सिग्रीवाल ने कही। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी जैसे काला अध्याय का 51 वर्ष पूरा हो गया लेकिन जब भी उस दिन को याद किया जाता है तो सिहरन हो उठता है ।
भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और उसके नेता एक सोची समझी साजिश के तहत नागरिकों का मौलिक अधिकार छीनने के लिए इमरजेंसी जैसी काला कानून लाया था । प्रमोद सिग्रीवाल ने कहा कि भारत के लोग 25 जून को काला दिवस के रूप में याद करते है ।
इंदिरा गांधी ने इमरजेंसी लागू कर देश के सभी विरोधी नेताओं, राष्ट्र चिंतकों, युवा नेताओं को काल कोठरी में बंद कर दी थी । उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी काले कानून इमरजेंसी के सताए नेता महराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल भी है ।
यह भी पढ़ें
जन विकास सामाजिक कल्याण ट्रस्ट द्वारा मुहर्रम पर किया गयाशरबत एवं मिठाई का वितरण
शिक्षा पाने के लिए हनुमान जी ने किया था शादी – मालती
सिधवलिया की खबरें : दुकान का शटर काटकर नगदी सहित हजारों की संपत्ति चोरी
महम्मदपुर सेंट्रल बैंक के सामने सड़क पर बने बड़े गड्ढे से आए दिन हो रहे हैं दुर्घटनाएं
28 जून से शुरू हो रहे पल्स पोलियो अभियान को सफल बनाने के लिए मशरक में निकली जागरूकता प्रभात फेरी
दाऊदपुर में हाइवा के चपेट में आने से होटल संचालक की मौत
भीखपुर में मुहर्रम के अवसर पर निकला दो बड़े ताजियों का भव्य जुलूस
