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केंद्र सरकार ने घुसपैठ और अप्राकृतिक जनसांख्यिकीय परिवर्तनों के विश्लेषण के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया है

केंद्र सरकार ने घुसपैठ और अप्राकृतिक जनसांख्यिकीय परिवर्तनों के विश्लेषण के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया है

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

केंद्र सरकार ने घुसपैठ और अप्राकृतिक जनसांख्यिकीय परिवर्तनों के पैटर्न के विश्लेषण के लिए एक हाई लेवल कमेटी का गठन किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नावलेकर (रिटायर्ड) की अध्यक्षता में हाई लेवल कमेटी का गठन किया गया है।

कौन हैं जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नावलेकर?

जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नावलेकर भारत के सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश और मध्य प्रदेश के पूर्व लोकायुक्त हैं। मध्य प्रदेश के जबलपुर में 29 जून 1943 को जन्मे प्रकाश प्रभाकर नावलेकर वकीलों के प्रतिष्ठित परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने जबलपुर विश्वविद्यालय से साल 1963 में बी. कॉम और साल 1965 में एलएलबी की डिग्री हासिल की।

जस्टिस एपी सेन और जस्टिस जे एस वर्मा की अंडर वकालत की शुरूआत की। एक वकील के रूप में उन्होंने सिविल, क्रिमिनल, संवैधानिक, लेबर और सर्विस से जुड़े मामलों में लंबी प्रैक्टिस की। वह मध्य प्रदेश हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष भी रहे।

न्यायिक करियर

15 जून 1992 को उन्हें मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किया गया। इसके बाद 1994 में उनका तबादला राजस्थान हाई कोर्ट में कर दिया गया। 10 जून 2002 को उन्होंने गुवाहाटी हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली।

28 जुलाई 2004 को उन्हें प्रमोट कर भारत के सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश बनाया गया। जहां से वे 29 जून 2008 को रिटायर हुए।

सुप्रीम कोर्ट से रिटायर होने के बाद, साल 2009 में उन्हें मध्य प्रदेश का लोकायुक्त नियुक्त किया गया। भ्रष्टाचार-विरोधी लोकपाल के पद पर उन्होंने साल 2016 तक अपनी सेवाएं दीं। न्यायिक कार्यों के अलावा जस्टिस नावलेकर को शास्त्रीय संगीत और खेलों में भी गहरी रुचि रही है, और वे कई सामाजिक व शैक्षणिक संस्थाओं से भी जुड़े रहे हैं।

कमेटी में अन्य सदस्य भी शामिल

इस कमेटी में अध्यक्ष जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नावलेकर के अलावा दुर्गा शंकर मिश्रा (Retd IAS), बालाजी श्रीवास्तव (Retd IPS) और डॉ. शमिका रवि समिति के सदस्य होंगे। संयुक्त सचिव गृह मंत्रालय, इस समिति के सदस्य सचिव होंगे।

कौन हैं दुर्गा शंकर मिश्रा?

दुर्गा शंकर मिश्रा, उत्तर प्रदेश कैडर के 1984 बैच के रिटायर IAS अधिकारी हैं। उन्होंने 1 जनवरी से 30 जून 2024 तक लखनऊ में उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव के रूप में कार्य किया। अपने पूरे करियर के दौरान, उन्होंने सचिव, अतिरिक्त सचिव, संयुक्त सचिव, प्रधान सचिव, मुख्य सतर्कता अधिकारी और जिला कलेक्टर जैसे विभिन्न पदों पर कार्य किया। उन्हें उत्कृष्टता प्रमाण पत्र और सर्वश्रेष्ठ परिवीक्षाधीन पुरस्कार सहित कई पुरस्कार प्राप्त हुए।

कौन हैं बालाजी श्रीवास्तव?

बालाजी श्रीवास्तव, अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम केंद्र शासित प्रदेश कैडर के 1988 बैच के रिटायर IPS अधिकारी हैं। उन्हें 38 साल की सेवा में कई सम्मान भी मिले, जिनमें विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक (2012); सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक (2005) शामिल हैं।

कौन हैं डॉ. शमिका रवि?

डॉ. शमिका रवि वर्तमान में प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की सदस्य और भारत सरकार की सचिव हैं। इससे पहले, डॉ, रवि ब्रूकिंग इंडिया में अनुसंधान निदेशक, ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन में आर्थिक नीति की उपाध्यक्ष और ब्रूकिंग्स इंस्टीट्यूशन में गवर्नेंस स्टडीज प्रोग्राम की अनिवासी वरिष्ठ फेलो रह चुकी हैं। इन सदस्यों के अलावा, संयुक्त सचिव, गृह मंत्रालय, इस समिति के सदस्य होंगे।

 

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