सारण में सदर अस्पताल समेत 5 स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों के लिए उपलब्ध है अल्ट्रासाउंड की सुविधा
• जिले के अन्य कुछ स्वास्थ्य केंद्रों में सेवा उपलब्ध कराने की चल रही है तैयारी
• स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों की हुई है पोस्टिंग
• मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती
• 90 प्रतिशत से अधिक आवश्यक दवाएं उपलब्ध
श्रीनारद मीडिया, पंकज मिश्रा, अमनौर/छपरा (बिहार):

छपरा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढीकरण को लेकर स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है। इस दिशा में कई महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। जिले के छपरा सदर अस्पताल समेत 5 स्वास्थ्य संस्थानों में अल्ट्रासाउंड की सुविधा मरीजों को प्रदान की जा रही है। छपरा सदर अस्पताल, सोनपुर अनुमंडलीय अस्पताल, मढौरा अनुमंडलीय अस्पताल, बनियापुर रेफरल अस्पताल और दरियापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध है। इससे आस-पास के प्रखंडों और गांवों के मरीजों को भी लाभ मिल रहा है। इससे खासकर गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों को निजी जांच केंद्रों पर निर्भर रहने से काफी राहत मिली है। स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि आने वाले समय में जिले के अधिक से अधिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच और उपचार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उनके नजदीक ही मिल सकें।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती
जिला स्वास्थ्य समिति के जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) अरविंद कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने के लिए जिले के कुछ अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में भी अल्ट्रासाउंड सुविधा शुरू करने की तैयारी चल रही है। इसके लिए आवश्यक संसाधन और तकनीकी व्यवस्था उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा जिले में स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों की भी पोस्टिंग की गई है, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूती मिली है। गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, प्रसव पूर्व देखभाल और अन्य स्त्री रोग संबंधी उपचार अब सरकारी अस्पतालों में ही बेहतर तरीके से संभव हो पा रहा है।
90 प्रतिशत से अधिक आवश्यक दवाएं उपलब्ध
इसके अलावा जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता भी संतोषजनक है। जिला स्वास्थ्य समिति के अनुसार, जिले के सरकारी अस्पतालों में औसतन 90 प्रतिशत से अधिक आवश्यक दवाएं उपलब्ध हैं, जिससे मरीजों को बाहर से दवा खरीदने की आवश्यकता कम पड़ रही है।
पहले अल्ट्रासांउड कराने बाहर जाना पड़ता था
मढौरा की रहने वाली गर्भवती महिला रेखा देवी ने बताया पहले अल्ट्रासाउंड कराने के लिए बाहर जाना पड़ता था और काफी खर्च भी होता था। अब सरकारी अस्पताल में ही यह जांच हो जाती है, जिससे हमें बहुत राहत मिली है। डॉक्टर और स्टाफ भी सही तरीके से जांच कर रहे हैं।
सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने में मिल रही है मदद
बनियापुर प्रखंड की आशा कार्यकर्ता संगीता देवी ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड की सुविधा शुरू होने से गर्भवती महिलाओं की समय पर जांच संभव हो रही है। हम लोग गांव-गांव जाकर महिलाओं को अस्पताल में जांच कराने के लिए प्रेरित करते हैं। अब जब यह सुविधा नजदीक में उपलब्ध है तो महिलाएं भी आसानी से अस्पताल आ रही हैं और सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने में मदद मिल रही है।
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