असम राइफल्स का कब हुआ था स्थापना ? स्थापना दिवस पर विशेष
श्रीनारद मीडिया, सेंट्रल डेस्क:

असम राइफल्स की स्थापना 24 मार्च 1835 को हुई थी। यह भारत का सबसे पुराना अर्धसैनिक बल है, जिसे मूल रूप से ‘कछार लेवी’ (Cachar Levy) के नाम से स्थापित किया गया था। अंग्रेजों द्वारा चाय बागानों की सुरक्षा के लिए बनाया गया यह बल, अब पूर्वोत्तर भारत की सीमाओं की सुरक्षा और उग्रवाद विरोधी अभियानों में मुख्य भूमिका निभाता है। यह गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) के प्रशासनिक और परिचालन नियंत्रण में कार्य करता है।
असम राइफल्स का मुख्य आदर्श वाक्य “पूर्वोत्तर के प्रहरी” (Sentinels of the North East) है। इसके अलावा, उत्तर-पूर्वी क्षेत्र की स्वदेशी आबादी के साथ सकारात्मक संबंधों को उजागर करने के लिए “पहाड़ी लोगों के मित्र” (Friends of the Hill People) का भी प्रयोग किया जाता है।
असम राइफल्स का मुख्य महानिदेशालय (Headquarters) शिलांग (Shillong), मेघालय में स्थित है। यह पूर्वोत्तर भारत का सबसे पुराना अर्धसैनिक बल है, जिसका गठन 1835 में किया गया था और इसका महानिदेशालय शिलांग के लैतकोर (Laitkor) इलाके में स्थित है।
वर्तमान में असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा (Lt Gen Vikas Lakhera) हैं। उन्होंने 1 अगस्त 2024 को 22वें महानिदेशक के रूप में पदभार ग्रहण किया। यह शिलांग स्थित मुख्यालय से कार्य करते हैं।
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