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युगादि मित्र मिलन 2026 @ कला आश्रम, अदिलाबाद

युगादि मित्र मिलन 2026 @ कला आश्रम, अदिलाबाद

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

गत 19-20-21 मार्च को गुरुजी स्व. श्री रवीन्द्र शर्मा जी द्वारा स्थापित कला आश्रम के वार्षिक उत्सव एवं आश्रम मित्र मिलन कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर प्राप्त हुआ। यह कार्यक्रम गत 30-35 वर्षों से अनवरत चलता आ रहा है।

कार्यक्रम के प्रथम दिन का शुभारम्भ युगादि पूजन एवं हवन से हुआ। तत्पश्चात देशभर से पधारे नए-पुराने आश्रम मित्रों का परिचय सत्र हुआ। भोजन के उपरान्त वाले सत्र में तीन विभिन्न प्रकार की प्रदर्शनियों का उद्घाटन एवं उस पर चर्चा सत्रों का आयोजन हुआ। पहली प्रदर्शनी अदिलाबाद में ‘The Hindu’ के पूर्व रेसिडेंट एडिटर श्री हरपाल सिंह द्वारा अदिलाबाद की प्रसिद्ध केसलापुर जात्रा के लिए गए छायाचित्रों की थी।

साथ आयोजित चर्चा सत्र में अदिलाबाद के राज गोण्डों और उनकी इस प्रसिद्ध जात्रा पर विस्तृत चर्चा हुई। अगली प्रदर्शनी अदिलाबाद के नजदीक स्थित तोषम गाँव के श्री राम द्वारा बनाई गई गोण्ड पैंटिंग्स की थी। एक अन्य प्रदर्शनी अदिलाबाद के केन्द्रीय विद्यालय में कार्यरत कला शिक्षक श्री अमित वर्मा की पैंटिंग्स की थी। श्री अमित वर्मा, गुरुजी श्री रवीन्द्र शर्मा जी के सहपाठी रहे श्री मदन लाल जी के साथ बी.एच.यू. के फाइन आर्ट्स विभाग के छात्र रह चुके हैं।

कार्यक्रम का दूसरा दिन विभिन्न पुस्तकों के अनावरण एवं उन पर चर्चाओं का रहा। सबसे पहले गुरुजी श्री रवीन्द्र शर्मा जी की बातचीतों पर आधारित दो पुस्तक शृंखलाओं – भारत गाथा एवं भारत कथा – में विभक्त कुल 15 खण्डों का उसके मूल स्थान पर अनावरण एवं लोकार्पण हुआ। तत्पश्चात इन पुस्तकों के संकलक एवं सम्पादक श्री आशीष गुप्ता के साथ इन पुस्तकों पर एक लंबा चर्चा सत्र आयोजित हुआ। इसके पश्चात अदिलाबाद के ही श्री मुरलीधर राव जी के कहानी संग्रह ‘नेमिलिनारा’ के हिन्दी अनुवाद ‘मोरपंखी पेड़’ का लोकार्पण एवं उस पर चर्चा हुई।

अगला सत्र गुरुजी की बातचीतों पर आधारित अन्य आगामी पुस्तकों पर चर्चा का रहा। इन पुस्तकों में अदिलाबाद के श्री अपूर्व शर्मा द्वारा लिखित अंग्रेजी पुस्तक ‘Unchaas’ एवं बेंगुलुरु के श्री पी वी के प्रशान्त की अंग्रेजी भाषा में लिखित तीन पुस्तकें ‘Bhartiya Non-translatable Words’, ‘Bhikshavritti Jaaties of Karnataka’ एवं ‘Introduction to Bhartiyata’ शामिल हैं।

संध्या समय में गोण्ड समाज के लिए गाने वाले थोटी समाज के श्री भीमराव एवं अन्य लोगों द्वारा सुमधुर गायन प्रस्तुत किया गया। और फिर भोजनोपरांत गुरुजी के बचपन के मित्र रहे श्री गणेश जी द्वारा प्रशिक्षित बच्चों एवं अन्य सभी वय के लोगों द्वारा अदिलाबाद के प्रसिद्ध कोलाटम लोकनृत्य की मनमोहक प्रस्तुति हुई।

कार्यक्रम के तृतीय दिवस में तीनों दिनों के लिए पधारे श्री सुरेश जी सोनी का समापन वक्तव्य रूपी मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। पूरे कार्यक्रम में आपके सहित विभिन्न राज्यों से पधारे आश्रम मित्रों का सानिध्य प्राप्त हुआ। पूरे कार्यक्रम के शानदार आयोजन के लिए अम्मा जी, अपूर्व, नताशा, दिव्या और अन्य सभी सहयोगियों का बहुत बहुत साधुवाद।

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