Headlines

अमेरिका के साथ नहीं होगी कोई बात-ईरान

अमेरिका के साथ नहीं होगी कोई बात-ईरान

ईरान ने पाकिस्तान के मध्यस्थता प्रस्ताव को ठुकराया

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क 

पाकिस्तान ने दावा किया था कि वह अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए सीधी बातचीत की मेजबानी करने के लिए तैयार है, लेकिन पाकिस्तान के इस प्रस्ताव को ईरान ने पूरी तरह खारिज कर दिया है।मुंबई में ईरान के महावाणिज्य दूतावास ने सोमवार को कहा कि अमेरिका के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं हुई है, सिर्फ बिचौलियों के जरिए ही बहुत ज्यादा और बेतुकी मांगें भेजी गई हैं।

ईरान ने ठुकराया पाकिस्तान का प्रस्ताव

महावाणिज्य दूतावास ने एक बयान में कहा, ‘अमेरिका के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं हुई, सिर्फ बिचौलियों के जरिए बहुत ज्यादा और बेतुकी मांगें भेजी गई हैं। अमेरिका की कूटनीति लगातार बदलती रहती है, लेकिन हमारा रुख साफ है।’ ईरान के मंत्री ने आगे कहा, ‘पाकिस्तान के मंच उनके अपने हैं, हमने उनमें हिस्सा नहीं लिया। युद्ध खत्म करने की क्षेत्रीय अपीलों का स्वागत है, लेकिन याद रखें कि इसे शुरू किसने किया था!’

इस्लामाबाद में हुई मीटिंग

पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता करवाने की घोषणा रविवार को की थी। पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने इस्लामाबाद में सऊदी अरब, मिस्र और तुर्की के अपने समकक्षों के साथ कई घंटों तक बातचीत की मेजबानी की। इशाक डार ने एक टेलीविजन बयान में कहा कि पाकिस्तान में आए हुए मंत्रियों ने इस्लामाबाद में होने वाली संभावित US-ईरान वार्ता के लिए अपना पूरा समर्थन जाहिर किया है।

इशाक डार ने यह भी दावा किया कि उन्होंने और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कई बार ईरान सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों से बातचीत की है। डार ने दावा किया कि वो ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और विदेश मंत्री अब्बास अराघची से भी बात कर चुके हैं। इस्लामाबाद में रविवार को कड़ी सुरक्षा के बीच बातचीत हुई, लेकिन इसमें अमेरिका, इजरायल या ईरान का कोई भी प्रतिनिधि शामिल नहीं था। पाकिस्तान के मिडिल ईस्ट में युद्ध रुकवाने के प्रस्ताव पर ईरान ने अमेरिका के साथ सीधी बातचीत करने से साफ मना कर दिया है।

संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान को मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए एक विस्तृत 15-सूत्रीय शांति योजना भेजी है।न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रस्ताव पाकिस्तान के माध्यम से ईरान तक पहुंचाया गया, जहां पाकिस्तानी सेना प्रमुख मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं।

दो अज्ञात अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से न्यूयॉर्क टाइम्स ने बताया कि ट्रंप प्रशासन युद्ध के आर्थिक प्रभावों से जूझते हुए जल्द से जल्द संघर्ष समाप्त करने का रास्ता निकालना चाहता है।योजना में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सख्त प्रतिबंध, सभी यूरेनियम संवर्धन गतिविधियों को समाप्त करना और संवर्धित यूरेनियम स्टॉक को सौंपने का प्रावधान शामिल है।

एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया कि अमेरिका और ईरान एक महीने के युद्धविराम की घोषणा कर सकते हैं, जिस दौरान इस 15-सूत्रीय योजना पर विस्तृत बातचीत होगी। योजना के प्रमुख बिंदु ये हो सकते हैं:

  • ईरानी धरती पर किसी भी प्रकार का यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह बंद करना और मौजूदा संवर्धित सामग्री को अंतरराष्ट्रीय नियंत्रण में सौंपना।
  • होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलना और निर्बाध समुद्री आवागमन सुनिश्चित करना, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग एक-पांचवां हिस्सा प्रभावित हो रहा है।
  • ईरान द्वारा क्षेत्रीय प्रॉक्सी समूहों को समर्थन बंद करना।
  • इसके बदले में ईरान पर लगे सभी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध हटाए जा सकते हैं।
  • ईरान को बुशहर जैसे स्थानों पर नागरिक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम विकसित करने में अंतरराष्ट्रीय सहायता प्रदान की जा सकती है।

ईरान ने हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य में आंशिक नाकाबंदी के कारण वैश्विक ऊर्जा कीमतों में भारी उछाल देखा गया है। योजना के तहत इस नाकाबंदी को हटाने के एवज में प्रतिबंधों में राहत का प्रावधान है।ट्रंप प्रशासन ने इन रिपोर्टों पर अभी कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।व्हाइट हाउस और अमेरिकी विदेश विभाग दोनों ने चुप्पी साध रखी है। इजरायल की ओर से भी अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

यह विकास ऐसे समय में आया है जब युद्ध अपने चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और दोनों पक्षों के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। ईरान ने अभी तक योजना पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, हालांकि कुछ सूत्रों का कहना है कि तेहरान कुछ मुद्दों पर लचीलापन दिखा सकता है।

 

 

Leave a Reply

error: Content is protected !!