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बक्सर में लुटेरी दुल्हन गिरोह का पर्दाफाश

बक्सर में लुटेरी दुल्हन गिरोह का पर्दाफाश,

शादी के चंद घंटों बाद ‘नकली पुलिस’ बनकर पहुंचे साथी और जेवर समेत हुए फरार, 112 की टीम ने बिगाड़ा खेल

श्रीनारद मीडिया, स्‍टेट डेस्‍क:

बक्सर जिले से एक बेहद चौंकाने वाला और समाज को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां शादी जैसे पवित्र रिश्ते को ठगी का जरिया बनाकर एक संगठित गिरोह भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बना रहा था। इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि अपराधी अब पारंपरिक सामाजिक व्यवस्थाओं में भी सेंध लगाकर सुनियोजित तरीके से अपराध को अंजाम दे रहे हैं।

 

कैसे रची गई पूरी साजिश
मामले की शुरुआत कानपुर निवासी रमा देवी की शिकायत से हुई, जिन्होंने बक्सर पहुंचकर पुलिस को बताया कि उनके देवर की शादी कराने के नाम पर एक गिरोह ने उनसे संपर्क किया। गिरोह ने भरोसा जीतते हुए जल्द शादी कराने का झांसा दिया और इसके बदले 50 हजार रुपये नकद और जेवलरी की मांग रखी। विश्वास में आकर पीड़ित परिवार ने 40 हजार रुपये नकद और जेवर पहले ही दे दिए। 8 अप्रैल 2026 को बक्सर कोर्ट में कानूनी प्रक्रिया के तहत शादी कराई गई, ताकि किसी को शक न हो। इसके बाद परंपरागत रस्मों को पूरा करने के लिए दोनों पक्ष एक तय स्थान पर पहुंचे, जहां दुल्हन को जेवर पहनाए गए और शादी की सभी रस्में पूरी करवाई गईं। पूरा माहौल ऐसा बनाया गया मानो सब कुछ वास्तविक हो।

 

विदाई के वक्त हुआ असली खेल जैसे ही विदाई की तैयारी शुरू हुई, अचानक दो युवक मोटरसाइकिल पर पहुंचे और खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए दुल्हन को अपने साथ ले जाने लगे। उन्होंने वहां मौजूद लोगों को धमकाते हुए कहा कि यह मामला संदिग्ध है और सभी को थाने चलना होगा। पुलिस का नाम सुनते ही मौके पर मौजूद लोग घबरा गए और इधर-उधर भागने लगे। इसी अफरा-तफरी का फायदा उठाकर गिरोह दुल्हन और जेवर के साथ फरार होने की फिराक में था। लेकिन पीड़ित पक्ष ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत 112 पर कॉल कर असली पुलिस को सूचना दे दी, जिससे गिरोह की योजना पर पानी फिर गया। पुलिस की तत्परता से खुला बड़ा राज मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई।

 

तकनीकी जांच और लगातार छापेमारी के बाद इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया गया। पुलिस ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें दुल्हन बनी महिला, उसके कथित परिजन और नकली पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह पहले भी कई जिलों में इसी तरह की घटनाओं को अंजाम दे चुका है और शादी के नाम पर लोगों को ठगता रहा है।

 

पुलिस ने आरोपियों के पास से 38,500 रुपये नकद, एक ऑटो, जेवर (कान की बाली और पायल) तथा 5 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइल से कई अन्य संभावित पीड़ितों और गिरोह के नेटवर्क की जानकारी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।

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