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जिलाधिकारी ने ज्ञान भारतम मिशन के सुचारु संचालन हेतु अपेक्षित कार्यों की वर्तमान स्थिति का किया विस्तृत समीक्षा 

जिलाधिकारी ने ज्ञान भारतम मिशन के सुचारु संचालन हेतु अपेक्षित कार्यों की वर्तमान स्थिति का किया विस्तृत समीक्षा
श्रीनारद मीडिया, सीवान (बिहार):
पांडुलिपियों के संरक्षण/डिजिटिलाइजेशन निमित संचालित *ज्ञान भारतम मिशन* के सुचारु संचालन हेतु अपेक्षित कार्यों की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा जिला पदाधिकारी सिवान विवेक रंजन मैत्रेय के द्वारा की गई।
समीक्षा के क्रम में निर्देश दिया गया की जिलांतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में संबंधित कार्यालयों के समेकित प्रयास से संरक्षित पांडुलिपि को चिन्हित करने हेतु मिशन मोड में व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जाए।
इस संदर्भ में ज्ञातव्य है कि भारत सरकार द्वारा भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा और बौद्धिक विरासत को पुनर्जीवित करने के लिए वर्ष:2025/26 के बजट में फ्लैगशिप पहल के रूप में *ज्ञान भारतम मिशन की घोषणा की गई है।इस मिशन के अंतर्गत देश भर में उपलब्ध भारतीय ज्ञान परंपरा से संबंधित पांडुलिपियों का वैज्ञानिक संरक्षण,डिजिटलीकरण और अभिलेखीकरण किया जा रहा है,ताकि यह अमूल्य धरोहर शोधार्थियों,विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों को सुलभ हो सके।
ज्ञान भारतम मिशन अंतर्गत राज्य अंतर्गत विभिन्न सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थानों,मठों, मंदिरों,शैक्षणिक संस्थानों,निजी एवं सार्वजनिक पुस्तकालयों व व्यक्तियों आदि के पास उपलब्ध कागज,भोजपत्र,ताड़पत्र,कपड़े आदि में हस्तलिखित पांडुलिपियों की पहचान,सर्वेक्षण,कैटलॉगिंग,संरक्षण एवं डिजिटीलीकरण का कार्य किया जाना है*।
*ज्ञान भारतम मिशन* के सफल/सुचारु क्रियान्वयन निमित जिला स्तर पर एक अभियान के माध्यम से पांडुलिपियों का संग्रहण करने वाली संस्थाओं एवं व्यक्तियों को चिन्हित करने का कार्य प्रगति पर है,तत्संबंधी सूची भी तैयार की जा रही है।
उक्त वर्णित के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में कमिटी में सदस्य के रूप में जिला शिक्षा पदाधिकारी/जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी/जिला पंचायत राज पदाधिकारी/अनुमंडल पदाधिकारी सिवान/ महाराजगंज/प्रभारी पदाधिकारी(सामान्य शाखा), प्रभारी पदाधिकारी अभिलेखागार सिवान, जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी,सिवान को नामित किया गया है।
कमिटी के पर्यवेक्षण में जिलांतर्गत पांडुलिपियों को चिन्हित करने का कार्य किया जा रहा है।
पांडुलिपि का तात्पर्य है कागज, भोजपत्र, ताड़पत्र,कपड़ा आदि पर हाथ से लिखे गए ग्रंथ/ पुस्तक जो न्यूनतम 75 वर्ष प्राचीन हो से है।
जिलांतर्गत 75 वर्षों से पुराने पांडुलिपि धारक से जनहित में अनुरोध किया जाता है कि वह इसकी सूचना अपने प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी को दे सकते हैं।
सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी सिवान जिला को जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने प्रखंड अंतर्गत अधिक से अधिक लोगों को पांडुलिपियों के सर्वेक्षण हेतु प्रोत्साहित करें एवं जागरूक व्यक्तियों के साथ बैठक कर संबंधित संस्थानों एवं व्यक्तियों के पास सुरक्षित पांडुलिपियों को *ज्ञान भारतम् मिशन* मोबाइल ऐप पर अपलोड कराना सुनिश्चित करें।
ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत पांडुलिपियों संग्रहकर्ता संस्था अथवा व्यक्ति के अधिकार में ही रहेंगे मिशन का उद्देश्य केवल प्राचीन ज्ञान भंडार को संरक्षित करने के उद्देश्य से उनका संरक्षण एवं डिजिटलीकरण करते हुए उन्होंने निहित ज्ञान को अनुसंधान अनुवाद एवं प्रशासन के द्वारा विश्व पटल पर प्रस्तुत करना हैं।

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