भारत का तेल टैंकर ‘देश गरिमा’ होर्मुज से सुरक्षित निकल गया है
श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

भारत का एक और टैंकर ‘देश गरिमा’ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित निकल गया है। अमेरिका और ईरान के बीच इस जलमार्ग पर तनाव अभी भी बना हुआ है। ईरान ने इस जलमार्ग से अमेरिका के जहाजों के निकलने पर पाबंदी लगाई हुई है।
होर्मुज से आज शनिवार को भारतीय कच्चे तेल का टैंकर गुजरा है। ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध शुरू होने के बाद होर्मुज पार करने वाला यह 10वां भारतीय जहाज है और युद्धविराम के बाद दूसरा भारतीय जहाज।
होर्मुज से निकला भारत का तेल टैंकर
एएफपी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को करीब आठ तेल और गैस टैंकरों ने होर्मुज पार किया, जिनमें एक भारतीय जहाज भी शामिल है। आंकड़ों के मुताबिक, भारत का ये तेल टैंकर कतर के रास लफान बंदरगाह से निकला है और होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने के बाद अब ओमान की खाड़ी में है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के ने कहा था कि होर्मुज यातायात के लिए खुला है, लेकिन विदेश मंत्री के इस बयान के कुछ ही समय बाद ईरान की तरफ से बताया गया कि इस मार्ग को बंद कर दिया है।
ईरान के ‘खातम अल-अंबिया’ केंद्रीय मुख्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस मार्ग से होने वाले आवागमन को एक बार फिर से सख्त सैन्य नियंत्रण में ले लिया गया है। प्रवक्ता ने इसके पीछे अमेरिका द्वारा बार-बार किए जा रहे उल्लंघनों और नाकाबंदी की आड़ में की जा रही समुद्री डकैती का हवाला दिया।
मिडिल ईस्ट में छिड़े युद्ध के बाद से ही इस जलमार्ग में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनियाभर में होने वाले तेल परिवहन का करीब 20 फीसदी हिस्सा गुजरता है। होर्मुज में इस रुकावट के कारण शिपिंग कंपनियों के लिए जोखिम बढ़ गए हैं, जिससे तेल की कीमतों में वृद्धि और जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ी हलचल
इसी बीच, Strait of Hormuz को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. खबरों के अनुसार, फारस की खाड़ी में कई तेल टैंकरों ने अचानक अपना रास्ता बदल लिया. इनमें भारत से जुड़े जहाज जैसे सनमार हेराल्ड, देश गरिमा, देश वैभव और देश विभोर भी शामिल थे. ये जहाज दुबई के पास से होर्मुज की ओर जा रहे थे, लेकिन अचानक रुक गए या वापस लौट गए.
क्यों बदला जहाजों ने रास्ता?
रिपोर्ट के मुताबिक, जहाज मालिक और ट्रेडर्स इस बात को लेकर असमंजस में थे कि क्या ईरान अपने वादे के मुताबिक रास्ता खुला रखेगा या नहीं. कुछ जहाज ईरान के Qeshm द्वीप के पास खड़े दिखे, जबकि एक जहाज ने अपनी लोकेशन बताना भी बंद कर दिया.
रास्ता खुला, लेकिन खतरा बरकरार
ईरान ने कहा कि युद्धविराम के दौरान रास्ता खुला रहेगा, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी कि अगर अमेरिका का दबाव जारी रहा, तो पाबंदियां फिर लग सकती हैं. ईरान के विदेश मंत्री सईद अब्बास अरागची ने कहा कि जहाजों को तय रूट और नियमों का पालन करना होगा.
बाजार पर भी असर
इस खबर का असर तेल बाजार पर भी पड़ा. ब्रेंट क्रूड की कीमत में करीब 8% की गिरावट आई और यह लगभग $90 प्रति बैरल तक आ गया. हालांकि, हालात अभी भी अनिश्चित बने हुए हैं और दुनिया भर की नजरें इस अहम समुद्री रास्ते पर टिकी हैं.
