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सारण में निक्षय मित्र योजना को मिला जनसहयोग, 200 से अधिक टीबी मरीजों को गोद लेकर दिया गया पोषण की पोटली

सारण में निक्षय मित्र योजना को मिला जनसहयोग, 200 से अधिक टीबी मरीजों को गोद लेकर दिया गया पोषण की पोटली
• डीएम स्वयं बने निक्षय मित्र, 5 मरीजों को लिया गोद
• गोद लिए गये टीबी के मरीजों के बीच फूड बास्केट का हुआ वितरण
• टीबी उन्मूलन अभियान में निभाएं भागीदारी, मरीजों को दें संबल

श्रीनारद मीडिया,  पंकज मिश्रा, अमनौर, सारण (बिहार):


सारण जिले में टीबी मुक्त भारत अभियान को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। निक्षय मित्र योजना के तहत शनिवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने स्वयं आगे बढ़कर पांच टीबी मरीजों को गोद लिया और उन्हें पहले माह का फूड बास्केट प्रदान किया। इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक संस्थाओं, चिकित्सकों और अधिकारियों ने भी 200 से अधिक टीबी मरीजों को गोद लेकर उनके पोषण की जिम्मेदारी उठाई।

कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी केवल दवा से नहीं, बल्कि बेहतर पोषण, समय पर उपचार और सामाजिक सहयोग से भी पूरी तरह ठीक हो सकती है। इसलिए समाज के सक्षम लोगों, स्वयंसेवी संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों को आगे आकर टीबी मरीजों का सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि निक्षय मित्र योजना के माध्यम से कोई भी व्यक्ति या संस्था टीबी मरीजों को गोद लेकर उनके उपचार अवधि के दौरान पोषण संबंधी सहायता उपलब्ध करा सकती है।

छह माह तक मिलेगा फूड बास्केट
जिलाधिकारी द्वारा गोद लिए गए पांचों मरीजों को लगातार छह महीने तक प्रत्येक माह फूड बास्केट उपलब्ध कराया जाएगा। इसी प्रकार अन्य संस्थाएं और व्यक्ति भी अपने-अपने द्वारा गोद लिए गए मरीजों को छह माह तक पोषण सामग्री उपलब्ध कराएंगे, ताकि उपचार के दौरान उन्हें आवश्यक पोषक आहार मिल सके और वे जल्द स्वस्थ हो सकें।
200 से अधिक मरीजों को मिला सहयोग

कार्यक्रम में कई सामाजिक संगठनों, अस्पतालों और अधिकारियों ने निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों को गोद लिया। इनमें ठाकुरबाड़ी महिला विकास कल्याण समिति – 50 मरीज, रोटरी क्लब छपरा – 50 मरीज, अखंड ज्योति अस्पताल – 30 मरीज, इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी – 25 मरीज, सीडीओ डॉ. रत्नेश्वर प्रसाद – 20 मरीज, सदर अस्पताल, छपरा – 15 मरीज, डॉ. राजीव रंजन – 10 मरीज, रोटरी सारण – 5 मरीज, सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी – 5 मरीज, जिला पंचायती राज पदाधिकारी – 3 मरीज, जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव – 5 मरीज को गोद लिया। इन सभी के सहयोग से 218 टीबी मरीजों को निक्षय मित्र योजना का लाभ मिलेगा।

राशन कार्ड नहीं होने पर प्राथमिकता से बनेगा कार्ड
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन टीबी मरीजों का अभी तक राशन कार्ड नहीं बना है, उनका प्राथमिकता के आधार पर राशन कार्ड बनाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें सरकार की खाद्यान्न योजनाओं का भी लाभ मिल सके।

जिले में तेज़ी से चल रहा टीबी स्क्रीनिंग अभियान
जिलाधिकारी ने बताया कि सारण जिले में टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए व्यापक स्तर पर टीबी स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है। गांव-गांव और स्वास्थ्य संस्थानों में संदिग्ध मरीजों की पहचान कर उनकी जांच की जा रही है। समय पर पहचान और इलाज से टीबी को पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है।

सक्षम लोगों से आगे आने की अपील
जिलाधिकारी ने समाज के सक्षम नागरिकों, उद्योगपतियों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों को गोद लें। उन्होंने कहा कि उपचार के दौरान मरीजों को मिलने वाला पोषण और सामाजिक सहयोग उनके आत्मविश्वास को बढ़ाता है तथा बीमारी से जल्द उबरने में मददगार साबित होता है।

 

कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी, सीडीओ डॉ. रत्नेश्वर प्रसाद, जिला कार्यक्रम प्रबंधक अरविंद कुमार, जिला कार्यक्रम समन्वयक रमेशचंद्र कुमार, टीबी डीपीसी हिमांशु शेखर, सीफार के डीसी गनपत आर्यन सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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