संसद का बजट सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

लोकसभा व राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल तक के लिए स्थगित कर दी गई। इसके साथ ही 28 जनवरी से शुरू हुए संसद के बजट सत्र का समापन हो गया है।
वैसे तो इस सत्र की अवधि पहले दो अप्रैल तक के लिए निर्धारित थी, लेकिन महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयकों को विधेयकों को पारित कराने के लिए सत्र को 18 अप्रैल तक बढ़ा दिया गया था। इस बीच दोनों सदनों में करीब 31 बैठकें हुई,जो 18 वीं लोकसभा के अब तक के सत्रों की सबसे अधिक थी। दोनों सदनों में इस दौरान 309 घंटे से अधिक काम हुआ।
इस बीच लोकसभा की कार्य-उत्पादकता जहां 93 प्रतिशत रही, वहीं राज्यसभा की कार्य-उत्पादकता 109 प्रतिशत रही। यानी इस सत्र में लोकसभा से ज्यादा राज्यसभा में काम हुआ। राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन व लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही को अनिश्चितकाल तक के लिए स्थगित करने के साथ मौजूदा सत्र में हुए काम-काज ब्यौरा भी साझा किया।
इस दौरान राज्यसभा में जहां 157 घंटे से अधिक काम हुआ, वहीं लोकसभा में भी 151 घंटे से अधिक काम हुआ। राज्यसभा में इस दौरान 50 प्राइवेट मेंबर बिल भी पेश किए गए। जबकि लोकसभा में 12 सरकारी विधेयक पुन: स्थापित किए गए और 09 विधेयक पारित किए गए। इस दौरान राज्यसभा में जहां उपसभापति पद के लिए हरिवंश का फिर से चयन हुआ, वहीं लोकसभा में नक्सलवाद के सफाए पर भी लंबी चर्चा हुई।
बजट सत्र के दौरान पारित किए गए महत्वपूर्ण विधेयक
औद्योगिक संबंध संहिता (संशोधन) विधेयक उभयलिंगी व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन विधेयक, वित्त विधेयक, दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक, आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक
इन तीन बिलों पर था सबसे अधिक फोकस, हालांकि नहीं हो पाए पारित
सत्र के दौरान सरकार का सबसे अधिक फोकस महिला आरक्षण से जुड़े तीन संविधान संशोधन विधेयक पर था। इसे लेकर सरकार ने सत्र को तीन दिन के लिए यानी 16,17 और 18 अप्रैल के लिए विशेष रूप से बढ़ाया भी था।
इस तीनों विधेयकों को लेकर लोकसभा में 21 घंटे से अधिक की चर्चा हुई। हालांकि दो तिहाई सदस्यों का समर्थन नहीं मिलने से ये तीनों विधेयक पारित नहीं हो पाए। इनमें संविधान संशोधन विधेयक, संघ और राज्यक्षेत्र संविधान संशोधन विधेयक व परिसीमन विधेयक शामिल है।
18 वीं लोकसभा के किस सत्र में हुई कितनी बैठकें
18वीं लोकसभा की अब तक सात सत्र हो चुके है, इनमें पहले सत्र में सात, दूसरे में 15, तीसरे में 20, चौथे में 26, पांचवें में 21, छठवें में 15 और सातवें 31 बैठक हुई है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन को बताया कि इस सत्र में कुल 31 बैठकें हुईं और सदन की कार्यवाही 151 घंटे तथा 42 मिनट तक चली। उन्होंने कहा कि इस सत्र में कार्य उत्पादकता 93 फीसदी रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कई अन्य दलों के प्रमुख नेता सदन में मौजूद थे।
28 जनवरी को शुरू हुआ था मौजूदा बजट सत्र
बजट सत्र की शुरुआत 28 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित किए जाने के साथ हुई। पहले यह सत्र दो अप्रैल को संपन्न होना था, लेकिन महिला आरक्षण से संबंधित ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’ विधेयक और इससे संबंधित दो अन्य विधेयकों पर चर्चा करने और इन्हें पारित कराने के मकसद से सत्र को बढ़ा दिया गया था। 16 से 18 अप्रैल तक तीन दिन की विशेष बैठक बुलाई गई थी।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने बताया कि इस सत्र में कुल 12 सरकारी विधेयक पेश किए गए और नौ पारित किए। पारित किए गए वित्त विधेयकों में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन संशोधन विधेयक और जन विश्वास संशोधन विधेयक प्रमुख है। उधर, राज्यसभा की कार्यवाही शनिवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
