विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य निर्माण प्रकिया में मोबाइल सबसे बड़ा बाधक
श्रीनारद मीडिया, छपरा (बिहार):

विद्यालय में पेरेंट्स मीट केवल परीक्षा परिणाम प्राप्त करने का कार्यक्रम नहीं है। यह शिक्षक -पेरेंट्स संवाद का उचित माध्यम है। उक्त बाते जी डी पब्लिक स्कूल, औदालपट्टी के निदेशक मिथिलेश कुमार आर्य ने कहा। उन्होंने ने कहा कि पेरेंट्स मीट में शिक्षक – पेरेंट्स अपना अनुभव साझा कर विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए योजना बनाने के साथ अपनी भूमिका सुनिश्चित कर सकते है।
वर्तमान समय में मोबाइल विद्यार्थियों के जीवन पर बड़ा दुष्प्रभाव डालने के साथ भावनात्मक लगाव को खत्म करते जा रहा है। मोबाइल इसके साथ बच्चों में सोचने की क्षमता को समाप्त व उनमें मन को असंतुलित कर रहा है। इसलिए हमलोगो की जिम्मेवारी है हम उनके सामने मोबाइल का उपयोग विशेष आवश्यक कार्य के लिए ही करे तथा प्रयास करे कि हमलोग अत्यधिक समय उनके साथ व्यतीत करे, जिससे बच्चों में भावनात्मक विकास व आत्मविश्वास मजबूत हो सके।
विद्यालय की प्राचार्या सरीता रानी ने दसवीं के विद्यार्थियों को अगामी होने वाले परीक्षा के लिए शुभकामनाए देते हुए कही कि परीक्षा आंतरिक भय समाप्त करने और स्वयं के मूल्यांकन के लिए अनिवार्य है। परीक्षा के पूर्व विद्यार्थियों को सकारात्मक माहौल में रहने के साथ अपने आराध्यदेव को भी स्मरण करना चाहिए। जिससे मन संतुलित रहे तथा रिवीजन सही तरीके से हो सके। परीक्षा के लिए प्राप्त एडमिट कार्ड में अंकित सभी निर्देशों का अनुपालन के साथ मानसिक रूप से स्वयं को तैयार रखना है। आपका आत्मविश्वास जीतना मजबूत होगा उतना ही अच्छा परिणाम होगा।
विद्यालय में दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों के सफलता के लिए हवन व पूजा करने के बाद सभी परीक्षार्थियों को एडमिट कार्ड दिया गया। विद्यालय के सभी शिक्षक – शिक्षिका द्वारा उनके सफलता के शुभकामनाए दिया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से शिक्षक, विद्यार्थीयों के बड़े संख्या में पेरेंट्स भी उपस्थित रहे।
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