Headlines

‘पितरौ ध्यान लोकस’ मंदिर के निर्माण स्थल पर होली के दिन पूजा अर्चना  

‘पितरौ ध्यान लोकस’ मंदिर के निर्माण स्थल पर होली के दिन पूजा अर्चना
पूज्य माता पिता नमः का हुआ जाप।

श्रीनारद मीडिया, जीरादेई, सीवान (बिहार):

होली के अवसर पर सर्वप्रथम पितरौ ध्यान लोकस मंदिर के निर्माण स्थल पर पूजा अर्चना तथा पूज्य माता पिता नमः का जाप किया ।

वरिष्ठ पत्रकार धनंजय मिश्र के आलेख को पूर्ण करने का संकल्प लिया ।धनंजय मिश्र के आलेख का कुछ अंश
,,
देश व दुनिया के लिए एक अद्भुत सद्प्रयास, पूज्य माता -पिता नमः मंत्र का जाप एवं प्रातः वंदन करने वाले, सामाजिक सदभावना और समरसता हेतु कार्य करने वाले जाने माने शिक्षाविद सह इतिहासकार डा कृष्ण कुमार सिंह इस आदर्श मंदिर के संस्थापक है.श्री सिंह देशरत्न डा. राजेंद्र प्रसाद के गृहग्राम जीरादेई प्रखंड के विजयीपुर गांव के मूल निवासी है. इस भब्य मंदिर का निर्माण के लिए रविवार को नव नामित पंचशील नगर विजयीपुर में कराने के बैठक आयोजित की गयी.जगत के समस्त माता -पिता की स्मृति में इस भब्य मंदिर के निर्माता श्रीसिंह पहचान नामक संस्था के भी संस्थापक है. विगत वर्ष 2005 में संस्थापित इस संस्था का मूल उद्देश्य अनेक सामाजिक क्रियाकलाप रहा है.मंदिर के संस्थापक कृष्ण कुमार सिंह ने बताया कि प्रत्येक जन को पूज्य माता पिता के प्रति कृतज्ञता का भाव सदैव रखना चाहिए.इन्हें साक्षात देवी देवता का स्वरूप मानकर सेवा श्रुष्या विनम्रता विनमत्रा व आदर पूर्वक करना चाहिए. उन्होंने बताया कि यह सुपरम्परा सनातन में ही विद्यमानहै.

 

लेकिन आधुनिकता की सोच ने इस सुकर्म और परम कर्तब्य की परम्परा को धूमिल कर रही है.परिणाम स्वरूप भावी पीढ़ी द्वारा माता पिता का प्रताड़ित किया जा रहा है.सन्तान द्वारा माता पिता के प्रति तिरस्कार का भाव पनप रहा है.समाज मे फैली इस कुप्रवृत्ति व विकरालता को समाप्त करने के लिए इस मंदिर का निर्माण का संकल्प लिया गया है.समाजिक कार्यों में अपनी विशिष्ट पहचान हेतु बहूचर्चित इस पहचान नामक संस्था के बैनर तले प्रत्येक वर्ष 1 मई एवं 31 दिसम्बर को पूज्य माता पिता की स्मरण में पूजा- अर्चना, लिखित वंदना,झंडोत्तोलन, पौधरोपण आदि अनेक कार्य किये जाते है.

 

श्री सिंह ने बताया कि 12 मई 2010 को पंजीकृत हुई संस्था पहचान द्वारा पूज्य माता पिता के स्मृति के अश्यालोक में भी जन जागरण का निरंतर कार्य किया जाता है.विशेषकर युवा पीढ़ी को अपने पूज्य माता पिता के स्मरण में, यदि जीवित है तो उनके नाम पर धनकोष बनाने हेतु विशेष प्रेरित किया जाता है.माता -पिता के जन्मदिन पर क्षमता अनुसार धनराशि संग्रह करना आवश्यक है.इस कोष से समाज के अभावग्रस्त, बीमार व लाचार जनों के माता-पिता को भी सहयोग करने हेतु उतप्रेरित किया जाता है.जो निर्धन एवं आभाव ग्रस्त, जिन माता- पिता की संतान नहीं है,जो अपने माता- पिता का भलीभांति देख भाल व सेवा नहीं करते है.

 

ऐसे अभाव ग्रस्त माता- पिता को सहयोग करने की परम्परा को कायम करने के लिए जन जागृति का होना आवश्यक है.
जनमानस के प्रार्थना है कि इस मंदिर के निर्माण में अपनी सुझाव देने की कृपा करें।

 

यह भी पढ़े

गौसपुर सीआरसी में विद्यालय शिक्षा समिति सदस्यों का तीन दिवसीय गैर-आवासीय प्रशिक्षण शुरू

सहरसा: 25 हजार के इनामी कुख्यात ‘बजरंगी’ गिरफ्तार, देसी कट्टा और कारतूस बरामद

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए दाखिल किया नामांकन, कई दिग्गज नेता रहे मौजूद

कल गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शंखनाद के उपलक्ष्य में मनाई जाएगी शिवाजी की जयंती

श्रीराम कथा में पंच पल्लव के पौधों के वितरण के साथ उनकी सेवा का भी दिलाया जाएगा संकल्प

Leave a Reply

error: Content is protected !!