अमेरिका की 1,000 मिसाइलें ईरान पर हमला करने के लिए बिल्कुल तैयार हैं-ट्रंप
श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क
ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अपने पिता के निधन के बाद पहले संबोधन में कहा- उनका देश पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का बदला जरूर लेगा. ईरान में हो रहे शोक कार्यक्रमों में भी ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को जान से मारने वाले पोस्टर लहराए गए. ईरानी समाचार पेपर हमशहरी ने भी एक रिपोर्ट छापी है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और इतालवी पीएम जियोर्जिया मेलोनी सहित दुनिया के 13 प्रमुख नेताओं को जान से मारने की धमकी दी गई है.
क्या राष्ट्रपति की मौत के बाद हमला अपने आप हो जाएगा?
ट्रंप ने भले ही पहले से आदेश देने की बात कही हो, लेकिन अमेरिकी कानून के अनुसार कोई ऐसा ‘डेड मैन्स स्विच’ (यानी कोई ऐसा ऑटोमैटिक सिस्टम) नहीं है, जो राष्ट्रपति की मौत होते ही अपने आप ईरान पर मिसाइलें दाग दे. ‘रेवेन रॉक: द स्टोरी ऑफ द यूएस गवर्नमेंट्स सीक्रेट प्लान टू सेव इटसेल्फ- व्हाइल द रेस्ट ऑफ अस डाई’ के लेखक गैरेट एम ग्राफ ने कहा, “अमेरिका ने कई अलग-अलग कारणों से कभी भी तकनीकी ‘डेड मैन्स स्विच’ का उपयोग नहीं किया है.’’ अमेरिका के पास परमाणु हमले या किसी ऐसी बड़ी आपदा (जिससे वाशिंगटन का अधिकांश या पूरा हिस्सा नष्ट हो सकता है) की स्थिति में सरकार का कामकाज जारी रखने के लिए व्यापक आकस्मिक योजनाएं हैं.
अगर ट्रंप को कुछ हुआ, तो आगे क्या होगा?
अमेरिकी कानून के मुताबिक, अगर राष्ट्रपति ट्रंप की हत्या हो जाती है, तो सत्ता संभालने का एक तय नियम है.
जेडी वेंस बनेंगे नए कमांडर: अमेरिकी संविधान के 25वें संशोधन के तहत, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस तुरंत नए राष्ट्रपति और सेना के सर्वोच्च कमांडर बन जाएंगे.
अंतिम फैसला वेंस का होगा: ट्रंप के पुराने आदेश को मानना या न मानना पूरी तरह जेडी वेंस के हाथ में होगा। वह चाहें तो ट्रंप की बात मानकर ईरान पर तुरंत बड़ा हमला कर सकते हैं, या फिर कोई दूसरा रास्ता चुन सकते हैं.
ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई ने अपने पहले सार्वजनिक संबोधन में यह हिट लिस्ट जारी की. ईरानी मीडिया ‘हमशहरी’ के अनुसार सूची में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और इतालवी पीएम जियोर्जिया मेलोनी सहित दुनिया के 13 प्रमुख नेताओं को सीधे तौर पर निशाना बनाने की घोषणा की गई है.
नारंगी जेल की वर्दी और स्नाइपर का निशाना
ईरानी मीडिया द्वारा जारी किए गए ग्राफिक लेआउट में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के माथे पर स्नाइपर-शैली के क्रॉसहेयर (निशाना लगाने वाले चिह्न) अंकित किए गए हैं. इसके ठीक नीचे दुनिया के 11 अन्य प्रभावशाली नेताओं को नारंगी रंग की जेल की वर्दी पहने हुए दिखाया गया है.
इस सूची में शामिल प्रमुख नेता
कीर स्टारमर (ब्रिटिश प्रधानमंत्री) इमैनुएल मैक्रॉन (फ्रांसीसी राष्ट्रपति) जियोर्जिया मेलोनी (इतालवी प्रधानमंत्री) फ्रेडरिक मर्ज (जर्मन चांसलर) मार्को रुबियो (अमेरिकी विदेश मंत्री) पीट हेगसेथ (अमेरिकी रक्षा मंत्री) ब्रैड कूपर (अमेरिकी केंद्रीय कमान के कमांडर) माइक हकाबी (इजरायल में अमेरिकी राजदूत) एयाल जमीर (इजरायल रक्षा बलों के चीफ ऑफ स्टाफ) गिदोन सार (इजरायली विदेश मंत्री)
प्रतिशोध हमारे राष्ट्र की सामूहिक इच्छा : मोजतबा
मोजतबा खामेनेई ने अपने बयान में बेहद सख्त रुख अपनाते हुए कहा, “प्रतिशोध हमारे राष्ट्र की सामूहिक इच्छा है और इसे हर हाल में अनिवार्य रूप से पूरा किया जाएगा. इस सूची में शामिल अपराधी अपने साथ इस कामना को कब्र में ले जाएंगे कि उन्हें अपने बिस्तर पर कभी शांतिपूर्ण मौत मिले.”
ट्रंप की हत्या की साजिश का खुफिया इनपुट
यह सनसनीखेज सूची ऐसे समय में सामने आई है जब अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की ईरानी साजिश से जुड़ी पुख्ता जानकारियां मिली हैं. इजरायल द्वारा वाशिंगटन के साथ साझा किए गए इनपुट्स के अनुसार, ट्रंप को निशाना बनाकर एक हमला करने की योजना बनाई गई थी. यही कारण था कि हाल ही में तुर्की में नाटो शिखर सम्मेलन से लौटते समय सुरक्षा कारणों से ट्रंप ने अपना आधिकारिक विमान (एयर फोर्स वन) बदल दिया था. ट्रंप ने खुद पत्रकारों से कहा, “वे मुझे हटाना चाहते हैं. मैं उनकी हर हिट लिस्ट में शामिल हूं.”
होर्मुज जलडमरूमध्य बंद, अमेरिका ने किए 140 ठिकानों पर हमले
सीजफायर समाप्त होने के बाद अमेरिका-ईरान के बीच हमले तेज हो गए हैं. लाल सागर और रणनीतिक जलमार्गों में जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में अमेरिका ने रविवार को ईरान के करीब 140 ठिकानों पर भीषण बमबारी की. इसके जवाब में तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद करने का ऐलान कर दिया है. ईरान का दावा है कि जब तक इस क्षेत्र में अमेरिकी हस्तक्षेप पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता, यह मार्ग बंद रहेगा.
खाड़ी देशों में बढ़ा तनाव, ईरान की खुली चेतावनी
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने बहरीन, कुवैत, कतर और ओमान जैसे खाड़ी देशों को भी आड़े हाथों लिया है, जिन्होंने अमेरिकी सेना को सहयोग दिया या मूकदर्शक बने रहे.
