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22.79 लाख छात्रों को अब फिर से नीट-यूजी परीक्षा 

22.79 लाख छात्रों को अब फिर से नीट-यूजी परीक्षा 

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्‍क

मेडिकल के स्नातक कोर्सों में दाखिले से जुड़ी परीक्षा नीट-यूजी (नेशनल एलिजबिलटी कम एंट्रेंस टेस्ट-अंडर ग्रेजुएट) के बड़ी संख्या में प्रश्नों के लीक होने की पुष्टि के बाद केंद्र सरकार ने पूरी परीक्षा को मंगलवार को रद कर दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया है।

वहीं परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ियों और प्रश्नों के लीक होने के मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) को भी सौंप दिया है।

इसके साथ ही नीट-यूजी परीक्षा में शामिल 22.79 लाख छात्रों को अब दोबारा परीक्षा देनी होगी। परीक्षा की नई तारीखों का ऐलान अगले दस दिनों के भीतर कर दिया जाएगा।

NEET-UG परीक्षा रद

नीट-यूजी की यह परीक्षा तीन मई को देश-विदेश के कुल 565 शहरों के करीब साढ़े पांच हजार परीक्षा केंद्रों पर आयोजित हुई थी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नीट-यूजी को रद किए जाने के निर्णय को साझा करते हुए बताया है कि छात्रों को दोबारा परीक्षा देने के लिए नए सिरे से कोई रजिस्ट्रेशन नहीं करना होगा।

साथ ही इसके लिए उनसे कोई फीस भी नहीं ली जाएगी। बल्कि छात्रों से जो फीस ली गई है, उसे भी वह वापस करेगा। साथ ही दोबारा परीक्षा का पूरा खर्च एनटीए खुद ही उठाएगा। परीक्षा केंद्र भी नहीं बदले जाएंगे।

इस बीच एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने कहा कि छात्रों के हितों को ध्यान में रखते और परीक्षा की विश्वसनीयता बरकरार रखने के लिए ये फैसला लिया गया है।

इससे पहले भी एनटीए ने रविवार को नीट- यूजी से जुड़ी गड़बड़ियों के सामने आने पर तुरंत इसकी जांच केंद्रीय एजेंसियों को सौंपे जाने की जानकारी साझा की थी। साथ ही ये कहा था कि जांच में यदि प्रश्नों के लीक होने की पुष्टि होती है तो परीक्षा को लेकर उचित फैसला लिया जाएगा।

140 से अधिक प्रश्नों के हूबहू मिलने की पुष्टि होते ही परीक्षा रद

नीट-यूजी के पेपर लीक होने की अफवाहें वैसे तो परीक्षा के तुरंत बाद से ही उठने लगी थी, लेकिन शुरू में न तो एनटीए ने और न ही केंद्रीय एजेंसियों ने ध्यान दिया।

दरअसल इस बार नए तरह का गठजोड़ सामने आ रहा है। इस गड़बड़ी को पकड़ने में सफलता तब मिली, जब राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) को छात्रों के पास से एक सेंपल या गेस पेपर हाथ लगा। जिसके 410 प्रश्नों में से 140 से अधिक प्रश्न परीक्षा के मूल प्रश्न से हूबहू मिल रहे थे।

इसकी जानकारी जैसे ही एसओजी ने एनटीए से साझा की, तो एनटीए के भीतर हडकंप मच गया। केंद्रीय एजेंसियों से भी ये इनपुट को आठ मई को साझा किया गया।

बाद में जब केंद्रीय एजेंसियों ने भी प्रश्नों के लीक होने की पुष्टि की तो केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद एनटीए ने पूरी परीक्षा को रद करने का फैसला लिया।

यह सवाल खड़ा हो रहा है कि पेपर छपने के बाद कुछ सवाल गेस पेपर छापने वाली प्रकाशन कंपनी से साझा किया या गेस पेपर से ही सवाल पेपर में शामिल किए गए। इनके बीच का गठजोड़ नया है।

एनटीए ने पहली बार रद की नीट-यूजी की पूरी परीक्षा

मेडिकल के स्नातक कोर्सों में दाखिले से जुड़ी परीक्षा नीट-यूजी पर गड़बडि़यों का आरोप वैसे तो कई सालों से लग रहे है लेकिन पहली बार ऐसा हुआ है जब एनटीए ने पूरी परीक्षा को रद किया है।

सूत्रों के मुताबिक नीट- यूजी को एनटीए 2019 से लगातार करा रहा है। इस बीच इस परीक्षा पर कई बार गड़बड़ियों के आरोप लगे लेकिन एनटीए हर साल इन आरोपों को खारिज कर देता था।

वर्ष 2024 में नीट-यूजी में गड़बडि़यों के मामले ने खूब तूल पकडा था, हालांकि इसके बाद एनटीए को हरियाणा के कुछ परीक्षा केंद्रों की परीक्षा को रद करके उनकी दोबारा परीक्षा करानी पड़ी थी।

सीबीआइ ने शुरू की जांच, गठित की विशेष टीमें

सीबीआइ ने इस बीच नीट-यूजी से जुड़ी गड़बडि़यों व पेपर लीक से जुड़े मामले को दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही बताया है कि उसने इसे लेकर विशेष टीमों का भी गठन कर दिया है। उन्हें देश के अलग- अलग शहरों के लिए रवाना भी कर दिया गया है।

सीबीआइ ने कहा है कि वह जल्द ही नीट-यूजी में गड़बड़ी करने व पेपर लीक में शामिल दोषियों को सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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