श्रीराम कथा के दौरान सेवा भावना को सीख रहे बच्चे
राजन जी द्वारा श्रीराम कथा वाचन के दौरान श्रद्धालुओं के सेवा प्रकल्प में मनोयोग से निभा रहे भूमिका
श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

सीवान नगर के वीएम एच ई प्रांगण में अंतराष्ट्रीय कथावाचक राजन जी द्वारा हो रही श्रीराम कथा के दौरान एक बेहद अचंभित करने वाला पल आया। जब कुछ नन्हें मुन्ने बटुकों ने अपने मंत्रोचारण से राजन जी का दिल जीत लिया। मंत्रोचारण सुनकर राजन जी बेहद खुश हुए और इन बटुकों को मंगलाशीष प्रदान किया।

ये बटुक सीवान के दो वेद विद्यालयों राजन जी द्वारा निःशुल्क संचालित ताड़का स्थित वेद विद्यालय और रेणुआ स्थित श्री वैष्णव प्रताप वैदिक गुरुकुल के थे । दोनों ही वेद विद्यालयों में 10-10 बटुक अध्ययनरत हैं। वेद विद्यालय ताड़का के आचार्य संजीव शर्मा और रेणुआ वेद विद्यालय के आचार्य रणविजय प्रताप सिंह इस अवसर पर उपस्थित रहे।

मालूम हो कि सनातनी परंपरा के संरक्षण में वेद विद्यालयों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इन विद्यालयों के छात्र यानी बटुक सनातनी परंपरा के मूल ग्रंथ वेदों का अध्ययन करते हैं। संस्कृत में अध्ययन करने वाले इन छात्रों का लक्ष्य स्वयं का आध्यात्मिक बिकास भी होता है। इसमें छात्रों को वैदिक रीतियों और संस्कारों, गुरु शिष्य परंपरा के परिपालन की सीख के साथ सामूहिक जीवन जीना सिखाया जाता है।

इन वेद विद्यालयों के छात्रों को अलसुबह ब्रह्ममुहुर्त में उठना होता है। जागरण मंत्र, के साथ वैदिक ग्रंथों और आधुनिक विज्ञान का अध्ययन करना होता है।

खेलकूद के साथ पूजा पाठ की विधि भी सिखाई जाती है। वेदों के अध्ययन की परम्परा को पुनर्जीवित कर, संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देकर, सनातनी परंपराओं और रीतियों का संरक्षण कर, सामूहिक जीवन के लिए प्रेरित कर सनातनी संस्कारों के संरक्षण और संवर्धन में बड़ी भूमिका निभाकर इन वेद विद्यालयों ने बड़ी प्रतिष्ठा हासिल की है।
