Headlines

कोसी रेंज के DIG डॉ. कुमार आशीष ने किया इंस्पेक्शन

कोसी रेंज के DIG डॉ. कुमार आशीष ने किया इंस्पेक्शन

सुपौल में रजिस्टर में भारी खामियां उजागर; 3 दिन में सुधार के निर्देश

श्रीनारद मीडिया, स्‍टेट डेस्‍क:

सुपौल में पुलिस व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से कोसी रेंज के डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने मंगलवार को निर्मली अनुमंडल क्षेत्र का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस कार्यालयों की कार्यप्रणाली, रजिस्टर संधारण, लंबित मामलों और सीमा सुरक्षा की स्थिति की गहन समीक्षा की।निरीक्षण के दौरान कई खामियां सामने आने के बाद डीआईजी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए और तीन दिनों के भीतर सुधार करने का अल्टीमेटम दिया। गार्ड ऑफ ऑनर के साथ हुआ स्वागत डीआईजी के सुपौल पहुंचने पर पुलिस बल द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद उन्होंने सीधे निरीक्षण अभियान की शुरुआत की।उन्होंने निर्मली अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) कार्यालय, डागमारा थाना, कुनौली थाना सहित कई पुलिस प्रतिष्ठानों का दौरा किया और वहां की कार्यप्रणाली का बारीकी से जायजा लिया।

 

रजिस्टर संधारण में गंभीर लापरवाही निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ी खामी रजिस्टर संधारण में सामने आई। डीआईजी ने पाया कि कई थानों और कार्यालयों में आगंतुक रजिस्टर को ठीक ढंग से नहीं भरा जा रहा है।शिकायत लेकर आने वाले लोगों का पूरा विवरण दर्ज नहीं किया जा रहा था। कई मामलों में शिकायतकर्ता का पता, मोबाइल नंबर और शिकायत का स्पष्ट विवरण तक नहीं लिखा गया था।

 

 

डीआईजी ने इसे बेहद गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि इस तरह की अनियमितता से न सिर्फ जांच प्रभावित होती है, बल्कि पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े होते हैं। लंबित मामलों पर जताई नाराजगी निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने लंबित मामलों की भी समीक्षा की। इस दौरान यह पाया गया कि कई ऐसे केस, जिनमें चार्जशीट दाखिल हो चुकी है, वे भी लंबित सूची में दर्ज हैं। कुछ मामलों में छोटी-छोटी तकनीकी कमियों के कारण फाइलें अटकी हुई थीं, जिससे न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही थी।इस पर डीआईजी ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। तीन दिनों का दिया गया समय डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी रजिस्टरों को व्यवस्थित और अद्यतन किया जाए।उन्होंने कहा कि तीन दिनों के भीतर सभी खामियों को दूर कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

 

यदि तय समय सीमा में सुधार नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 28 मार्च को होगी समीक्षा बैठक डीआईजी ने बताया कि वे 28 मार्च को पुनः सुपौल आएंगे और सभी एसडीपीओ एवं इंस्पेक्टरों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। इस बैठक में लंबित मामलों के निपटारे, रजिस्टर संधारण और पुलिस कार्यप्रणाली में सुधार को लेकर विस्तृत चर्चा की जाएगी।उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर चल रही योजनाओं के तहत मामलों के त्वरित निष्पादन को प्राथमिकता दी जा रही है भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ेगा समन्वय निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र का भी जायजा लिया।

 

इस दौरान उन्होंने नेपाल पुलिस और एपीएफ (आर्म्ड पुलिस फोर्स) के अधिकारियों के साथ बैठक की।बैठक में सीमा सुरक्षा को मजबूत करने, आपसी समन्वय बढ़ाने और खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान को और बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।दोनों देशों के अधिकारियों ने सीमा पर अपराध नियंत्रण के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई। सदर थानाध्यक्ष पर कार्रवाई के संकेत सुपौल सदर थानाध्यक्ष के खिलाफ मिली शिकायतों पर डीआईजी ने कहा कि सरथ आर एस द्वारा शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है।उन्होंने स्पष्ट किया कि जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर मामले की जांच कर कड़ी कार्रवाई भी की जा सकती है। अधिकारियों की रही मौजूदगी निरीक्षण के दौरान राजू रंजन कुमार, राणा रणविजय सिंह, सियावर मंडल, रैमन भास्कर और शिशुपाल रविदास सहित कई पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे।

 

 

सभी अधिकारियों को डीआईजी ने अपने-अपने क्षेत्र में सुधार लाने और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। पुलिस महकमे में बढ़ी हलचल डीआईजी के इस औचक निरीक्षण के बाद जिले के पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। अधिकारियों और कर्मियों में कार्यप्रणाली सुधारने को लेकर गंभीरता देखी जा रही है। माना जा रहा है कि इस निरीक्षण के बाद पुलिस व्यवस्था में सुधार होगा और लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर डीआईजी ने अपने निरीक्षण के दौरान स्पष्ट किया कि पुलिसिंग में पारदर्शिता और जवाबदेही सबसे महत्वपूर्ण है।उन्होंने कहा कि जनता की शिकायतों का सही तरीके से संधारण और समय पर कार्रवाई ही पुलिस की विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।

 

 

बेहतर पुलिसिंग की उम्मीद डीआईजी के सख्त रुख के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में सुपौल जिले की पुलिस व्यवस्था और अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनेगी।अब सभी की नजरें 28 मार्च को होने वाली समीक्षा बैठक पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि दिए गए निर्देशों का कितना पालन हुआ है।

यह भी पढ़े

असुरों के आतंक को ईश्वर सदैव संहार करते है – मधुकर जी महाराज 

बिहार सरकार में बालिका हर क्षेत्र में आगे – विधायक  

दो घरों में करीब 8 लाख रुपये की चोरी

कलयुगी बेटे ने लाठी से पीट-पीटकर मां की कर दिया हत्या

शिक्षिका ने बेटा के लेफ्टिनेंट बनने पर सूर्य मंदिर पर उतारी मन्नत

Leave a Reply

error: Content is protected !!