दुनियाभर में श्रीराम कथा कहते हैं लेकिन सीवान में श्रीराम कथा कहने का आनंद अद्भुत:राजन जी
सीवान में राजन जी महाराज द्वारा हो रही श्रीराम कथा को मिला विश्राम, महाभंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने लिया महाप्रसाद
श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

सीवान नगर के वी एम एच ई इंटर कॉलेज के प्रांगण में हो रही नौ दिवसीय संगीतमय, लालित्यपूर्ण, रसमयी श्रीराम कथा को सोमवार को विराम मिला। अंतिम दिन श्रीराम कथा कहते हुए राजन जी महाराज ने बेहद भावुक होकर कहा कि मैं तो विश्व के हर कोने में श्रीराम कथा कहता रहा हूं। लेकिन जो आनंद की अनुभूति अपने गृहनगर में कथा कहने में होती है वह अद्भुत है। उन्होंने कहा कि मैंने 2011 में श्रीराम कथा कहना प्रारंभ किया। तकरीबन 12 साल बाद 2023 में मैंने गांधी मैदान में श्रीराम कथा कही।
इसके बाद 2026 में वी एम इंटर कॉलेज में श्रीराम कथा कहने का सौभाग्य मिला। इसके लिए उन्होंने श्रीराम कथा आयोजन समिति, सिवान को धन्यवाद दिया। सोमवार को श्री राम कथा के विराम पर महाभंडारा आयोजित हुआ जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने महाप्रसादी को ग्रहण किया। श्रीराम कथा के विराम पर श्रीराम कथा आयोजन समिति, सिवान ने नगरवासियों समेत प्रशासन तथा अन्य सहयोगियों के प्रति आभार जताया।
सोमवार को श्रीराम कथा का प्रारंभ रूपेश कुमार, नेहा गुप्ता, हर्ष कुमार आदि द्वारा श्रीराम चरित मानस की आरती के साथ हुआ। राजन जी ने हनुमान जी द्वारा सीता माता का पता लगाने के लिए लंका जाने और रास्ते में आई चुनौतियों के बारे में बताया। जामवंत के बारे में बताते हुए कहा कि हर घर, समिति में एक बुजुर्ग का होना लाभदाई रहता है क्योंकि उनके पास अनुभव होता है इसलिए परिवारजन जब भी किसी चुनौती का सामना करें तो उन्हें परिवार के ही किसी बुजुर्ग से परामर्श करना चाहिए।

राजन जी ने कहा कि जब हनुमान जी लंका के लिए चले तो सभी को काम पूर्ण होने का विश्वास हुआ क्योंकि हनुमान जी को विशेष हर्ष हो रहा था। उन्होंने कहा कि जब भी कोई काम प्रसन्न होकर किया जाता है तो उस काम के सफल होने की संभावना बढ़ जाया करती हैं।
राजन जी ने हनुमान जी के सीता माता का दर्शन करने, अशोक वाटिका के विध्वंश और लंका दहन के प्रसंग की चर्चा करते हुए कहा कि हनुमान जी प्रभु श्रीराम को अपने मन में स्मरण करते हुए सभी काम करते चले और सीता माता के बारे में सूचना भगवान श्रीराम तक पहुंचाया। लंका में विभीषण से हनुमान जी से मुलाकात फिर प्रभु श्रीराम द्वारा विभीषण का राज्याभिषेक, मेघनाथ, कुंभकर्ण, रावण विनाश की कथा सुन श्रद्धालु भक्तिभाव के सागर में गोते लगाते रहे। भगवान राम के अयोध्या में राज्याभिषेक के उपरांत श्री राम कथा को विराम दिया गया।

श्रीराम कथा आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉक्टर राजन कल्याण सिंह, स्वागताध्यक्ष डॉक्टर शरद चौधरी, संयोजक डॉक्टर रूपेश कुमार ने श्रीराम कथा के सफल संचालन के लिए सभी के सहयोग के लिए आभार जताया। फिर एक विशाल महाभंडारे का आयोजन हुआ जो दोपहर से शुरू होकर देर शाम तक चलता रहा। श्रद्धालुओं ने भी आयोजन की सराहना किया।
