सीवान के लाल डॉक्टर रामशरण पांडेय को शिशु रोग सर्जरी का मिला सबसे ऊंचा तमगा
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान नई दिल्ली के दीक्षांत समारोह में सीवान के लाल डॉक्टर रामशरण पांडेय को मिली शिशु रोग में एमसीएच (Magister of Chirurgiae) की डिग्री
श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

देश के प्रथम राष्ट्रपति देशरत्न डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद का गृह जिला सिवान मेधा की धरती मानी जाती रही है। यहां की प्रतिभाएं समय समय पर अपनी उपलब्धियों से सीवान को गौरांवित करती रहीं हैं। इसी क्रम में एक नया नाम डॉक्टर रामशरण पांडेय का जुड़ा है। विगत दिवस देश के सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान, नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के 51वें दीक्षांत समारोह में सीवान के डॉक्टर राम शरण पांडे को शिशु रोग सर्जरी में सुपर स्पेशलिटी के सबसे ऊंचे तमगे एम सी एच की डिग्री मिली है।
एम सी एच यानी Magister of Chirurgiae । यह सर्जरी की दुनिया का एक बेहद प्रतिष्ठित तमगा है। सीवान में इस खबर के आने पर स्थानीय प्रबुद्धजनों ने उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए बधाई दिया है। स्थानीय गणमान्य जनों का कहना है कि इतने योग्य और प्रशिक्षित डॉक्टर की सेवा सिवान में मिलना एक सौभाग्य ही है।
वरना शिशु रोग सर्जरी के लिए बड़े शहर ही जाना पड़ता था जो बेहद महंगा और श्रमसाध्य साबित होता था। एम्स दिल्ली के दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि भारत के उपराष्ट्रपति महामहिम श्री सी पी राधाकृष्णन रहे। इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा भी उपस्थित रहे।
यह डिग्री कितनी महत्वपूर्ण है इसका अंदाजा आप बस इस तथ्य से लगा सकते हैं कि देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान एम्स दिल्ली में शिशु रोग के एमसीएच के लिए मात्र एक सीट उपलब्ध है। माना जाता है कि तकरीबन एक लाख MBBS में मात्र एक को ही एमसीएच की डिग्री मिल पाती है। इसके तहत MS जनरल सर्जरी या DNB के बाद NEET -SS पास करके 3 साल की कठोर ट्रेनिंग करनी होती है। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की गाइडलाइन है कि सुपर स्पेशलिटी सर्जरी सिर्फ एम सी एच/DNB -SS ही कर सकता है।
मालूम हो कि डॉक्टर रामशरण पांडेय सिवान के भगवानपुर हाट प्रखंड के पिपरहिया गांव के श्री अमिताभ पांडेय और श्रीमती शकुंतला देवी के पुत्र है। इन्होंने राजकीय मेडिकल कॉलेज अकोला (नागपुर) से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की। शिशुरोग में मास्टर ऑफ सर्जरी की डिग्री उन्होंने कस्तूरबा हॉस्पिटल, भोपाल से प्राप्त किया।
उनकी पत्नी डॉक्टर नीतू पांडे स्त्री और प्रसूता रोग विशेषज्ञ हैं। वर्तमान में डॉक्टर रामशरण पांडेय हॉस्पिटल रोड स्थित मेडिसिटी हॉस्पिटल में भी सेवा दे रहे हैं। सीवान में बहुत कम समय में डॉक्टर रामशरण पांडेय ने शिशु रोग चिकित्सा में अच्छी प्रतिष्ठा हासिल किया है। उनका सुमधुर व्यक्तित्व मरीजों के लिए एक सौगात ही रहता है।
दीक्षांत समारोह में स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में एम्स के योगदान का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति महामहिम श्री सी पी राधाकृष्णन ने कहा कि यह संस्थान चिकित्सा नवाचार और स्वास्थ्य सेवा उत्कृष्टता में देश का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है, जो रोगी देखभाल और आधुनिक चिकित्सा के उच्चतम मानक स्थापित करते हुए आम लोगों के लिए काफी सस्ते दर पर इलाज प्रदान करने वाला बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि महामारी से निपटने की क्षमता से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच तक, “एम्स ब्रांड” समूचे भारत और दक्षिण-पूर्व एशियाई क्षेत्र में भरोसे और सत्यनिष्ठा का पर्याय बन गया है।
