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बांग्लादेश में हादी की मौत, हिंसा और यूनुस की चुप्पी क्या है?

बांग्लादेश में हादी की मौत, हिंसा और यूनुस की चुप्पी क्या है?

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

बांग्लादेश में छात्र नेता शरीफ ओस्मान हादी की मौत को लेकर फैली अफवाहों ने स्थिति को और विस्फोटक बना दिया है। गुरुवार देर शाम से ही बांग्लादेश के सोशल मीडिया में वहां केछात्र नेताओं की तरफ से हादी की मौत के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराने का काम जारी है।

आगामी फरवरी 2026 में बांग्लादेश में होने वाले चुनाव से पहले राजनीतिक अस्थिरता और भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव बढ़ गया है। क्योंकि, उस्मान हादी भारत विरोधी बयानबाजी के लिए जाना जाता था।

भारत की सबसे बड़ी चिंता यह है कि इन अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए वहां की अंतरिम सरकार की तरफ से कुछ नहीं किया जा रहा। प्रोफेसर मोहम्मद युनुस सरकार की तरफ से जारी बयान में भी स्थिति साफ नहीं की गई हैजबकि इस बारे में भारत की तरफ से बांग्लादेश सरकार को संदेश भी दिया गया था।

भारत की है पैनी नजर

बहरहाल, भारत पड़ोसी देश की बिगड़ती स्थिति पर बहुत ही पैनी नजर रखे हुए है लेकिन शुक्रवार को कोई बयान जारी नहीं किया गया।उधर, शुक्रवार देर शाम खबर लिखे जाने तक आंदोलनकारी छात्र संगठनों की तरफ से लगातार भारतीय उच्चायोग पर हमला करने की धमकी दी जा रही है।

छात्र संगठनों के समूह की तरफ से ‘इंडिया हादी किलर’ और ‘ग्रेटर बांग्लादेश’ जैसे भड़काऊ नारे लगाये जा रहे हैं। छात्र संगठनों के नेता टिकटाक, एक्स, फेसबुक पर इन भारत विरोधी प्रदर्शनों को खुलेआम डाल रहे हैं। बेनापोल बॉर्डर पर ”लॉन्ग मार्च टू बॉर्डर” का आयोजन किया गया, जहां प्रदर्शनकारी भारत सीमा के पास पहुंचे और नारे लगाए।

आंदोलनकारियों की तरफ से ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग की तरफ कूच करने का ऐलान भी किया गया था। हालांकि भारत के आग्रह पर उच्चायोग की सुरक्षा बढ़ाई गई है। सूचना है कि चट्टोग्राम व सिलहट स्थित भारतीय मिशन के कार्यालय पर गुरुवार को देर रात कुछ अतिवादी तत्व पहुंच गये थे। यह फिलहाल भारत की एक बड़ी चिंता है।

भारत ने वीजा संबंधी काम किया बंद

बुधवार को ही भारत ने बांग्लादेश स्थित अपने सभी मिशनों में वीजा संबंधी काम बंद करने की घोषणा कर दी थी। शुक्रवार को अवकाश का दिन रहा है। हालात को देखते हुए शनिवार को भी हालात के तनावपूर्ण रहने की संभावना है।सनद रहे कि हादी को पिछले सप्ताह ढाका में हमलावरों ने गोली मारी थी। 18 दिसंबर को सिंगापुर में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

प्रदर्शनकारी इसे भारत की साजिश बता रहे हैं। हादी, जो जुलाई, 2024 विद्रोह का प्रमुख चेहरा था “इंकिलाब मंच” का प्रवक्ता भी था। उनकी छवि भारत के कट्टर आलोचक की थी। हादी की मौत के बाद राजधानी ढाका की स्थिति और खराब हो गई है। एक हिंदू युवक की हत्या भी कट्टरपंथियों ने कर दी है।

हादी की मौत को भारत से जोड़ने के अफवाहों को रोकने के लिए अंतरिम सरकार के किसी भी मंत्री ने या किसी सुरक्षा एजेंसी ने कोई भी बयान नहीं दिया है। सूत्रों का कहना है कि बांग्लादेश की पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। पूरे देश में यह देखा जा रहा है जब स्थिति पूरी तरह से हाथ से निकलने पर ही स्थानीय पुलिस पहुंच रही है।

भारत-बांग्लादेश में तनाव

इससे हिंसा को बढ़ावा मिलता है। यह समस्या शेख हसीना की सरकार के बेदखल होने के बाद से ही बनी हुई है, जब से देश में राजनीतिक अस्थिरता बढ़ी है। छात्र संगठनों के बेहद आक्रामक रवैया को देखते हुए पुलिस अधिकारी उनके खिलाफ कार्रवाई करने से पीछे हट जाते हैं।

इस बारे में उन्हें केंद्र या राज्य प्रशासन का रवैया भी संदेह के घेरे में है। सूत्रों का कहना है कि मौजूदा हालात का और बिगड़ जाना ना बांग्लादेश के हित में होगा और ना ही भारत के। मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के साथ निरंतर संपर्क में है।

हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में भड़की हिंसा

  • 12 दिसंबर को ढाका के बिजॉयनगर इलाके में नकाबपोश हमलावरों ने शरीफ उस्मान हादी पर सिर में गोली मारी। 18 दिसंबर को सिंगापुर अस्पताल में उपचार के दौरान मौत।
  • जुलाई 2024 विद्रोह के प्रमुख नेता, इंकलाब मंच के प्रवक्ता, एंटी-हसीना और एंटी-इंडिया रुख के लिए जाना जाता था।
  • शरीफ उस्मान हादी , एंटी-हसीना और एंटी-इंडिया रुख के लिए जाने जाता था। जो आगामी चुनाव में ढाका-8 से स्वतंत्र उम्मीदवार था।
  • हादी मौत की खबर फैलते ही ढाका में हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे, न्याय की मांग की।
  • प्रदर्शनकारियों ने हमलावरों के भारत भागने का आरोप लगाया।
  • बांग्लादेश में फरवरी 2026 में होने वाले चुनाव से पहले फिर भड़की हिंसा।
Bangladesh hadi Protests (1)

किसने और क्यों किया हमला

उस्मान हादी पर उस वक्त हमला किया गया, जब वह रिक्शा में सवार होकर जा रहा था। उसे बाएं कान में गोली लगी, जिसे ढाका मेडिकल कालेज में उपचार के बाद बेहतर उपचार के लिए सिंगापुर भेजा गया। जहां उसकी मौत हो गई। हादी पर हमला किसने और क्यों किया यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।

हादी की मौत से भारत का क्या है कनेक्शन?

शरीफ उस्मान हादी की मौत को लेकर स्थानीय रिपोर्ट में बिना किसी सबूत के दावा किया जा रहा है कि इसके पीछे भारतीय लोग थे और वे भारतीय मदद से हमले के बाद भाग निकले। इसी भ्रामक बातों को बांग्लादेश में चुनाव से पहले भारत के खिलाफ भड़काने के प्रयासों के रूप में देखा गया। उस्मान हादी न केवल शेख हसीना का कट्टर दुश्मन था, बल्कि उसकी रगों में भारत के प्रति नफरत कूट-कूट कर भरी थी।

शेख हसीना को सत्ता से किया बेदखल

बांग्लादेश में हादी की मौत इसलिए भी मायने रखती है, क्योंकि इसी ने जुलाई 2024 में हुए हिंसक प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाई थी और शेख हसीना को सत्ता से बेदखल कराया था। हादी फरवरी 2024 में होने वाले आगामी चुनावों में उम्मीदवार था और हमले के समय ढाका-8 निर्वाचन क्षेत्र से स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव प्रचार कर रहा था।

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