Headlines

भारत से पाकिस्तान-अफगानिस्तान तक क्यों बदला मौसम?

भारत से पाक-अफगान तक क्यों बदला मौसम?

पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन है मुख्य कारण

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में पिछले दो दिनों से बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। बेमौसम बारिश, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि भारत के अलावा पाकिस्तान और अफगानिस्तान में भी देखने को मिल रहा है।

बारिश के कारण पारा 7 डिग्री तक गिर गया है और एक बार फिर ठंड का एहसास होने लगा है। बेमौसम बारिश वो भी मार्च के महीने में जब गर्मी की शुरुआत होती है, यह कोई सामान्य घटना नहीं है, बल्कि यह बदलते जलवायु पैटर्न का एक बड़ा संकेत भी है। बेमौसम बारिश से वैज्ञानिक भी हैरान हैं।

क्यों बदला है मौसम का पैटर्न?

दरअसल, पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होने के चलते भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के कुछ हिस्सों में एक असामान्य मौसम संबंधी घटना घट रही है। मौसम विभाग के अनुसार, यह ऊपरी हवा का एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन है जो फिलहाल उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर सक्रिय है।

1000 किमी लंबा रेन बैंड

इसके अलावा एक सीधी रेखा में बना निम्न दबाव वाला पश्चिमी विक्षोभ अफगानिस्तान से पाकिस्तान होते हुए भारत तक 1,000 किलोमीटर लंबी रेन बैंड बना रहा है। सामान्य तौर पर पश्चिमी विक्षोभ सर्दियों के महीने यानी दिसंबर-फरवरी में आते हैं, जो भूमध्य सागर से उठते हैं और उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ते हुए बर्फबारी और शीत लहर लाते हैं।

लेकिन इस बार यह विक्षोभ मार्च के महीने में एक्टिव हुआ है, जिसके कारण न सिर्फ बारिश हो रही है, बल्कि तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बर्फबारी भी देखने को मिल रही है। यही वजह है कि तापामान में गिरावट देखने को मिल रहा है।

इन राज्यों में हो रही बारिश

पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर-पश्चिमी भारत में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि देखने को मिल रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश और दक्षिण कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, केरल और तमिलनाडु में तेज बारिश की संभावना बनी हुई है।

क्या है नमी का स्रोत?

अब सवाल यह है कि इस असामान्य पश्चिमी विक्षोभ को नमी कहां से मिल रहा है तो हम आपको बता दें कि इस सिस्टम को नमी समुद्रों से मिल रही है। असामान्य पश्चिमी विक्षोभ के लिए आवश्यक नमी का स्रोत भूमध्य सागर, कैस्पियन सागर, काला सागर और फारस की खाड़ी के ऊपर होने वाला वाष्पीकरण है।

देश में बीते 24 घंटों से मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है. मौसम वैज्ञानिक इसकी वजह एक दुर्लभ पश्चिमी विक्षोभ और एक हजार किलोमीटर लंबा रेन बैंड बता रहे हैं. जलवायु वैज्ञानिकों के मुताबिक वर्तमान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ अपनी बनावट के कारण बेहद दुर्लभ है, क्योंकि इसकी ‘ट्रफ’ (कम दबाव की रेखा) करीब एक हजार किलोमीटर तक सीधी रेखा में फैली है. अपनी इसी दुर्लभ और असामान्य संरचना के कारण इसमें भयानक आंधी-तूफान और गरज वाले बादल पैदा करने की क्षमता है.

तीन-तीन देशों में तूफान

मूसलाधार बारिश, आंधी-तूफान की स्थिति सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान में भी है. पाकिस्तान और अफगानिस्तान के कुछ हिस्सों में मौसम के इस अजीबोगरीब बदलाव के चलते कहीं गरज के साथ तेज बारिश और आंधी आ रही है तो कई इलाकों में मोटे-मोटे ओले गिर चुके हैं. जबकि आमतौर पर मार्च के तीसरे हफ्ते से गर्मी अपना गियर बदलकर लोगों के पसीने छुड़ाने लगती है.

मौसम का चक्र

आमतौर पर पश्चिमी विक्षोभ यानी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्स्ट्राट्रॉपिकल साइक्लोन होते हैं. ये मेडिटेरेनियन लो से शुरू होकर उत्तर पूर्व की ओर मुड़ते हैं. अपने चक्र में आगे ये सर्दियों में बर्फबारी और शीतलहर की स्थिति बनाने के लिए अपने पीक पर पहुंचते हैं. इस बार इसके उलट, यानी अभी वाला जो एक सीधा ट्रफ है, जिसमें हाल ही में मौसम का मिजाज बदलने के पैटर्न तेजी से बढ़ रहे हैं जिनका अंदाजा लगाना आसान नहीं है.

Leave a Reply

error: Content is protected !!