बिना डॉक्टरी पढ़े रघुनाथपुर में महिला बन गई चिकित्सक, मरीजों की जान से कर रही खिलवाड़
रोज डिलेवरी, गर्भपात कराने का हो रहा है खेल
स्वास्थ्य विभाग की मिली भगत से चल रहा है खेल
एक ही व्यक्ति के पास डो डिग्री
पैसे की लालल देकर आशा मरीजों को मौत के गाल में धकेल रहे
जिला लोक शिकायत निवारण प्राधिकार लिया संज्ञान
श्रीनारद मीडिया, सीवान (बिहार):

चिकित्सक बनने के लिए मैट्रिक एवं इंटर विज्ञान की पढ़ाई कर मेडिकल प्रवेश परीक्षा पास करने के लिए बच्चों बीस बीस घंटे कड़ी मेहनत कर रहे है उसके बाद भी उनका रिजल्द नहीं आता है। अगर आता है तो पांच वर्ष मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर मरीजों का ईलाज करते हैं। लेकिन स्वास्थ्य सेवा से पैसा कमाने की लालच में फर्जी चिकित्सक, फर्जी अस्पताल खोल भोली भालि जनता को मौत के मुंह में धकेल रहे हैं।
सीवान जिला के रघुनाथपुर प्रखंड मुख्यालय में एक ऐसा ही मामला सामने आया है। जहां बिना चिकित्सक की पढ़ाई किये फर्जी डिग्री, दो स्थान पर दो प्रकार की डिग्री, फर्जी अस्पताल का बोर्ड लगा, आशा कार्यकर्ताओं, एजेंटों को पैसा की लालच देकर गर्भवती महिलाओं को नर्मल डिलेवरी, गर्भपात, आदि ईलाज के लिए भर्ती कर उनको मौत के मूंह में धकेल रहे हैं।

इस खेल में रघुनाथपुर प्रखंड के स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन एवं पुलिस की मिली भगत से इंकार नहीं किया जा सकता है। यहां तक कि स्थानीय सफेदपोश दबंगों के सहयोग से यह कारोबार खूब फल फूल रहा है। हालांकि इस मामले का उजागर जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के दायर परिवार के सुनवाई के बाद से हुआ ।
क्या है मामला
सीवान जिले के रघुनाथपुर बाजार स्थित एक कथित निजी क्लिनिक के संचालन को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला लोक शिकायत निवारण प्राधिकार के अंतिम आदेश के अनुसार मामले में स्वास्थ्य विभाग की जांच में कई अनियमितताएं सामने आई हैं, जिसके बाद नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
घटनाक्रम का क्रमवार विवरण
13 अप्रैल 2026: जिला लोक शिकायत निवारण प्राधिकार के समक्ष दायर परिवाद में आरोप लगाया गया कि सपना कुमारी द्वारा बिना वैध चिकित्सकीय योग्यता एवं आवश्यक अनुमति के मरीजों का इलाज किया जा रहा है तथा गर्भवती महिलाओं का भी उपचार किया जाता है।
14 मई 2026, सुबह 10:40 बजे: सिविल सर्जन के निर्देश पर गठित जांच दल रघुनाथपुर बाजार स्थित उक्त प्रतिष्ठान पर पहुंचा। जांच के दौरान एक महिला मरीज उपचाररत मिली। पूछताछ में स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां मरीजों को बुलाकर उपचार किया जाता है।

जांच के दौरान टीम को प्रतिष्ठान पर आवश्यक सूचना पट्ट एवं चिकित्सकीय संस्थान से संबंधित अनिवार्य बोर्ड प्रदर्शित नहीं मिला। सपना कुमारी उर्फ रानी से चिकित्सकीय कार्य से संबंधित डिग्री एवं वैध पंजीकरण प्रमाण-पत्र की मांग की गई, लेकिन आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा सके। जांच दल ने अपनी रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया कि जांच के दौरान अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।
16 मई 2026: जिला लोक शिकायत निवारण प्राधिकार ने स्वास्थ्य विभाग से मामले की जांच कर विस्तृत प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
6 जून 2026: प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा जांच प्रतिवेदन जिला लोक शिकायत निवारण प्राधिकार के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिसमें स्थल निरीक्षण के दौरान पाई गई अनियमितताओं का उल्लेख किया गया।
9 जून 2026: जिला लोक शिकायत निवारण प्राधिकार ने उपलब्ध अभिलेखों एवं जांच रिपोर्ट पर विचार करते हुए अंतिम आदेश पारित किया। आदेश में कहा गया कि यदि संबंधित प्रतिष्ठान बिना वैध चिकित्सकीय योग्यता एवं आवश्यक अनुमति के संचालित पाया जाता है, तो नैदानिक स्थापना (क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट) अधिनियम एवं नैदानिक स्थापना नियमावली-2010 के तहत नियमानुसार विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा अनुपालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। अब स्थानीय लोगों की निगाहें स्वास्थ्य विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। वही जांच टीम के आने के बाद सपना कुमारी किसी अन्य डा० के साथ मिल कर प्रशासन को चकमा देने के लिए पुनः स्थान बदल कर उपचार करना प्रारम्भ कर दी है।
जगह जो बदल कर बगल मे नया बोर्ड लगाई है, पहले पर्ची पर 𝙱 𝙰 𝙼 𝚂(𝚙𝚊𝚝𝚗𝚊) लिखी थी,और अब नये जगह पर रानी कुमारी उर्फ सपना कुमारी 𝙱 𝙴 𝙼 𝚂 लिखी है, आपको बता दे कि 𝙱 𝙴 𝙼 𝚂 का कोई भी काउंसलि रजिस्ट्रेशन नही करता है,तो कहा से ये रजिस्ट्रेशन करवा कर रजिस्ट्रेशन नम्बर भी लगा ली है। हर समय प्रशासन को चकमा देने का कार्य कर रही है।
विदित हो कि यह छोला छाप महिला डा० जिसका नाम सपना उर्फ रानी कुमारी है कुछ बाहुबली लोगों के सह मे मेडिकल फील्ड में ऐसा कुकृत्य कर रही है,और हमारे समाज को दूषित कर रही है,शासन से मांग है की ऐसे समाज में डॉक्टर के पेशा को बदनाम करने वाली महिला को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
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