दस वर्ष में 89 पेपर लीक,धर्मेंद्र प्रधान पद से हटे-कांग्रेस
श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

कांग्रेस ने पेपर लीक के कारण नीट परीक्षा रद होने के मामले में सरकार पर हमला तेज करते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ ही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के क्रिया-कलापों की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच कराने की मांग की है।
जेपीसी का गठन कर पेपर लीक में शामिल दोषियों को सख्त सजा दिए जाने की भी पार्टी ने आवाज उठाई है। साथ ही एनटीए को विफल एजेंसी बताते हुए नए सिरे से होनेवाली नीट प्रवेश परीक्षा किसी अन्य विश्वसनीय सरकारी संस्था के माध्यम से कराए जाने की भी पार्टी ने मांग की है।
कांग्रेस ने की धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी समेत पार्टी का संपूर्ण शीर्ष नेतृत्व नीट पेपर लीक के कारण छात्रों की बढ़ी परेशानी को लेकर सरकार पर तीखे सवाल दाग रहा है।
इस क्रम में पार्टी की ओर से बुधवार को युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भान चिब तथा छात्र इकाई NSUI के अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पेपर लीक को छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बताते हुए धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और जेपीसी गठन की मांग की।
10 साल में 89 पेपर लीक- उदय भान चिब
चिब ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में 89 पेपर लीक हो चुके हैं और 48 बार परीक्षाएं दोबारा करानी पड़ीं तथा 2017 में एनटीए के गठन के बाद से पेपर लीक लगातार जारी है। पेपर लीक होने से छात्रों का पूरे सिस्टम पर भरोसा टूट जाता है। चिब ने सवाल उठाया कि एनटीए का ऑडिट कौन करता है और निजी वेंडरों को परीक्षाएं आयोजित करने का काम देने का आधार क्या है?
एनटीए केवल माफी मांग कर खानापूर्ति कर देता है- उदय भान चिब
उन्होने कहा कि 2024 में जिन एनटीए महानिदेशक के कार्यकाल में पेपर लीक हुआ था, उन्हें छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री का प्रधान सचिव बना दिया गया। विनोद जाखड़ ने कहा कि पेपर लीक की घटनाएं हमारी शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं और सिर्फ परीक्षा रद करना समस्या का समाधान नहीं है।
पेपर लीक के बाद एनटीए केवल माफी मांग कर खानापूर्ति कर देता है और सरकार ऐसे मामलों में कोई जिम्मेदारी तय नहीं करती। लगातार ऐसी घटनाओं से छात्रों में भारी हताशा है।
नीट 2026 पेपर लीक का केंद्र राजस्थान-विनोद जाखड़
जाखड़ ने आरोप लगाया किया कि नीट 2026 पेपर लीक का केंद्र राजस्थान है और इसे भाजपा सरकार से राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ है तथा सीकर, कोटा तथा जयपुर जैसे कोचिंग हब में अधिकांश कोचिंग संस्थान भाजपा नेताओं के हैं।
ताजा पेपर लीक में जमवारामगढ़ के आरोपी दो भाइयों के बारे में जाखड़ ने दावा कि वे दोनों भाजपा युवा मोर्चा से जुड़े हैं और उनकी तस्वीरें भाजपा के बड़े-बड़े नेताओं के साथ हैं।
वकील तन्वी दुबे के जरिए दायर इस याचिका में एनटीए को बदलने या उसका बुनियादी पुनर्गठन करने और न्यायिक निगरानी में NEET-UG 2026 की परीक्षा दोबारा आयोजित करने के निर्देश देने की मांग की गई है।
याचिका में क्या मांग की गई?
- इस याचिका में अदालत से केंद्र सरकार को यह निर्देश देने की मांग की गई है कि वह NEET परीक्षाओं के आयोजन के लिए एनटीए की जगह किसी ज्यादा मजबूत, तकनीकी रूप से उन्नत और स्वायत्त संस्था को नियुक्त करे।
- इस याचिका में एक उच्च-स्तरीय निगरानी समिति के गठन की भी मांग की गई है, जिसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे और जिसमें एक साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ तथा एक फोरेंसिक वैज्ञानिक भी शामिल होंगे।
- इस समिति का कार्य तब तक NEET-UG 2026 की परीक्षा के पुनः आयोजन की निगरानी करना होगा, जब तक कि औपचारिक रूप से एक नई स्वतंत्र परीक्षा संस्था का गठन नहीं हो जाता।
- इस याचिका में यह निर्देश देने की मांग की गई है कि NEET-UG 2026 को एक न्यायिक रूप से नियुक्त उच्च-स्तरीय समिति की निगरानी में तब तक दोबारा आयोजित किया जाए, जब तक कि प्रस्तावित NEIC या इस न्यायालय द्वारा गठित कोई अंतरिम निगरानी समिति, संशोधित परीक्षा प्रक्रिया की सुरक्षा को सत्यापित और प्रमाणित न कर दे।
- इसके अलावा, याचिका में प्रश्न पत्रों की डिजिटल लॉकिंग और ‘फिजिकल चेन-ऑफ-कस्टडी’ से जुड़े जोखिमों को खत्म करने के लिए ‘कंप्यूटर आधारित टेस्ट’ (CBT) मॉडल अपनाने के निर्देश देने की मांग की गई है।
- FAIMA ने सीबीआई को यह निर्देश देने की भी मांग की है कि वह NEET-UG 2026 के कथित पेपर लीक की जांच के संबंध में चार हफ्तों के भीतर सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करे। इस रिपोर्ट में पहचाने गए नेटवर्क, की गई गिरफ्तारियों, जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं और अभियोजन की प्रगति का विवरण शामिल होना चाहिए।
- याचिका में यह भी मांग की गई है कि NEET-UG 2026 के सेंटर-वार नतीजे उपलब्ध होते ही प्रकाशित किए जाएं, ताकि किसी भी विसंगति का पता पारदर्शी तरीके से लगाया जा सके।
सीबीआई को सौंपी गई मामले की जांच
यह याचिका एनटीए द्वारा 3 मई को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा को रद किए जाने के कुछ दिनों बाद दायर की गई है। यह फैसला पेपर लीक के आरोपों के बाद लिया गया था, जिसके बाद केंद्र सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी।
रिपोर्ट्स में कहा गया है कि व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर सर्कुलेट हो रहे गेस पेपर्स के 100 से ज्यादा सवाल कथित तौर पर असली परीक्षा के पेपर से मेल खाते थे।
