ईरान ने दिखाया मिसाइलों का जखीरा,क्यों?
श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

ईरान के नये वीडियो में मिसाइलों का जखीरा साफ नजर आ रहा है. जिसे हिमशैल का सिरा बताया गया है. सरकारी मीडिया, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (आईआरआईबी) ने यह वीडियो अमेरिकी दावे को गलत साबित करने के लिए किया है. ट्रंप ने दावा किया था कि हमले में ईरान की सैन्य क्षमताएं पूरी तरह से नष्ट हो चुकी हैं. आईआरआईबी न्यूज के फुटेज में जमीन के अंदर मिसाइलों की कतारें दिखाई दे रही हैं, जो ईरान की मिसाइल ताकत को दिखाती है.
खतरनाक टेक्नोलॉजी के साथ युद्ध कर रहा ईरान
इजराइल और अमेरिकी हमले का ईरान ने अब तक तगड़ा जवाब दिया है. ईरान टेक्नोलॉजी आधारित युद्ध कर रहा है. इजराइल और अमेरिका को जवाब देने के लिए ईरान सस्ते ड्रोन और लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल कर रहा है. हाल ही में ईरान ने 4000 किलोमीटर दूर हिंद महासागर स्थित अमेरिकी मिलिट्री बेस डिएगो गार्सिया पर मिसाइल दागा था. ईरान के इस हमले ने अमेरिकी की नींद उड़ा दी. एक ओर ईरान इजराइल और अमेरिका पर सस्ते ड्रोन को भेजकर हमला कर रहा है, तो उसे डिस्ट्रॉय करने के लिए यूएस को करोड़ों रुपये का मिसाइल छोड़ना पड़ रहा है.
ईरान का दावा – कड़ी चेतावनी के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति पीछे हटे
ईरान ने दावा किया है कि कड़ी चेतावनी के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पीछे हटे हैं. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट किया और बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की समय सीमा को पांच दिन के लिए बढ़ाने का फैसला लिया गया है.अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान एक समझौता करना चाहता है. ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान के साथ कोई समझौता हो जाता है, तो अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण यूरेनियम को अपने कब्जे में लेने के लिए कदम उठाएगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नरम रुख पर ईरान ने प्रतिक्रिया दी है. तेहरान ने दावा किया कि पहले कड़ी धमकी देने वाला अमेरिका अब पीछे हटता दिख रहा है. ईरानी सरकारी टेलीविजन ने सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस फैसले पर कहा कि उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने के लिए ईरान को जो अल्टीमेटम दिया था उसे पांच दिन के लिए बढ़ा दिया है.
ट्रंप का 48 घंटे वाला अल्टीमेटम मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय समयानुसार रात करीब 12 बजे समाप्त होने वाला था, लेकिन ट्रंप ने सोमवार को कहा कि उन्होंने इसे आगे बढ़ाने का फैसला किया है. इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरानी सरकारी टीवी ने स्क्रीन पर एक ग्राफिक चलाया, जिसमें लिखा था- ईरान की कड़ी चेतावनी के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति पीछे हटे.
ईरानी दूतावास ने किया ट्वीट
अफगानिस्तान स्थित ईरानी दूतावास ने भी सोमवार को एक ट्वीट कर कहा कि ईरान की कड़ी चेतावनी के बाद अमेरिका ने उसके ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले की योजना फिलहाल टाल दी है. डोनाल्ड ट्रंप के ताजा बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान ने कहा कि उसकी सख्त चेतावनी के बाद अमेरिका पीछे हट गया और अपनी रणनीति बदलने को मजबूर हुआ है.
ईरान ने क्या दी थी धमकी?
अमेरिकी राष्ट्रपति के 48 घंटे वाले अल्टीमेटम के बाद ईरान की ओर से कहा गया था कि अगर अमेरिका अपने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बिजली संयंत्रों पर हमले की धमकी पर अमल करता है, तो तेल और अन्य निर्यात के लिए अहम होर्मुज जलडमरूमध्य को तत्काल पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा. ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर कलीबाफ ने भी सोशल मीडिया एक्स अपना रिएक्शन देते हुए कहा कि यदि ईरान के बिजली संयंत्रों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जाता है, तो पूरे क्षेत्र के अहम बुनियादी ढांचे को टारगेट किया जाएगा. खाड़ी देशों में पीने के पानी के लिए महत्वपूर्ण ऊर्जा और जल शोधन प्रतिष्ठानों को भी निशाना बनाया जाएगा.
फारस की खाड़ी में बिछा देंगे बारूदी सुरंगें- ईरान
वहीं, ईरान की रक्षा परिषद ने भी सोमवार को चेतावनी दी कि अगर ईरान पर जमीनी हमला हुआ तो वह पूरे फारस की खाड़ी में समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछा देंगे. रक्षा परिषद ने कहा- दुश्मन द्वारा ईरान के तटों या द्वीपों को निशाना बनाने का कोई भी प्रयास स्वाभाविक रूप से और स्थापित सैन्य प्रथाओं के अनुसार फारस की खाड़ी और तटीय इलाकों में पहुंच के सभी मार्गों को बारूदी सुरंगों से भर देने का कारण बनेगा.
ट्रंप का बयान- अमेरिका पांच दिन तक ईरान के पावर प्लांट पर नहीं करेगा हमला
इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के लिए दी गई समय सीमा बढ़ा दी. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका पांच दिन के लिए ईरान के पावर प्लांट पर हमले नहीं करेगा. ट्रंप ने सोमवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट ट्रुथ सोशल पोस्ट कर इसकी जानकारी दी. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बहुत अच्छी और सार्थक बातचीत हुई है जिससे युद्ध का पूर्ण और निर्णायक समाधान निकल सकता है. ट्रंप ने कहा कि बातचीत पूरे सप्ताह जारी रहेगी, वार्ता की प्रगति के आधार पर ही अगला कदम तय किया जाएगा.
मिडिल ईस्ट में जारी है जंग, सैकड़ों लोगों की मौत
अमेरिका और ईरान की बयानबाजी के बीच मीडिल ईस्ट की जंग जारी है. 28 फरवरी से शुरू हुई जंग अब 24वें दिन में पहुंच गई है. अब तक युद्ध में 2 हजार से ज्यादा लोगों की मौत की खबर है. ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1500 से अधिक हो गई है. वहीं, इजराइल में ईरानी हमलों में 15 लोग मारे गए हैं. कब्जे वाले वेस्ट बैंक और अरब देशों में कम से कम 13 अमेरिकी सैन्यकर्मी और एक दर्जन से अधिक नागरिक मारे गए हैं.
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