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 सिधवलिया की खबरें : रास्ता बंद करने के विवाद में दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट

सिधवलिया की खबरें : रास्ता बंद करने के विवाद में दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट श्रीनारद मीडिया, सिधवलिया, गोपालगंज (बिहार):   रास्ता बंद करने के विवाद में दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हो गई। घटना महम्मदपुर थाना क्षेत्र के हरपुर टेंगराही गांव की है। जानकारी के अनुसार, रास्ते को लेकर हुए विवाद में…

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पुस्तक ‘शूद्रों का सच’ इस विषय पर समाज मे व्याप्त भ्रांतियों से धूल हटाने का एक शोधपरक प्रयास है: मिथिलेश के सिंह

पुस्तक ‘शूद्रों का सच’ इस विषय पर समाज मे व्याप्त भ्रांतियों से धूल हटाने का एक शोधपरक प्रयास है: मिथिलेश के सिंह श्रीनारद मीडिया, स्‍टेट डेस्‍क: पटना,बिहार में गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के सहायक कुल सचिव तथा इतिहास एवं संस्कृति से जुड़े विषयों के मशहूर लेखक मिथिलेश के सिंह ने कहा कि प्राचीन, मध्य,औपनिवेशिक तथा…

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शब्द, समय और सच के बीच: हिंदी पत्रकारिता की अनकही धड़कन

शब्द, समय और सच के बीच: हिंदी पत्रकारिता की अनकही धड़कन हिंदी पत्रकारिता दिवस पर विशेष आलेख श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क समाचार कभी केवल सूचना नहीं होते; वे समय की धड़कनों पर रखी उँगलियाँ होते हैं। जब मनुष्य ने पहली बार अपनी बात को अक्षरों में बाँधा, तब शायद उसे यह अंदाज़ा नहीं रहा होगा…

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हिंदी पत्रकारिता के दो सौ वर्ष

हिंदी पत्रकारिता के दो सौ वर्ष 30-05-1826 से 30-05-2026 श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क आज हिंदी पत्रकारिता दिवस है। अर्थात आज से ठीक दो सौ वर्ष पूर्व 30 मई 1826 को कानपुर के व्यवसायी पंडित युगल किशोर शुक्ल ने कोलकाता से हिंदी में ‘उदंत मार्तंड’ नाम से अखबार निकाल कर हिंदी पत्रकारिता का आरंभ किया था।…

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नये मिज़ाज के शहर में मनुष्य की उदासी

नये मिज़ाज के शहर में मनुष्य की उदासी श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क कोई हाथ भी न मिलाएगा जो गले मिलोगे तपाक से। ये नए मिज़ाज का शहर है, ज़रा फ़ासले से मिला करो।।~ बशीर बद्र कोई हाथ भी न मिलाएगा जो गले मिलोगे तपाक से” केवल एक सामाजिक सावधानी नहीं है बल्कि आधुनिक मनुष्य की…

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फ्रांस में फिल्मों का मेला

फ्रांस में फिल्मों का मेला श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क भूमध्यसागर के किनारे जब शाम उतरती है, तब फ्रांस का वह छोटा-सा नगर अचानक किसी विशाल स्वप्न की तरह चमकने लगता है। समुद्र की सतह पर रोशनियाँ काँपती हैं और दूर से आती हवाओं में इत्र, नमक, शराब और कैमरों की फ्लैश एक साथ घुलने लगती…

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राजनीति साहित्य को क्यों अपना उपनिवेश बनाए रखना चाहती है?

राजनीति साहित्य को क्यों अपना उपनिवेश बनाए रखना चाहती है? श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क   राजनीति को साहित्य से केवल भय ही नहीं होता, आकर्षण भी होता है। राजनीति जानती है कि जनता का मन केवल योजनाओं और भाषणों से नहीं जीता जा सकता। मनुष्य आँकड़ों से कम, कथाओं से अधिक प्रभावित होता है। इसीलिए…

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राणाप्रताप आज भी इस राष्ट्र के असंख्य युवकों के हृदय में जी रहे हैं

राणाप्रताप आज भी इस राष्ट्र के असंख्य युवकों के हृदय में जी रहे हैं राणा! तू सिर्फ योद्धा नहीं, आत्मसम्मान की परिभाषा है, तेरी गाथा हर भारतवासी की श्रद्धा और अभिलाषा है श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क वीर प्रसूता राजस्थान के परम स्वाभिमानी योद्धा, मेवाड़ के गौरव और पराक्रम के प्रतीक महाराणा प्रताप जी की जयंती…

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सोमनाथ:जहाँ समुद्र शिव का नाम जपता है

सोमनाथ:जहाँ समुद्र शिव का नाम जपता है मंदिर निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने पर विशेष आलेख श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क अरब सागर की लहरें जब सोमनाथ के पत्थरों से टकराती हैं, तब लगता है जैसे जल किसी मंदिर से नहीं, समय से संवाद कर रहा हो। समुद्र का अपना कोई धर्म नहीं होता, फिर…

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नेनुआ के फूल: जीवन की सबसे बड़ी सच्चाइयां अक्सर सबसे साधारण रूपों में छिपी होती हैं

नेनुआ के फूल: जीवन की सबसे बड़ी सच्चाइयां अक्सर सबसे साधारण रूपों में छिपी होती हैं श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क  आस~पास नेनुआ के पौधे बहुतायत से मिल जाते हैं। कुछ किसान तो इसकी खेती करते हैं। यह इलाका तरकारी~बहुल तथा हरा~भरा कहा जा सकता है । मैं कहीं निकलता हूं तो नेनुआ के सबसूरत पीले फूल मन…

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झाल-मुड़ी : एक मुट्ठी लोक-स्मृति

झाल-मुड़ी : एक मुट्ठी लोक-स्मृति श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क झारग्राम की एक दुकान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झालमुड़ी खाई। वह क्षण कैमरे में कैद हुआ। इंस्टाग्राम पर चौबीस घंटों में दस करोड़ बार देखा गया। फेसबुक पर नौ करोड़। गूगल पर झालमुड़ी के सर्च पिछले बाइस सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए। एक साधारण स्ट्रीट…

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निदा व्यक्ति नहीं है, चरित्र है,क्यों?

निदा व्यक्ति नहीं है, चरित्र है,क्यों? श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क संसार में कम से कम स्त्रियों से तो यह उम्मीद की ही जाती है कि उनके सामने किसी स्त्री की प्रतिष्ठा नहीं जाएगी। कहीं अकेले में भयभीत हुई युवती यदि किसी स्त्री को देख ले तो उसे बल मिलता है। स्कूल की प्रिंसिपल स्त्री हो…

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बिहार के युवाओं का पलायन: हर सरकार का वादा, हर पीढ़ी की मजबूरी

बिहार के युवाओं का पलायन: हर सरकार का वादा, हर पीढ़ी की मजबूरी क्या यह राजनीति की असफलता का सबसे बड़ा प्रतीक है? श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क “पलायन” शब्द बिहार के संदर्भ में कोई नई घटना नहीं है; यह एक लम्बी, थकी हुई परंपरा है जो हर पीढ़ी के साथ अपने अर्थ और विस्तार को…

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दूसरी बार श्री अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन हेतु

दूसरी बार श्री अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन हेतु श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क सदर हस्पताल , गोरखपुर में ” हेल्थ फिटनेस रिपोर्ट ” के लिए लाइनों में लग – लग कर विभिन्न जांच की प्रक्रिया शुरू की। इस बार मेरे साथ पिछली बार के सहयात्रियों में से केवल श्री शिवाकांत तिवारी जी और उनकी धर्मपत्नी…

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