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शंकराचार्य जी ने कहा गाय बचाकर पापमुक्त होने का सनातनियों के पास अंतिम अवसर

शंकराचार्य जी ने कहा गाय बचाकर पापमुक्त होने का सनातनियों के पास अंतिम अवसर

श्रीनारद मीडिया / सुनील मिश्रा वाराणसी उत्तर प्रदेश

आगरा,8.6 26 / परमधर्माधिश ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरू शंकराचार्य स्वामिश्री: अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती जी महाराज ने कहा कि आज़ादी के समय 90 करोड़ गायें थीं,आज शुद्ध नस्ल की 2 करोड़ बची हैं, जिसमें से भी 80,000 रोज़ काटी जाती है।शंकराचार्य जी ने आगरा एवं फ़िरोज़ाबाद जिले में कई जनसभाओं को संबोधित किया। प्रत्येक स्थान पर मौजूद लोगों ने गौ रक्षा का संकल्प लिया। सिकन्दरा आगरा की बजरंग कॉलोनी में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासंघ के पूर्व प्रदेश महामंत्री पं सचिन चतुर्वेदी के घर पर शंकराचार्य जी के चरण पादुका का सविधि पूजन हुआ,जिसके अनंतर पत्रकार वार्ता एवं गौसभा हुई जिसमें हजारों के संख्या में गौभक्त उपस्थित थे।उपस्थित गौभक्तों को शंकराचार्य जी महाराज ने गौरक्षा हेतु श्रेष्ठ योगदान प्रदान करने का संकल्प कराया इस दौरान शंकराचार्य जी महाराज ने पं सचिन चतुर्वेदी को आगरा परिक्षेत्र का अपना प्रतिनिधि घोषित किया।

‘गाय हर हिन्दू पूजा की नींव है, उसके बिना कोई पूजा पूर्ण नहीं’ महाराजश्री ने कहा दीया जलाने के लिए घी चाहिए। मूर्ति का अभिषेक पंचामृत से होता है। पूजा स्थान गोबर से शुद्ध होता है। आरती के लिए दूध चाहिए। बड़े यज्ञ-याग घी और दूध के बिना असंभव हैं। सृष्टि के प्रारम्भ में ब्रह्मा जी ने दो चीजें दीं: गाय और ब्राह्मण। गाय दूध देगी, ब्राह्मण मंत्र बोलेगा, यज्ञ होगा और उसी से सृष्टि का संवर्धन होगा। ‘मुगलों ने चिढ़ाने के लिये गाय को मारा, अंग्रेज़ों ने खाने के लिए महाराजश्री ने कहा कि मुग़ल आक्रमणकारियों ने कभी- कभी गाय मारी, लेकिन खाने के लिए नहीं, हिन्दुओं का मनोबल तोड़ने के लिए। कई मुग़ल बादशाहों ने तो अपने शासन में गौ वध को कानूनी रूप से प्रतिबंधित किया था। भारत में पहली बार खाने के लिए गाय अंग्रेज़ों ने काटी। जैसे ही हिन्दुओं को पता चला, आक्रोश उठा और वही आक्रोश स्वतंत्रता संग्राम की नींव बना। मंगल पांडेय 9 साल से अंग्रेज़ों की सेना में था, लेकिन जब पता चला कि जिस कारतूस को दाँत से खोलता है उसमें गाय की चर्बी है, उसने बगावत कर दी और प्राण दे दिए। यह स्वतंत्रता संग्राम गौ रक्षा के कारण शुरू हुआ।”हर नेता ने कहा था: आज़ादी की पहली सुबह गौ हत्या बंद, लेकिन अब ज्यादा महाराजश्री ने बताया कि स्वतंत्रता सेनानी नेताओं ने आज़ादी की पूर्व संध्या पर वचन दिया था कि आज़ादी की पहली सुबह से ही गौ हत्या बंदी का कानून जारी होगा। ये बयान भी कई किताबों में दर्ज हैं। 70 साल बाद भी गौ हत्या बंद नहीं हुई, बल्कि बढ़ गई। आज विश्वगुरु का देश, विश्व का सबसे बड़ा बीफ़ निर्यातक है।’

आज 2 करोड़ शुद्ध नस्ल — 80,000 रोज़ कटती हैं, यह अंतिम अवसर’ महाराजश्री ने बताया आज़ादी के समय 80- 90 करोड़ गायें थीं। इंसान 30 करोड़ से 150 करोड़ हो गये, यानी आबादी पांच गुना बढ़ गई। गायों की संख्या मात्र 17-18 करोड़ रह गई। इनमें से भी 4-5 करोड़ विदेशी नस्ल, 8-9 करोड़ संकरित, शुद्ध देसी गाय, जिसका गोमूत्र और गोबर वेदों में पवित्र माना गया है केवल 1-2 करोड़ बची है। भारत में 10,000 से अधिक गायों की नस्लें थीं, सरकार आज 53 बताती है। वैज्ञानिकों ने कहा कि केवल 30-35 नस्लें ही बचीं हैं, बाकी सिर्फ कागजों में ही है और 80,000 रोज़ कट रही हैं। यही अंतिम अवसर है। अभी खड़े हो गए तो गाय बच सकती है। नहीं खड़े तो जुरासिक पार्क फिल्म में डायनासौर जैसे केवल दिखाई देगी।’

‘बूचड़खाने को मुफ़्त बिजली — मंदिर के एक बल्ब का बिल’ महाराजश्री ने कहा कि बूचड़खानों को मुफ़्त बिजली दी जा रही है ताकि हर वर्ष करोड़ों पशुओं को सस्ते में काटा जा सके। सब्सिडी, आसान लाइसेंस, आधुनिक उपकरण सब सरकारी खर्चे पर और अगर आपके शिव मंदिर में एक बल्ब है तो उसका भी बिजली का बिल आएगा। महाराजश्री ने प्रश्न उठाया कि मंदिर के एक बल्ब का बिल और दूसरी तरफ बूचड़खाना मुफ़्त। यह उस सरकार की नीति है जिसे आपने चुना, क्या इसके लिए चुना था?’आप ही असली सरकार हैं, वोट का दुरुपयोग करने वालों को ब्लैकलिस्ट करो महाराजश्री ने राजनीतिक जवाबदेही का प्रश्न सीधे रखते हुए कहा कि हमारी संवैधानिक व्यवस्था में आप मूल संप्रभु हैं। सरकार आपकी प्रतिनिधि है। आपकी ओर से अधिकार का प्रयोग करने वाली, अपने अधिकार से नहीं, जब कोई अमानत का दुरुपयोग करे तो अमानत वापस लो।

उन्होंने लोगों से प्रश्न करते हुए पूछा कि क्या आपने बूचड़खाने को लाइसेंस देने के लिए वोट दिया था? क्या गाय को 70 साल और पशु सूची में रखने के लिए वोट दिया था ? गोरक्षवाणी में गुरु गोरखनाथ जी स्वयं कहते हैं, गाय हमारी माता है और जो व्यक्ति गोरखनाथ के शिष्य होने का दावा करता है। वह वही वचन नहीं बोल सकता। यही असली और नकली का अंतर है। आप यह अंतर पहचानिए और उसे ब्लैकलिस्ट कीजिए जो आपके वोट का दुरुपयोग करता है।’उक्त जानकारी शंकराचार्य जी महाराज के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने दी है।

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