बचपन की यादें अमृत है-अजय सिंह सिसोदिया
बचपन की यादें अमृत है–अजय सिंह सिसोदिया श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क हम अपने गाँव के ही स्कुल मे पढ़ते थे ..तिसरी कक्षा तक अपने बैठने का साधन साथ ले जाया करते …वो साधन था बोरा-चट्टी…! तब परीक्षा तो होती नहीं थी, हा बिन परीक्षा के हमारा बोरा चट्टी सब पास हो जाता था , हम…
