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सेमर का फूल सुंदरता, प्रेम एवं क्षणभंगुरता का प्रतीक है

सेमर का फूल सुंदरता, प्रेम एवं क्षणभंगुरता का प्रतीक है पत्तों से रहित वृक्षों पर फूलने वाला यह सेमर का फूल सटीक समय का सूचक है ” सुंदर होना आवश्यक नहीं, जरूरी है समय पर खिलना।” ✍🏻 राजेश पांडेय श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क ऋतुओं के राजा बसंत में प्रकृति ने अपना श्रृंगार कर लिया है।…

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जब तक यह संवाद जीवित है, तब तक फगुआ नहीं मरेगा

जब तक यह संवाद जीवित है, तब तक फगुआ नहीं मरेगा फगुआ महज, एक पर्व भर नहीं है, वह लोक के भीतर धड़कती कविता है श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क आज होली है। फागुन की इस दोपहर में कोई पुरानी स्मृति-धुन लौट रही है। हवा में गीले आम्र-मंजरियों की गंध है। कहीं दूर घंटियों की धीमी…

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शिक्षण ही एकमात्र ऐसा पेशा है जो अन्य सभी पेशों को जन्म देता है।-प्रो. वंदना झा 

शिक्षण ही एकमात्र ऐसा पेशा है जो अन्य सभी पेशों को जन्म देता है।-प्रो. वंदना झा  श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क वर्षों पहले, मेरी बड़ी बेटी की अभिभावक-शिक्षक बैठक में, मैं विभिन्न पेशों के बारे में प्रेरणादायक पंक्तियों से सजे एक “करियर ट्री” के पास से गुज़री। डॉक्टर इलाज करते हैं। इंजीनियर निर्माण करते हैं। कलाकार…

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बटोहिया गीत पर मंत्रमुग्ध हुए तो भोजपुरी और विनम्रता से महामहिम ने जीता दिल

बटोहिया गीत पर मंत्रमुग्ध हुए तो भोजपुरी और विनम्रता से महामहिम ने जीता दिल राजेंद्र बाबू की पुण्यतिथि पर, उनकी जन्मस्थली पर आयोजित हुआ कार्यक्रम मॉरीशस के पूर्व राष्ट्रपति महामहिम पृथ्वीराज सिंह रूपन मुख्य अतिथि रहे  ✍️ गणेश दत्त पाठक श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क राजेंद्र बाबू की पुण्यतिथि पर बिहारी कनेक्ट ग्लोबल और बिहारी फाउंडेशन…

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श्रीराम कथा को लेकर सीवान नगर में निकाली गई जागरण यात्रा

श्रीराम कथा को लेकर सीवान नगर में निकाली गई जागरण यात्रा  पूज्य राजन महाराज जी के श्रीमुख से वी एम इंटर कॉलेज के प्रांगण में 8 मार्च से 16 मार्च तक श्री राम कथा होनी है  श्रीराम कथा में इस बार पर्यावरण संरक्षण का संदेश विशेष रूप से दिया जाना है ✍️गणेश दत्त पाठक श्रीनारद…

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पुण्य तिथि पर याद् किये गये सीवान के लाल डॉ. राजेंद्र प्रसाद 

पुण्य तिथि पर याद् किये गये सीवान के लाल डॉ. राजेंद्र प्रसाद  संविधान सभा में डॉ.राजेंद्र प्रसाद का योगदान निर्णायक था श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क  भारतीय संविधान के इतिहास में कुछ व्यक्तित्व ऐसे हैं जो स्वयं ग्रंथ नहीं लिखते पर उनके मौन में एक महाग्रंथ की गूंज रहती है। राजेंद्र प्रसाद का नाम उसी तरह…

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AI समिट को गंदी राजनीति का अखाड़ा बना दिया गया,क्यों?

AI समिट को गंदी राजनीति का अखाड़ा बना दिया गया,क्यों? श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला किया और आरोप लगाया कि उसने एक राष्ट्रीय कार्यक्रम को कमजोर कर करने की कोशिश की। पीएम मोदी का यह हमला कांग्रेस के उस प्रोटेस्ट को लेकर था जो एआई ग्लोबल समिट के…

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मातृभाषा पहचान और संस्कृति का आधार है

मातृभाषा पहचान और संस्कृति का आधार है भाषा के साथ खत्म हो जाती है मौलिक सभ्यता श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क  हर वर्ष 21 फरवरी विश्व में मातृभाषाओं के आहत स्वाभिमान और उसके खोए हुए आत्मविश्वास की वापसी का संकल्प और स्वप्न लेकर आती है। 1999 में यूनेस्को ने इस तिथि को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के…

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मातृभाषाओं का प्रश्न सबसे वंदनीय है

मातृभाषाओं का प्रश्न सबसे वंदनीय है विश्व मातृभाषा दिवस के अवसर पर विशेष श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क आज विश्व मातृभाषा दिवस है । आज ही के दिन पूर्वी पाकिस्तान ( आज के बंगलादेश ) के मुसलमान उर्दू की जगह बंगला को राजभाषा बनाने की माँग करते हुए अपनी ही सरकार की गोलियों के शिकार हुए…

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सरला माहेश्वरी का नहीं रहना

सरला माहेश्वरी का नहीं रहना श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क अभी शम्मी नारंग जी की पोस्ट देखी। स्तब्ध करने वाली सूचना मिली। सरला माहेश्वरी जी नहीं रहीं। आज की नयी पीढ़ी खासकर जेन-जी, शायद ही वाकिफ होंगी कि सरला माहेश्वरी के होने का मानी क्या था? जीवन में कुछ लोग ऐसे आते हैं, जो हमारे घरों…

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महाशिवरात्रि का लालित्य

महाशिवरात्रि का लालित्य श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क शिवरात्रि की रात एक साधारण रात नहीं होती; वह समय का वह बिंदु है जहाँ अँधेरा अपने भीतर एक सूक्ष्म दीप्ति को छिपाए रहता है। यह अँधेरा भय का नहीं, गर्भ का अँधेरा है—जैसे किसी आदिम शून्य में सृष्टि की पहली धड़कन छिपी हो। जिसे “निगेटिव कैपेबिलिटी” कहा…

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अभिज्ञान के पुंज: स्वर्गीय सुभाष्सकर पांडेय

अभिज्ञान के पुंज: स्वर्गीय सुभाष्सकर पांडेय चेतना की प्रतिमूर्ति: योजनाकार सुभाष्सकर पांडेय संवेदना के शृंग: अधिवक्ता सुभाष्सकर पांडेय सदाशयता, सदाचार एवं सद्भावना के दृष्टांत: लेखक सुभाष्सकर पांडेय। श्राद्ध संस्कार पर विशेष श्रद्धांजलि। ✍️ राजेश पांडेय श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क “गोरी सोए सेज पर मुख पर डारे केस चल खुसरो आपने रैन भई चहुं देस ।”…

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बौद्धिक जगत का एक सूरज हुआ अस्त!

बौद्धिक जगत का एक सूरज हुआ अस्त! नहीं रहे श्रीनारद मीडिया के संरक्षक सुभाष्कर पांडेय! ✍️ राजेश पाण्डेय श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क जो आया है वह जाएगा लेकिन विमर्श में सदैव जीवन की चर्चा होती है। परन्तु भगवान की महिमा कुछ और ही होती है। ऐसा ही हुआ जब सीवान जिले के वरीय अधिवक्ता सुभाष्कर…

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प्रभु जी, तुम चंदन हम पानी। जाकी अंग-अंग बास समानी

प्रभु जी, तुम चंदन हम पानी। जाकी अंग-अंग बास समानी संत रैदास जी के जन्मदिवस पर विशेष श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क संत रविदास का जन्म 15वीं शताब्दी में, 1377 ई. के आसपास, वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर में हुआ था ऐसा चाहूँ राज मैं, जहाँ मिले सबन को अन्न। छोट-बड़ो सब सम बसे, रैदास रहे प्रसन्न॥ रैदास…

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